{"_id":"69c23f81d199b081b00a5bc0","slug":"ipl-2026-lsg-squad-swot-analysis-lucknow-super-giants-strengths-weaknesses-and-strategy-2026-03-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"LSG SWOT Analysis: क्या पहले खिताब का सपना पूरा होगा? लखनऊ के लिए मध्यक्रम चुनौती, राठी पर भी बड़ी जिम्मेदारी","category":{"title":"Cricket","title_hn":"क्रिकेट","slug":"cricket"}}
LSG SWOT Analysis: क्या पहले खिताब का सपना पूरा होगा? लखनऊ के लिए मध्यक्रम चुनौती, राठी पर भी बड़ी जिम्मेदारी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Swapnil Shashank
Updated Tue, 24 Mar 2026 01:08 PM IST
विज्ञापन
सार
लखनऊ सुपर जाएंट्स के पास इस सीजन मजबूत गेंदबाजी और संतुलित टॉप ऑर्डर है, लेकिन फिनिशर की कमी और चोटें चिंता बढ़ा सकती हैं। युवा खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का मौका है, जबकि टीम की सफलता काफी हद तक उनके प्रदर्शन और फिटनेस पर निर्भर करेगी।
लखनऊ का स्क्वॉड
- फोटो : IPL/BCCI
विज्ञापन
विस्तार
आईपीएल 2026 को शुरू होने में अब बस कुछ ही दिन बचे हैं। इसी कड़ी में हम आपको सभी टीमों का एनालिसिस करके बता रहे हैं। आज उस टीम के बारे में बात करेंगे, जो पहले खिताब की तलाश में है। हम बात कर रहे हैं लखनऊ सुपर जाएंट्स की। 2022 में अपने पहले सीजन में शानदार प्रदर्शन के बाद यह टीम कुछ खास नहीं कर सकी है। पिछले सीजन कप्तान से लेकर पूरी टीम बदली गई, लेकिन नतीजा कुछ खास नहीं रहा। हालांकि, इस बार इस टीम से काफी उम्मीदें हैं। टीम का टॉप ऑर्डर और तेज गेंदबाजी काफी मजबूत नजर आ रही है, लेकिन मध्यक्रम लखनऊ के लिए बड़ी समस्या बन सकता है। आइए टीम का एनालिसिस करते हैं...
पहले जानिए लखनऊ सुपर जाएंट्स का शेड्यूल (पहले फेज में)
Trending Videos
पहले जानिए लखनऊ सुपर जाएंट्स का शेड्यूल (पहले फेज में)
| तारीख | खिलाफ | स्थान | समय |
|---|---|---|---|
| 01/04/2026 | दिल्ली कैपिटल्स | लखनऊ | शाम 7:30 बजे |
| 05/04/2026 | सनराइजर्स हैदराबाद | हैदराबाद | दोपहर 3:30 बजे |
| 09/04/2026 | कोलकाता नाइट राइडर्स | कोलकाता | शाम 7:30 बजे |
| 12/04/2026 | गुजरात टाइटंस | लखनऊ | दोपहर 3:30 बजे |
ताकत
इस सीजन लखनऊ की सबसे बड़ी ताकत उनकी टीम की गहराई और अनुभव है, खासकर लीडरशिप और गेंदबाजी में। ऋषभ पंत के पूरे सीजन कप्तानी करने से टीम 2025 के मुकाबले ज्यादा संतुलित नजर आ रही है। तेज गेंदबाजी आक्रमण, जिसमें मोहम्मद शमी, एनरिक नॉर्त्जे, मयंक यादव और मोहसिन खान शामिल हैं, टीम को कई मजबूत विकल्प देता है। इसके अलावा विकल्प के तौर पर आकाश सिंह और नमन तिवारी और प्रिंस यादव जैसे विकल्प हैं।
बल्लेबाजी में टॉप ऑर्डर भी काफी मजबूत है, जहां मिचेल मार्श, मार्करम, निकोलस पूरन और ऋषभ पंत की चौकड़ी स्थिरता प्रदान करती है। वानिंदु हसरंगा और शहबाज अहमद निचले क्रम में गहराई जोड़ते हैं, जबकि दिग्वेश राठी अपनी विकेट लेने की क्षमता के चलते एक्स-फैक्टर साबित हो सकते हैं। राठी ने पिछले सीजन अपनी गेंदबाजी से काफी प्रभावित किया था। शाहबाज अहमद घरेलू टूर्नामेंट में पूरे सीजन में बल्लेबाजी में शानदार फॉर्म में रहे हैं।
इस सीजन लखनऊ की सबसे बड़ी ताकत उनकी टीम की गहराई और अनुभव है, खासकर लीडरशिप और गेंदबाजी में। ऋषभ पंत के पूरे सीजन कप्तानी करने से टीम 2025 के मुकाबले ज्यादा संतुलित नजर आ रही है। तेज गेंदबाजी आक्रमण, जिसमें मोहम्मद शमी, एनरिक नॉर्त्जे, मयंक यादव और मोहसिन खान शामिल हैं, टीम को कई मजबूत विकल्प देता है। इसके अलावा विकल्प के तौर पर आकाश सिंह और नमन तिवारी और प्रिंस यादव जैसे विकल्प हैं।
बल्लेबाजी में टॉप ऑर्डर भी काफी मजबूत है, जहां मिचेल मार्श, मार्करम, निकोलस पूरन और ऋषभ पंत की चौकड़ी स्थिरता प्रदान करती है। वानिंदु हसरंगा और शहबाज अहमद निचले क्रम में गहराई जोड़ते हैं, जबकि दिग्वेश राठी अपनी विकेट लेने की क्षमता के चलते एक्स-फैक्टर साबित हो सकते हैं। राठी ने पिछले सीजन अपनी गेंदबाजी से काफी प्रभावित किया था। शाहबाज अहमद घरेलू टूर्नामेंट में पूरे सीजन में बल्लेबाजी में शानदार फॉर्म में रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कमजोरी
डेविड मिलर को रिलीज करने के बाद टीम के पास अनुभवी फिनिशर की कमी नजर आती है। जोश इंग्लिस प्रतिभाशाली जरूर हैं, लेकिन वह स्वाभाविक फिनिशर नहीं माने जाते और वह सीजन के कुछ हिस्से में उपलब्ध भी नहीं रहेंगे। चार विदेशी खिलाने के चक्कर में उनकी जगह कैसे बनेगी, यह भी पता नहीं है, क्योंकि मार्श, मार्करम और पूरन का खेलना तय है। हसरंगा स्पिन और ऑलराउंड ऑप्शन देते हैं। मिडिल ऑर्डर अभी भी अपेक्षाकृत अनुभवहीन है, जहां आयुष बदोनी और अब्दुल समद जैसे खिलाड़ियों पर अहम ओवरों में जिम्मेदारी हो सकती है।
इसके अलावा चोट की समस्या भी टीम के लिए चिंता का विषय है। मार्श, शमी, नॉर्त्जे और मयंक यादव जैसे खिलाड़ियों की फिटनेस टीम के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है। लखनऊ के लिए चिंता का विषय वानिंदु हसरंगा की फिटनेस भी होगी। हसरंगा अगर पूरी तरह से फिट हो जाते हैं, तो टीम को इससे संतुलन मिलेगा। हसरंगा को एनओसी तो मिल गई है, लेकिन वह फिटनेस क्लीयरेंस मिलने का इंतजार कर रहे हैं। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक लखनऊ को राठी के साथ ही स्पिन में जाना होगा। शहबाज और बदोनी अन्य स्पिन विकल्प होंगे।
डेविड मिलर को रिलीज करने के बाद टीम के पास अनुभवी फिनिशर की कमी नजर आती है। जोश इंग्लिस प्रतिभाशाली जरूर हैं, लेकिन वह स्वाभाविक फिनिशर नहीं माने जाते और वह सीजन के कुछ हिस्से में उपलब्ध भी नहीं रहेंगे। चार विदेशी खिलाने के चक्कर में उनकी जगह कैसे बनेगी, यह भी पता नहीं है, क्योंकि मार्श, मार्करम और पूरन का खेलना तय है। हसरंगा स्पिन और ऑलराउंड ऑप्शन देते हैं। मिडिल ऑर्डर अभी भी अपेक्षाकृत अनुभवहीन है, जहां आयुष बदोनी और अब्दुल समद जैसे खिलाड़ियों पर अहम ओवरों में जिम्मेदारी हो सकती है।
इसके अलावा चोट की समस्या भी टीम के लिए चिंता का विषय है। मार्श, शमी, नॉर्त्जे और मयंक यादव जैसे खिलाड़ियों की फिटनेस टीम के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है। लखनऊ के लिए चिंता का विषय वानिंदु हसरंगा की फिटनेस भी होगी। हसरंगा अगर पूरी तरह से फिट हो जाते हैं, तो टीम को इससे संतुलन मिलेगा। हसरंगा को एनओसी तो मिल गई है, लेकिन वह फिटनेस क्लीयरेंस मिलने का इंतजार कर रहे हैं। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक लखनऊ को राठी के साथ ही स्पिन में जाना होगा। शहबाज और बदोनी अन्य स्पिन विकल्प होंगे।
अवसर
आईपीएल 2026 लखनऊ के लिए पिछली असफलताओं से उभरने का बड़ा मौका है। युवा खिलाड़ी जैसे आयुष बदोनी, अक्षत रघुवंशी, मुकुल चौधरी और नमन तिवारी इस सीजन में खुद को साबित कर सकते हैं। इसके अलावा केन विलियम्सन और टॉम मूडी जैसे अनुभवी सलाहकार ऋषभ पंत की कप्तानी को और बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। तेज पिचों पर टीम का पेस अटैक विरोधियों पर भारी पड़ सकता है, वहीं टीम की एकजुटता उन्हें खिताब की दौड़ में आगे ले जा सकती है।
आईपीएल 2026 लखनऊ के लिए पिछली असफलताओं से उभरने का बड़ा मौका है। युवा खिलाड़ी जैसे आयुष बदोनी, अक्षत रघुवंशी, मुकुल चौधरी और नमन तिवारी इस सीजन में खुद को साबित कर सकते हैं। इसके अलावा केन विलियम्सन और टॉम मूडी जैसे अनुभवी सलाहकार ऋषभ पंत की कप्तानी को और बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। तेज पिचों पर टीम का पेस अटैक विरोधियों पर भारी पड़ सकता है, वहीं टीम की एकजुटता उन्हें खिताब की दौड़ में आगे ले जा सकती है।
खतरा
पिछले सीजन यह दिखा चुके हैं कि मजबूत टीम होने के बावजूद जीत की गारंटी नहीं होती। अगर टीम की शुरुआत खराब रहती है, तो खिलाड़ियों का आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है। विदेशी खिलाड़ियों पर अधिक निर्भरता भी जोखिम पैदा करती है, खासकर अगर वे उपलब्ध न हों या फॉर्म में न हों। साथ ही, टीम से उम्मीदें काफी ज्यादा हैं और अगर इस बार भी प्लेऑफ में जगह नहीं बनती, तो टीम की दीर्घकालिक रणनीति पर सवाल उठ सकते हैं। लखनऊ के लिए सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि उनका बल्लेबाजी क्रम विदेशी बल्लेबाजों पर जरूरत से ज्यादा निर्भर नजर आ रहा है। पिछले सीजन भी यही कमजोरी टीम को काफी भारी पड़ी थी।
पिछले सीजन यह दिखा चुके हैं कि मजबूत टीम होने के बावजूद जीत की गारंटी नहीं होती। अगर टीम की शुरुआत खराब रहती है, तो खिलाड़ियों का आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है। विदेशी खिलाड़ियों पर अधिक निर्भरता भी जोखिम पैदा करती है, खासकर अगर वे उपलब्ध न हों या फॉर्म में न हों। साथ ही, टीम से उम्मीदें काफी ज्यादा हैं और अगर इस बार भी प्लेऑफ में जगह नहीं बनती, तो टीम की दीर्घकालिक रणनीति पर सवाल उठ सकते हैं। लखनऊ के लिए सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि उनका बल्लेबाजी क्रम विदेशी बल्लेबाजों पर जरूरत से ज्यादा निर्भर नजर आ रहा है। पिछले सीजन भी यही कमजोरी टीम को काफी भारी पड़ी थी।