Census: दूसरा चरण भी होगा डिजिटल, एप ऐसा कि पहाड़ में जहां कनेक्टिविटी नहीं, वहां ऑफलाइन चलेगा
जनगणना निदेशालय के नए कार्यालय में हवन-पूजन के बाद जनगणना आयुक्त नारायण ने टीएचडीसी कालोनी में चल रहे पहले चरण के भवन गणना कार्यों का निरीक्षण किया।
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जनगणना का अगले साल होने वाला दूसरा चरण भी पूरी तरह से डिजिटल होगा। उसमें भी स्व गणना का मौका पोर्टल के माध्यम से दिया जाएगा। दून पहुंचे भारत के महारजिस्ट्रार व जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार ने कहा कि इस बार डिजिटल होने के नाते जनगणना के आंकड़े जल्द आ जाएंगे।
बृहस्पतिवार को जनगणना निदेशालय के नए कार्यालय में हवन-पूजन के बाद जनगणना आयुक्त नारायण ने टीएचडीसी कालोनी में चल रहे पहले चरण के भवन गणना कार्यों का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने हर्षिता तिवारी के आवास नंबर 40 पर जनगणना प्रक्रिया परखी। प्रगणक हसीना जैदी और सुपरवाइजर भूपेंद्र बिष्ट ने मौके पर प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद उन्होंने कहा कि सभी प्रगणक लोगों को यह भी बताएं कि उनकी दी हुई जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रहेगी।
इसके पहले मीडिया से बातचीत में जनगणना आयुक्त ने बताया कि उत्तराखंड के जिन दुर्गम क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की समस्या है, वहां भी मोबाइल एप के माध्यम से आसानी से जनगणना कर सकते हैं। ये एप ऑफलाइन मोड में काम करता है जो कि नेटवर्क में आते ही पूरा डाटा अपडेट कर देता है। उन्होंने ये भी बताया कि अगले साल 10 से 28 फरवरी के बीच होने वाला जनगणना का दूसरा चरण भी पूरी तरह से डिजिटल मोड में ही होगा।
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एआई से डाटा विश्लेषण हुआ आसान
इस बार जनगणना की प्रक्रिया डिजिटल होने के कारण विभाग इसमें एआई का भी इस्तेमाल करेगा। इससे डाटा विश्लेषण आसान होगा। इस कारण जनगणना के जो आंकड़े पहले जारी होने में दो से तीन साल का समय लग जाता था, वह बेहद कम समय में जारी कर दिए जाएंगे।
उत्तराखंड में 83 लाख आबादी कवर हुई
प्रदेश में 83 लाख लोगों की आबादी जनगणना के पहले चरण के तहत कवर हो गई है। जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में 18,32,000 से अधिक परिवारों की भवन गणना हो चुकी है। अब तक प्रदेश में 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। 24 मई तक जनगणना का काम चलेगा।
जिलों से लिया फीडबैक, चंपावत बेहतर
भारत के महा रजिस्ट्रार मृत्युंजय कुमार ने शाम को प्रमुख सचिव आरके सुधांशु के साथ जनगणना कार्य की समीक्षा की। उन्होंने वर्चुअल मीटिंग कर जिलाधिकारियों और नगर आयुक्तों से फीडबैक लिया। बैठक में बताया गया कि पर्वतीय जिलों में चंपावत जैसे जिले में बेहतर कार्य हुआ है। देहरादून जिले में कई जगह कार्य शुरू न होने के संबंध में जब डीएम सविन बंसल से पूछा गया तो उन्होंने जानकारी दी कि अब सभी जगह पर काम शुरू हो गया है। देहरादून नगर निगम की आयुक्त नमामि बंसल ने स्पष्ट किया कि कई जगहों पर डाटा संग्रहित कर लिया गया है लेकिन उसकी फीडिंग का कार्य शेष है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार से पोर्टल पर सभी जगह काम शुरू दिखाई देगा। पिथौरागढ़ डीएम आशीष कुमार भटगई और बागेश्वर डीएम आकांक्षा कोंडे ने भी अपने अपने जिले में जनगणना कार्य की स्थिति स्पष्ट की।