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IND vs ZIM: 'मैं 10-12 गेंद ही खेल पा रहा था', अर्धशतकीय पारी से लौटा अभिषेक का आत्मविश्वास; टीम को दिया श्रेय
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: Mayank Tripathi
Updated Thu, 26 Feb 2026 11:07 PM IST
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सार
भारत ने जिम्बाब्वे को हराकर सेमीफाइनल की तरफ मजबूत कदम बढ़ा दिए हैं। उसकी इस जीत में अभिषेक शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने शानदार अर्धशतकीय पारी खेलकर फॉर्म में वापसी कर ली।
अभिषेक शर्मा
- फोटो : PTI
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विस्तार
जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय टीम की महत्वपूर्ण जीत में अहम भूमिका निभाने वाले अभिषेक शर्मा ने कहा है कि उनका आत्मविश्वास लौट आया है। अब वह निडर होकर बल्लेबाजी कर रहे हैं। बता दें कि, गुरुवार को टी20 विश्व कप के सुपर-8 मैच में जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। टीम इंडिया ने अभिषेक शर्मा (55) और हार्दिक पांड्या (50*) की अर्धशतकीय पारियों की मदद से 20 ओवर में चार विकेट पर 256 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित ओवरों में छह विकेट पर सिर्फ 184 रन ही बना सकी। उनके लिए ब्रायन बेनेट ने 97 रनों की नाबाद पारी खेली।
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अभिषेक शर्मा का धमाकेदार प्रदर्शन
इस मैच में भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने 30 गेंदों में 4 छक्कों और इतने ही चौकों के साथ 55 रन जुटाए। बाएं हाथ के ओपनर अभिषेक शर्मा ने कहा कि वह इस पारी से बेहद खुश हैं। वह टूर्नामेंट में इस पल का काफी समय से इंतजार कर रहे थे। अभिषेक लीग स्टेज में तीन बार बगैर खाता खोले आउट हुए थे। वह पेट में इन्फेक्शन के कारण नामीबिया के खिलाफ मैच भी नहीं खेल पाए थे, जिसके चलते उन्हें नई दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ 26 गेंदों में अर्धशतक लगाना भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने की कोशिश में उनके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।
इस मैच में भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने 30 गेंदों में 4 छक्कों और इतने ही चौकों के साथ 55 रन जुटाए। बाएं हाथ के ओपनर अभिषेक शर्मा ने कहा कि वह इस पारी से बेहद खुश हैं। वह टूर्नामेंट में इस पल का काफी समय से इंतजार कर रहे थे। अभिषेक लीग स्टेज में तीन बार बगैर खाता खोले आउट हुए थे। वह पेट में इन्फेक्शन के कारण नामीबिया के खिलाफ मैच भी नहीं खेल पाए थे, जिसके चलते उन्हें नई दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ 26 गेंदों में अर्धशतक लगाना भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने की कोशिश में उनके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।
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अर्धशतकीय पारी से लौटा अभिषेक का आत्मविश्वास
25 वर्षीय अभिषेक शर्मा ने मिड-इनिंग्स चैट में ब्रॉडकास्टर्स से कहा, 'जब आप टीम के लिए योगदान देते हैं तो यह हमेशा बहुत अच्छा होता है। मैं इस पल का काफी लंबे समय से इंतजार कर रहा था, आखिरकार यह हुआ। मैं सच में बहुत खुश हूं। मैं बस पिच पर कुछ समय बिताना चाहता था क्योंकि अगर आप देखें, तो मैंने पूरे टूर्नामेंट में अभी तक 10-12 गेंदें भी नहीं खेली हैं।'
अभिषेक ने अच्छा प्रदर्शन करने के लिए भारतीय टीम को भी उनका साथ देने का श्रेय देते हुए कहा, 'मैं बस कुछ समय बिताना चाहता था और टीम का खास जिक्र करना चाहता था, जिस तरह से उन्होंने अब तक मेरे साथ बर्ताव किया है। ऐसा था, जैसे, आखिर में आपको ऐसा नहीं लगेगा कि मैं टीम के लिए रन नहीं बना रहा हूं। प्रैक्टिस सेशन और होटलों में भी, वे सभी बस इस पल का इंतजार कर रहे थे। वे सभी मुझे याद दिला रहे थे कि मैंने यह पहले भी किया है, मेरा अच्छा समय अब दूर नहीं है। मैं बस विश्वास रखूं।'
25 वर्षीय अभिषेक शर्मा ने मिड-इनिंग्स चैट में ब्रॉडकास्टर्स से कहा, 'जब आप टीम के लिए योगदान देते हैं तो यह हमेशा बहुत अच्छा होता है। मैं इस पल का काफी लंबे समय से इंतजार कर रहा था, आखिरकार यह हुआ। मैं सच में बहुत खुश हूं। मैं बस पिच पर कुछ समय बिताना चाहता था क्योंकि अगर आप देखें, तो मैंने पूरे टूर्नामेंट में अभी तक 10-12 गेंदें भी नहीं खेली हैं।'
अभिषेक ने अच्छा प्रदर्शन करने के लिए भारतीय टीम को भी उनका साथ देने का श्रेय देते हुए कहा, 'मैं बस कुछ समय बिताना चाहता था और टीम का खास जिक्र करना चाहता था, जिस तरह से उन्होंने अब तक मेरे साथ बर्ताव किया है। ऐसा था, जैसे, आखिर में आपको ऐसा नहीं लगेगा कि मैं टीम के लिए रन नहीं बना रहा हूं। प्रैक्टिस सेशन और होटलों में भी, वे सभी बस इस पल का इंतजार कर रहे थे। वे सभी मुझे याद दिला रहे थे कि मैंने यह पहले भी किया है, मेरा अच्छा समय अब दूर नहीं है। मैं बस विश्वास रखूं।'
तैयारियों पर भी की बात
भारत की पारी के अंतिम ओवरों को 'वीडियो गेम जैसा' बताए जाने पर अभिषेक शर्मा ने कहा, 'बिल्कुल। जिस तरह से उन्होंने (हार्दिक पांड्या-तिलक वर्मा) पारी को फिनिश किया, उससे साफ लगा कि वही इरादा वापस आ गया है, जैसा वे चाहते थे और जैसा हमने पूरे साल खेला है। यही वह योजना थी जो हमने कल बनाई थी। एक बल्लेबाजी यूनिट के तौर पर हमारा स्पष्ट संदेश था कि अगर हमें लगे कि हमने पर्याप्त गेंदें देख ली हैं, तो फिर जाकर खुद को खुलकर खेलें। शुरुआत में सब कुछ बहुत अच्छा नहीं चल रहा था, लेकिन यही प्लान कल भी था और उससे एक दिन पहले प्रैक्टिस सेशन में भी यही बात तय हुई थी। एक बल्लेबाज और बल्लेबाजी यूनिट के तौर पर हमें जाकर खुद को व्यक्त करना है। पूरे साल हमने इसी अंदाज में खेला है और आगे भी हम एक-दूसरे का इसी तरह समर्थन करते रहेंगे।'
भारत की पारी के अंतिम ओवरों को 'वीडियो गेम जैसा' बताए जाने पर अभिषेक शर्मा ने कहा, 'बिल्कुल। जिस तरह से उन्होंने (हार्दिक पांड्या-तिलक वर्मा) पारी को फिनिश किया, उससे साफ लगा कि वही इरादा वापस आ गया है, जैसा वे चाहते थे और जैसा हमने पूरे साल खेला है। यही वह योजना थी जो हमने कल बनाई थी। एक बल्लेबाजी यूनिट के तौर पर हमारा स्पष्ट संदेश था कि अगर हमें लगे कि हमने पर्याप्त गेंदें देख ली हैं, तो फिर जाकर खुद को खुलकर खेलें। शुरुआत में सब कुछ बहुत अच्छा नहीं चल रहा था, लेकिन यही प्लान कल भी था और उससे एक दिन पहले प्रैक्टिस सेशन में भी यही बात तय हुई थी। एक बल्लेबाज और बल्लेबाजी यूनिट के तौर पर हमें जाकर खुद को व्यक्त करना है। पूरे साल हमने इसी अंदाज में खेला है और आगे भी हम एक-दूसरे का इसी तरह समर्थन करते रहेंगे।'