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Dehradun News: मासूम अरमान की मौत के बाद जागा प्रशासन, निर्माणदायी संस्था पर कसेगा शिकंजा

Sun, 19 Jul 2026 10:48 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Updated Sun, 19 Jul 2026 10:48 PM IST
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The administration swung into action on Sunday following the tragic death of Arman,
कोतवाली क्षेत्र की खादर बस्ती में शनिवार को नाली में फंसकर छह वर्षीय मूक-बधिर मासूम अरमान की दर्दनाक मौत के बाद रविवार को प्रशासन हरकत में आ गया। तहसीलदार विवेक राजौरी ने मृतक के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। प्रशासन ने हादसे के लिए जिम्मेदार बताई जा रही सड़क और नाली निर्माण की कार्यदायी संस्था से पूछताछ करने की बात कही है।
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शनिवार की शाम तेज बारिश के दौरान खादर बस्ती स्थित मस्जिद के पास खेल रहा छह वर्षीय मूक-दिव्यांग अरमान अचानक पानी के तेज बहाव में आकर 10 इंच चौड़ी नाली में फंस गया था। घटना का पता चलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों ने जेसीबी, छेनी और हथौड़े की मदद से स्लैब व प्लास्टिक पाइप तोड़कर कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को बाहर निकाला। लेकिन तब तक बच्चा अचेत हो चुका था। उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया तो चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इस हृदयविदारक हादसे के बाद से स्थानीय लोगों और परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका सीधा आरोप है कि पुल नंबर-एक से खादर बस्ती तक सड़क निर्माण में घोर लापरवाही बरती गई है। सड़क का ढलान अधिक होने के कारण बारिश का पूरा पानी तेज रफ्तार से नीचे आता है। वहीं कई जगह नालियां भी खुली और क्षतिग्रस्त हैं।
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इन आरोपों पर तहसीलदार ने परिजनों को आश्वस्त किया कि संबंधित निर्माणदायी संस्था के जिम्मेदारों को तलब किया जाएगा। निर्माण कार्य में कहां और किसकी लापरवाही रही, इसकी गहनता से पूछताछ होगी। तहसीलदार ने पीड़ित परिवार को प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिजनों ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया था। सरकारी नियमों के तहत किसी भी हादसे में आर्थिक सहायता या मुआवजा जारी करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का होना अनिवार्य होता है। इसके अभाव में कानूनी और कागजी प्रक्रिया में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं। इस दौरान ग्राम प्रधान नवाबगढ़ शाहाना परवीन और सामाजिक कार्यकर्ता अली अहमद सहित कई लोग भी उपस्थित रहे।
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