उत्तराखंड पुलिस को मिली नई पहचान: सीएम ने नए ध्वज, प्रतीक चिह्न और सेरेमोनियल वर्दी का अनावरण किया, दिलाई शपथ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड पुलिस के नए ध्वज, प्रतीक चिह्न, फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया, क्रेस्ट और सेरेमोनियल वर्दी का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड पुलिस के नवीन ध्वज, प्रतीक चिह्न, फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया, क्रेस्ट और सेरेमोनियल वर्दी का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई।
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों और जवानों को नए गौरव चिह्नों के अनावरण पर बधाई देते हुए कहा कि पुलिस की पहचान को नया स्वरूप देना केवल प्रतीकों और वर्दी में बदलाव नहीं, बल्कि पुलिस बल की गौरवशाली परंपराओं, शौर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि नए प्रतीक गौरव के साथ जिम्मेदारी का एहसास भी कराते हैं। इस नई पहचान का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब हर नागरिक को पुलिस के व्यवहार में संवेदनशीलता, कार्यप्रणाली में दक्षता और कार्रवाई में निष्पक्षता दिखाई दे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उत्तराखंड पुलिस को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित, अधिक प्रशिक्षित, दक्ष और सक्षम बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस का नया ध्येय वाक्य 'कर्म सत्यं शौर्यम्' कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा और साहस का संदेश देता है। पुलिस के प्रत्येक अधिकारी और जवान को इन आदर्शों को अपने आचरण और कार्यशैली में अपनाना होगा। वर्दी का सम्मान आचरण से और जनता का विश्वास सेवा से मजबूत होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर पुलिस के नए गौरव चिह्नों का अनावरण विशेष महत्व रखता है। देश के प्रथम गृह मंत्री और राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। यह अवसर राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के संकल्प को और मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि आगामी 6 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित 'राष्ट्रपति पुलिस कलर' से अलंकृत किया जाएगा। इस अवसर पर पुलिस के जवान नई सेरेमोनियल वर्दी में परेड में भाग लेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड पुलिस अपनी नई पहचान के साथ जनसेवा, अनुशासन, दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के नए मानक स्थापित करेगी।
नए प्रतीक चिह्न में अशोक स्तंभ, हिमालय और नदी शामिल
उत्तराखंड पुलिस के नए प्रतीक चिह्न में अशोक स्तंभ, 'सत्यमेव जयते', स्वर्णिम लॉरेल रीथ, हिमालय और नदी को शामिल किया गया है, जो राष्ट्रीय गौरव, सत्य, न्याय, उत्कृष्टता और उत्तराखंड की विशिष्ट भौगोलिक पहचान को दर्शाते हैं। पहले प्रचलित तीन रंगों वाले क्षैतिज पुलिस ध्वज की जगह अब गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि वाला नया ध्वज अपनाया गया है, जिसके मध्य में नया पुलिस प्रतीक चिह्न तथा लाल और स्वर्णिम किनारे शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की वर्दी पर इस्तेमाल होने वाले फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया और क्रेस्ट को भी नए प्रतीक चिह्न के अनुरूप स्वरूप दिया गया है। साथ ही पारंपरिक खाकी परिधान में बहुरंगी सेरेमोनियल सैश, अलंकरण और विशिष्ट परेड संबंधी साज-सज्जा को शामिल करते हुए सेरेमोनियल वर्दी को नया स्वरूप दिया गया है।
उत्तराखंड पुलिस के ध्वज का अनावरण पूर्व में 4 अप्रैल 2008 को हुआ था। बदलती चुनौतियों और पुलिस बल के बढ़ते दायित्वों के अनुरूप नए गौरव चिह्न और प्रतीक तैयार किए गए हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री द्वारा 21 अक्टूबर 2026 को मंजूरी दी गई थी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक पी.वी.के. प्रसाद, महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन, सचिव दिलीप जावलकर, आर. राजेश कुमार, पंकज पांडेय, पुलिस महानिरीक्षक रिधिम अग्रवाल सहित शासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।