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Uttarakhand: तहसील जाने का झंझट खत्म, अब ऑनलाइन उपलब्ध होगी सत्यापित खतौनी, ऐसे मिलेंगी कई सुविधाएं

अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 11 Jan 2026 08:04 PM IST
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सार

अब लोगों को बिना तहसील गए ही मोबाइल या इंटरनेट के माध्यम से सत्यापित खतौनी जैसी कई सुविधाएं मिल सकेंगी।

Uttarakhand News verified land records will now be available online, and several other service
सीएम धामी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजस्व विभाग के विभागीय कार्यों से संबंधित छह वेब पोर्टल का शुभारंभ किया। इसमें ई-भूलेख (अपडेटेड वर्जन), भू-नक्शा, भूलेख अंश, भू-अनुमति, एग्री लोन एवं ई-वसूली पोर्टल (ई-आरसीएस पोर्टल) शामिल है। इससे अब लोगों को बिना तहसील गए ही मोबाइल या इंटरनेट के माध्यम से सत्यापित खतौनी जैसी कई सुविधाएं मिल सकेंगी।

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मुख्यमंत्री आवास में राजस्व परिषद की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सीएम धामी ने कहा कि डिजिटल इंडिया के अंतर्गत राजस्व से जुड़ी नई सेवाओं का ऑनलाइन उपलब्ध होना महत्वपूर्ण कदम है। इससे आमजन को सुविधा के साथ ही प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने कहा कि भूमि अभिलेखों से संबंधित सेवाओं में विशेष रूप से खतौनी अब तहसील कार्यालय आने के बजाय घर बैठे मोबाइल या इंटरनेट के माध्यम से सत्यापित प्रति के रूप में ऑनलाइन भुगतान कर प्राप्त की जा सकती है।
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प्रदेश में उद्योग एवं कृषि प्रयोजनों के लिए भूमि उपयोग-भूमि कार्य की अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन किया गया है। साथ ही भूमि मानचित्र (कैडस्ट्रल मैप) को सार्वजनिक डोमेन में निःशुल्क देखने की सुविधा प्रदान की गई है। सीएम धामी ने कहा कि भूलेख अंश पोर्टल के तहत प्रदेश के भू-अभिलेखों में संयुक्त खातेदारी एवं गोलखातों में दर्ज खातेदारों व सहखातेदारों का अलग-अलग अंश निर्धारित डाटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार किये जाने का मार्ग प्रशस्त होगा। इस कार्यवाही में भू-अभिलेखों में खातेदारों की जानकारी को भी संकलित किया जा रहा है, जिससे भविष्य में भू-अभिलेखों का समेकित डाटाबेस तैयार किया जा सकेगा। इस माैके पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव राजस्व एसएन पांडेय, सचिव एवं आयुक्त राजस्व परिषद रंजना राजगुरु, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

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यह व्यवस्था भी लागू हुई

भूमि क्रय की अनुमति को डिजिटलाइज किया
प्रदेश में उद्योग और कृषि प्रयोजनों के लिए भूमि उपयोग-भूमि कार्य की अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से भू-कानून के अनुसार प्रदेश में उद्योग एवं जनपद हरिद्वार एवं उधमसिंहनगर में कृषि व बागवानी के लिए भूमि क्रय की अनुमति को भी डिजिटलाइलज किया गया है।

भूमि स्वामी पोर्टल के माध्यम से ऋण के लिये कर सकते हैं आवदेन
एग्रीलोन पोर्टल के तहत किसानों को बैंक से भूमि के सापेक्ष कृषि एवं कृषि संबंधित गतिविधियों के लिए ऋण लेने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन किया गया है। अब किसान या भूमि स्वामी पोर्टल के माध्यम से ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं ऋण अदायगी के बाद बैंक द्वारा एनओसी जारी करने पर स्वतः ही चार्ज हट भी जाएगा।

वसूली के मामलों को आनलाइन जिला प्रशासन को भेजा जा सकेगा
ई-वसूली पोर्टल के माध्यम से राजस्व वसूली की प्रक्रिया को भी डिजिटल किया गया है। बैंक अथवा संबंधित विभाग अब अपने बकाएदारों से वसूली के प्रकरणों को ऑनलाइन माध्यम से कलेक्टर को भेज सकेंगे, जिसमें पूरी वसूली प्रक्रिया की प्रत्येक स्तर पर ट्रैकिंग की जा सकेगी। भू-नक्शा पोर्टल के तहत भूमि मानचित्र (कैडस्ट्रल मैप) को सार्वजनिक डोमेन में निःशुल्क देखने की सुविधा प्रदान की गई है।

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