देहरादून: चुनाव खर्च न बताने पर चार प्रत्याशी तीन साल के लिए अयोग्य, आयोग ने इस नियम के तहत किया प्रतिबंधित
आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 10-क के तहत आदेश जारी कर चार अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को आगामी तीन साल की अवधि के लिए चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है।
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चुनाव आयोग ने पिछले विधानसभा चुनाव में खर्च का ब्योरा न देने वाले चार प्रत्याशियों के चुनाव लड़ने पर तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया है। इस दौरान कोई भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 10-क के तहत आदेश जारी कर चार अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को आगामी तीन साल की अवधि के लिए चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। इस प्रतिबंध के बाद अब ये सभी व्यक्ति अगले तीन साल तक संसद के किसी भी सदन लोकसभा, राज्यसभा या किसी भी राज्य या संघ राज्य क्षेत्र की विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य चुने जाने या रहने योग्य नहीं रहेंगे।
इन पर लगी रोक
- चकराता विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले ग्राम ऐठान, पोस्ट डागुठा, तहसील त्यूनी निवासी रामानंद सिंह
- ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले चन्द्रेश्वर मार्ग, मायाकुंड, ऋषिकेश निवासी जगजीत सिंह
- राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले लाडपुर, रायपुर रोड, देहरादून निवासी कमलेश माथुर
- धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले फेज-2 प्रीत विहार, माजरा, देहरादून के बलबीर कुमार तलवार
यह है नियम
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के प्रावधानों के तहत चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक उम्मीदवार के लिए यह अनिवार्य होता है कि वह चुनाव संपन्न होने के बाद एक निश्चित समयावधि के भीतर अपने चुनाव खर्च का पूरा और वैध ब्योरा चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें। ऐसा न करने या तय नियमों का पालन न करने पर आयोग धारा 10-क के तहत यह सख्त कदम उठाते हुए उम्मीदवारों को तय अवधि के लिए अयोग्य कर सकता है।