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रक्षाबंधन 2026: आज पांच शुभ योगों का बनेगा विशेष संयोग; इस समय रहेगा राहुकाल, ये है राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

Fri, 28 Aug 2026 09:20 AM IST
Alka Tyagi संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की Published by: Alka Tyagi Updated Fri, 28 Aug 2026 09:20 AM IST
सार

आज रक्षा बंधन पर पांच शुभ योग बन रहे हैं। वहीं, राहुकाल के कारण कुछ समय के लिए राखी बांधने से बचें। 

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Raksha Bandhan 2026 special alignment of five auspicious yogas will occur today here is the auspicious time
रक्षाबंधन - फोटो : Istock(प्रतीकात्मक तस्वीर)

विस्तार

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार करीब 27 वर्षों बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं है और एक साथ पांच शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। इससे यह पर्व धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत विशेष माना जा रहा है।

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ज्योतिषविदों के अनुसार इस बार रक्षाबंधन पर सुकर्मा योग, बुधादित्य योग, उभयचरी योग, सर्वार्थ सिद्धि योग तथा त्रिपुष्कर योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। वहीं भद्रा काल नहीं होने के कारण पूरे दिन रक्षा सूत्र बांधने में कोई बाधा नहीं रहेगी। धार्मिक मान्यताओं में भद्रा काल में रक्षाबंधन करना शुभ नहीं माना जाता है।
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श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाने वाला रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का प्रतीक है। साथ ही यह गुरु-शिष्य परंपरा से भी जुड़ा हुआ पर्व है। इस दिन बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुख-समृद्धि की कामना करती हैं, जबकि गुरु अपने शिष्यों और पुरोहित अपने यजमानों को रक्षा सूत्र बांधकर आशीर्वाद देते हैं।
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ये रहेगा शुभ मुहूर्त

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को शुरू होकर 28 अगस्त यानी आज सुबह लगभग 9:45 बजे तक रहेगी। उदय व्यापिनी सिद्धांत के अनुसार पूरे दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा सकेगा। 28 अगस्त को पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण भी पड़ रहा है, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा।

इसलिए इसका रक्षाबंधन पर्व पर कोई प्रभाव नहीं माना जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार रक्षाबंधन के दिन स्नान के बाद सबसे पहले भगवान को रक्षा सूत्र अर्पित कर लक्ष्मी-नारायण की पूजा करनी चाहिए। इस दिन श्रावणी उपक्रम के तहत वैदिक ब्राह्मण यज्ञोपवीत भी बदलते हैं।

आचार्य डॉ सुशांत राज ने बताया कि 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है। राहुकाल करीब 10:46 बजे से शुरू होगा जो एक बजे तक रहेगा। बीस बीच राखी बांधने से बचें। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।

पूजा की थाली में रखें यह सामग्री

आचार्य ने कहा कि राखी, रोली या कुमकुम, अक्षत यानी चावल, दीपक, मिठाई, पुष्प, जल, आरती थाली में रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद भाई को स्वच्छ आसन पर बैठाएं। सबसे पहले उसके माथे पर रोली या कुमकुम से तिलक लगाएं और अक्षत लगाएं। फिर भाई की कलाई पर राखी बांधें। राखी बांधने के बाद भाई की आरती करें और उसे मिठाई खिलाएं।

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