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Karanprayag: गुलदार की दहशत...गुस्साए ग्रामीणों ने वनकर्मियों को बनाया बंधक, अब विभाग ने गांव में लगाया पिंजरा

संवाद न्यूज एजेंसी, कर्णप्रयाग Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 02 Jan 2026 10:38 AM IST
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सार

गुलदार के बढ़ते हमलों से गैरसैंण के सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों में दहशत का माहौल है। आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग से गांव में पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग की थी।


 

Leopard Attack angry villagers held forest officials hostage department installed a cage in village Gairsain
गांव में लगाया गया पिंजरा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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गैरसैंण के सीमावर्ती मेहलचौरी ओर कुनीगाड क्षेत्रों में गत एक माह से लगातार मवेशियों पर गुलदार के हमले से लोगों में आक्रोश है। बृहस्पतिवार रात्रि को एक बार फिर गुलदार ने उजेटिया गांव के राजेंद्र मेहरा की गौशाला में घुसकर गाय और उसके बछड़े को निवाला बनाया था। 

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मेहलचोरी के नजदीकी प्रभावित क्षेत्र कुमाऊं और गढ़वाल का सीमांत क्षेत्र है ,जहां गढ़वाल क्षेत्र के भंडारीखोड में कृष्णानंद थपलियाल की तीन गायों को गुलदार ने निवाला बना दिया था। वहीं ऊजिटिया के मोहन सिंह के पालतू कुत्ते पर दोपहर में हमला कर घायल कर दिया था। इसके बाद रंगचौणा की लीला देवी की गाय को भी गौशाला में निवाला बना डाला। क्षेत्र से सटे कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा जनपद के अंतर्गत पसारागांव, पुरानालोहबा व नवाण में भी गुलदार पांच गायों को अपना निवाला बना चुका है।
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ग्रामीणों का कहना है कि गौवंश पर गुलदार लगातार हमले कर रहा है जिससे अब वो बच्चों ओर वृद्ध लोगों पर भी हमले कर सकता है। लिहाजा वन विभाग को तुरंत पिंजरा लगाकर हिंसक गुलदार को पड़कर संरक्षित क्षेत्र में भेजना चाहिए। ऊजिटिया में गुलदार के हमले के बाद ग्रामीणों ने दो घंटे तक वनकर्मियों को बंधक बनाए रखा। इसके बाद मौके पर पहुंचे जिपंस सुरेश बिष्ट ने तत्काल पिंजरा लगवाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने बंधक बनाए वनकर्मियों को मुक्त कर गायों को पोस्टमार्टम के बाद दफनाने की कार्रवाई की। 

बढ़ते हमलों ने बढ़ाई चिंता
सुरेश बिष्ट ने बताया की गुलदार के बढ़ते हमलों की गंभीरता को देखते हुए उसके नरभक्षी होने की संभावना है। इसको लेकर वे डीएफओ से वार्ता करने जिला मुख्यालय गए हुए थे, जहां कंजरवेटिव से हुई वार्ता के बाद अब क्षेत्र में पिंजरे लगाए जाने की अनुमति दे दी गई है।

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सिलंगा की ग्राम की प्रधान दीपा देवी व क्षेपंस वीरेंद्र नेगी ने कहा कि जिस प्रकार जनपद अल्मोड़ा में घटी घटनाओं के दो दिन बाद ही पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ लिया गया था उसी प्रकार  उनके क्षेत्र  से गुलदार को दूर किया जाए। वनक्षेत्राधिकारी प्रदीप गौड़ ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा लगा दिया गया है और वन कर्मियों की गस्त बढ़ा दी गई हैं। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। 

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