25 लाख की धोखाधड़ी: मगध गैंग की जांच में खुलासा; कर्नाटक के रिटायर्ड कर्मी ने दी थी जान, हरिद्वार से जुड़े तार
देशभर में साइबर ठगी करने वाले मगध गिरोह से जुड़े बिहार के पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस दौरान पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए।
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श्यामपुर पुलिस के हत्थे चढ़े बिहार के मगध साइबर ठगी गैंग के मामले की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। गैंग के शिकार कर्नाटक के एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी ने परेशान होकर कृष्णा में कूदकर जान दे दी थी। उनके साथ 25 लाख से ज्यादा की साइबर धोखाधड़ी हुई थी। इसमें से 10 लाख की रकम हरिद्वार में आरोपियों से बरामद एक बैंक खाते में ट्रांसफर हुई थी। कर्नाटक पुलिस ने भी श्यामपुर पुलिस से संपर्क साधा है। वहां से पुलिस भी जल्द हरिद्वार आ सकती है।
दरअसल, बुधवार को श्यामपुर थानाध्यक्ष नितेश शर्मा ने पुलिस टीम के साथ देशभर में साइबर ठगी करने वाले मगध गिरोह से जुड़े बिहार के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से अलग-अलग बैंकों के 35 एटीएम/डेबिट कार्ड, 14 बैंक पासबुक, 17 सिम कार्ड, 18 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और 37,500 रुपये की नकदी बरामद हुई थी।
साथ ही आरोपियों द्वारा 2.75 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी किए जाने की बात सामने आई थी। जांच में सामने आया था कि आरोपी बिहार में बैठे मगध गैंग के सरगनाओं को यहां खाते खुलवाने के बाद उनकी जानकारी भेजते थे। इन खातों में साइबर ठगी की रकम आती थी। इसके एवज में आरोपियों को 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था, जबकि जिन लोगों के नाम पर खाते होते थे, उन्हें भी कुछ रकम दी जाती थी।
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गैंग के 25 लाख की साइबर ठगी के बाद पीड़ित ने दी थी जान
श्यामपुर पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि लगातार साइबर ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर कर्नाटक के विजयपुर में एक सेवानिवृत्त कर्मचारी ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में कर्नाटक के विजयनगर के जालानगर थाने में प्राथमिकी दर्ज है। एफआईआर के अनुसार, पिछले साल रिटायर सरकारी कर्मचारी मंजुनाथ बिडारी को कई दिनों से अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन और व्हाट्सऐप कॉल आ रहे थे। आरोप है कि फोन करने वाले उनसे लगातार पैसे की मांग करते और रकम नहीं देने पर मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देते थे। इससे मंजुनाथ मानसिक रूप से परेशान रहने लगे थे। 25 लाख 27 हजार की ठगी उनसे हुई थी। सात अक्तूबर 2025 की शाम करीब साढ़े छह बजे मंजुनाथ टहलने की बात कहकर घर से निकले थे। इसके बाद वापस नहीं लौटे। 11 अक्तूबर को उनका शव कृष्णा नदी में मिला। पुलिस के अनुसार उन्होंने कोल्हार पुल से नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या की थी। परिजनों का आरोप था कि लगातार ब्लैकमेलिंग और मानसिक उत्पीड़न के कारण उन्होंने यह कदम उठाया था।
एसओ की अगुवाई में दो विशेष टीमें गठित
मगध गैंग के सरगनाओं की तलाश में टीमें बिहार भेजी जाएंगी। श्यामपुर थानाध्यक्ष नितेश शर्मा की अगुवाई में दो विशेष टीमें गठित की गई हैं। टीम में श्यामपुर पुलिस के अलावा सीआईयू और साइबर क्राइम सेल के एक्सपर्ट भी शामिल किए गए हैं। एक टीम फिलहाल स्थानीय स्तर पर भी पड़ताल रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के संपर्क वाले लोगों के साथ ही खाताधारकों की कुंडली खंगाल रही है। जल्द ही एक टीम बिहार भी रवाना की जाएगी।
साइबर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पूरे मामले की गहराई तक जांच के लिए टीमें जुटी हैं। आमजन की रकम हड़पने वाले आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगी।
- नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी, हरिद्वार