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Laxman Sivaramakrishnan: शिवरामकृष्णन ने अचानक कमेंट्री पैनल से हटने की घोषणा की, फैसले के पीछे बताया ये कारण
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sovit Chaturvedi
Updated Fri, 20 Mar 2026 05:32 PM IST
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सार
मशहूर क्रिकेट कमेंटेटर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने अचानक से बीसीसीआई के कमेंट्री पैनल से हटने का फैसला कर लिया। शिवरामकृष्णन ने लगातार कई ट्वीट किए और अपने फैसले की वजह का खुलासा किया।
लक्ष्मण शिवरामकृष्णन
- फोटो : Laxman Sivaramakrishnan X
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विस्तार
भारत के पूर्व लेग स्पिनर और अनुभवी क्रिकेट विशेषज्ञ लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने शुक्रवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कमेंट्री पैनल से हटने की घोषणा की है। उन्होंने टॉस और पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान उद्घोषक की भूमिका में अवसरों की कमी को अपने कमेंट्री करियर को समाप्त करने का कारण बताया। शिवरामकृष्णन ने 1980 के दशक की शुरुआत में 17 साल की उम्र में अपनी दमदार लेग-स्पिन गेंदों, गूगली और टॉप स्पिन से हलचल मचा दी थी। भले ही उनका क्रिकेट करियर लंबा नहीं चला लेकिन इसके बाद उन्होंने कमेंटेटर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई।
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शिवरामकृष्णन ने लगातार किए कई ट्वीट
शिवरामकृष्णन ने ट्वीट की एक सीरीज में अपनी निराशा व्यक्त की, जिससे पता चलता है कि वह अपने काम से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, मैं बीसीसीआई के लिए कमेंट्री से संन्यास ले रहा हूं। पिछले 23 वर्षों से मुझे टॉस और पुरस्कार वितरण समारोह के लिए नहीं भेजा गया, जबकि नए लोग पिच रिपोर्ट, टॉस और पुरस्कार वितरण समारोह के लिए भेजे जाते रहे। मुझे उस समय भी नहीं भेजा गया जब रवि शास्त्री कोचिंग कर रहे थे, तो इसका मतलब क्या हो सकता है।
शिवरामकृष्णन ने ट्वीट की एक सीरीज में अपनी निराशा व्यक्त की, जिससे पता चलता है कि वह अपने काम से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, मैं बीसीसीआई के लिए कमेंट्री से संन्यास ले रहा हूं। पिछले 23 वर्षों से मुझे टॉस और पुरस्कार वितरण समारोह के लिए नहीं भेजा गया, जबकि नए लोग पिच रिपोर्ट, टॉस और पुरस्कार वितरण समारोह के लिए भेजे जाते रहे। मुझे उस समय भी नहीं भेजा गया जब रवि शास्त्री कोचिंग कर रहे थे, तो इसका मतलब क्या हो सकता है।
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क्या रंगभेद का है मामला?
उन्होंने कहा, 'बीसीसीआई के अधिकार रखने वाली कंपनी का क्या हाल होता है कोई भी इसका अंदाजा लगा सकता है। मेरा संन्यास लेना कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन टीवी प्रोडक्शन की एक नई कहानी सामने आ रही है। जल्द ही आपके सामने पूरी तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी।' जब एक यूजर ने पूछा कि क्या उनकी त्वचा का रंग कोई मुद्दा है, तो शिवरामकृष्णन ने जवाब दिया, आप सही हैं। रंगभेद।
60 वर्षीय शिवरामकृष्णन को दो दशक से अधिक समय तक कमेंट्री बॉक्स के अंदर खुलकर अपने विचार व्यक्त करने के लिए जाना जाता रहा। शिवा नाम से मशहूर शिवरामकृष्णन ने भारत की तरफ से 1983 से 1986 के बीच नौ टेस्ट मैच और 16 वनडे खेले। वह 2000 में कमेंट्री से जुड़े। उन्होंने आईसीसी क्रिकेट समिति में खिलाड़ी प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य किया।
उन्होंने कहा, 'बीसीसीआई के अधिकार रखने वाली कंपनी का क्या हाल होता है कोई भी इसका अंदाजा लगा सकता है। मेरा संन्यास लेना कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन टीवी प्रोडक्शन की एक नई कहानी सामने आ रही है। जल्द ही आपके सामने पूरी तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी।' जब एक यूजर ने पूछा कि क्या उनकी त्वचा का रंग कोई मुद्दा है, तो शिवरामकृष्णन ने जवाब दिया, आप सही हैं। रंगभेद।
60 वर्षीय शिवरामकृष्णन को दो दशक से अधिक समय तक कमेंट्री बॉक्स के अंदर खुलकर अपने विचार व्यक्त करने के लिए जाना जाता रहा। शिवा नाम से मशहूर शिवरामकृष्णन ने भारत की तरफ से 1983 से 1986 के बीच नौ टेस्ट मैच और 16 वनडे खेले। वह 2000 में कमेंट्री से जुड़े। उन्होंने आईसीसी क्रिकेट समिति में खिलाड़ी प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य किया।