{"_id":"69de99016d382d85440b659d","slug":"graphic-era-deemed-university-vice-chancellor-dr-narpi-dehradun-news-c-5-1-drn1031-946593-2026-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: डाॅ. नरपिंदर सिंह बने आईएएफओएसटी के फैलो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: डाॅ. नरपिंदर सिंह बने आईएएफओएसटी के फैलो
विज्ञापन
विज्ञापन
Iखाद्य विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला सम्मानI
ग्राफिक एरा डीम्ड विवि के कुलपति डाॅ. नरपिंदर सिंह को इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आईएएफओएसटी) का फैलो चुना गया है। यह सम्मान उन्हें खाद्य विज्ञान के क्षेत्र में उनके शोध, नवाचार और उत्कृष्ट अकादमिक नेतृत्व के लिए प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान 23वें वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी के दौरान हांगकांग में प्रदान किया जाएगा।
कनाडा का आईएएफओएसटी विश्वभर के अग्रणी खाद्य वैज्ञानिकों का एक विशिष्ट मंच है जहां सदस्यता केवल उन्हीं विशेषज्ञों को दी जाती है जिन्होंने इस क्षेत्र में असाधारण और प्रभावशाली योगदान दिया हो। डाॅ. सिंह ने कहा कि आईएएफओएसटी की फैलोशिप उनके लिए गर्व, प्रेरणा और जिम्मेदारी-तीनों का संगम है। उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत सफलता के बजाय अपने विद्यार्थियों, शोध सहयोगियों और सहकर्मियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। कहा कि इस तरह की वैश्विक मान्यता न केवल उनके कार्य को नई ऊर्जा देती है बल्कि उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और गंभीरता से निभाने के लिए प्रेरित भी करती है।
डॉ. सिंह भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (आईएनएसए), राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी भारत (एनएएएस) और रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री समेत कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय अकादमियों के फैलो भी हैं। इस अवसर पर ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डाॅ. कमल घनशाला ने कहा कि डाॅ. सिंह का वैश्विक स्तर पर शीर्ष वैज्ञानिकों में स्थान प्राप्त करना उनकी प्रतिभा, समर्पण और शोध उत्कृष्टता का प्रमाण है।
Trending Videos
ग्राफिक एरा डीम्ड विवि के कुलपति डाॅ. नरपिंदर सिंह को इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आईएएफओएसटी) का फैलो चुना गया है। यह सम्मान उन्हें खाद्य विज्ञान के क्षेत्र में उनके शोध, नवाचार और उत्कृष्ट अकादमिक नेतृत्व के लिए प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान 23वें वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी के दौरान हांगकांग में प्रदान किया जाएगा।
कनाडा का आईएएफओएसटी विश्वभर के अग्रणी खाद्य वैज्ञानिकों का एक विशिष्ट मंच है जहां सदस्यता केवल उन्हीं विशेषज्ञों को दी जाती है जिन्होंने इस क्षेत्र में असाधारण और प्रभावशाली योगदान दिया हो। डाॅ. सिंह ने कहा कि आईएएफओएसटी की फैलोशिप उनके लिए गर्व, प्रेरणा और जिम्मेदारी-तीनों का संगम है। उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत सफलता के बजाय अपने विद्यार्थियों, शोध सहयोगियों और सहकर्मियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। कहा कि इस तरह की वैश्विक मान्यता न केवल उनके कार्य को नई ऊर्जा देती है बल्कि उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और गंभीरता से निभाने के लिए प्रेरित भी करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉ. सिंह भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (आईएनएसए), राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी भारत (एनएएएस) और रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री समेत कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय अकादमियों के फैलो भी हैं। इस अवसर पर ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डाॅ. कमल घनशाला ने कहा कि डाॅ. सिंह का वैश्विक स्तर पर शीर्ष वैज्ञानिकों में स्थान प्राप्त करना उनकी प्रतिभा, समर्पण और शोध उत्कृष्टता का प्रमाण है।

कमेंट
कमेंट X