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Delhi NCR News: हृदय की धमनियों में जमा कैल्शियम बढ़ा रहा हार्ट अटैक का खतरा
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-70 वर्षीय मरीज की धमनी में मिला 360 डिग्री गंभीर कैल्सीफिकेशन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हृदय की धमनियों में कैल्शियम का जमा होने से (कोरोनरी आर्टरी कैल्सीफिकेशन) हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा रहा है। मॉडल टाउन स्थित एक निजी अस्पताल में ऐसे ही 70 वर्षीय मरीज का सफल उपचार किया गया। अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि मरीज के दाहिनी कोरोनरी धमनी में 360 डिग्री गंभीर कैल्सीफिकेशन मिला था।
पहले रोटेशनल एथेरेक्टॉमी से कठोर कैल्शियम को हटाया और फिर सफलतापूर्वक स्टेंट प्रत्यारोपित किया। उपचार के बाद मरीज की धमनी का न्यूनतम ल्यूमेन क्षेत्र 1.3 वर्ग मिमी से बढ़कर 7.9 वर्ग मिमी हो गया। इसके लिए अत्याधुनिक ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी की मदद से रोटेशनल एथेरेक्टॉमी और पीटीसीए तकनीक का इस्तेमाल किया। मरीज के स्वस्थ्य होने पर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि एंजियोप्लास्टी कराने वाले हर सौ मरीजों में 20 से 30 में किसी न किसी स्तर का कैल्सीफिकेशन मिलता है। जबकि पांच से दस मरीजों में सामान्य एंजियोप्लास्टी संभव नहीं होती। धमनियों में अत्यधिक कैल्शियम जमा होने से वह कठोर हो जाती हैं जो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हृदय की धमनियों में कैल्शियम का जमा होने से (कोरोनरी आर्टरी कैल्सीफिकेशन) हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा रहा है। मॉडल टाउन स्थित एक निजी अस्पताल में ऐसे ही 70 वर्षीय मरीज का सफल उपचार किया गया। अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि मरीज के दाहिनी कोरोनरी धमनी में 360 डिग्री गंभीर कैल्सीफिकेशन मिला था।
पहले रोटेशनल एथेरेक्टॉमी से कठोर कैल्शियम को हटाया और फिर सफलतापूर्वक स्टेंट प्रत्यारोपित किया। उपचार के बाद मरीज की धमनी का न्यूनतम ल्यूमेन क्षेत्र 1.3 वर्ग मिमी से बढ़कर 7.9 वर्ग मिमी हो गया। इसके लिए अत्याधुनिक ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी की मदद से रोटेशनल एथेरेक्टॉमी और पीटीसीए तकनीक का इस्तेमाल किया। मरीज के स्वस्थ्य होने पर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है।
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उन्होंने यह भी बताया कि एंजियोप्लास्टी कराने वाले हर सौ मरीजों में 20 से 30 में किसी न किसी स्तर का कैल्सीफिकेशन मिलता है। जबकि पांच से दस मरीजों में सामान्य एंजियोप्लास्टी संभव नहीं होती। धमनियों में अत्यधिक कैल्शियम जमा होने से वह कठोर हो जाती हैं जो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाती है।
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