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Delhi NCR News: सर्दी-जुकाम के साथ नाक से खून आने के मामले बढ़े
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-सरकारी और निजी अस्पतालों में रोजाना करीब 100 से 120 मरीज इन समस्याओं के इलाज के लिए ओपीडी में आ रहे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली की सर्दी में मौसमी बीमारियों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ठंड और प्रदूषण का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। खासतौर पर नाक, कान और गले से जुड़ी समस्याएं तेजी से सामने आ रही हैं। अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी-जुकाम, खांसी, एलर्जी और गले में बलगम जमने की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही नाक से खून आने की समस्या भी चिंता का कारण है। चिकित्सकों के अनुसार ठंडी और सूखी हवा के कारण नाक की अंदरूनी त्वचा प्रभावित हो रही है। बदलते मौसम में लापरवाही स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है, इसलिए समय पर सावधानी और उपचार जरूरी है।
सरकारी और निजी अस्पतालों में रोजाना करीब 100 से 120 मरीज इन समस्याओं के इलाज के लिए ओपीडी में आ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, ठंड के साथ-साथ प्रदूषण भी इन बीमारियों को बढ़ाने का बड़ा कारण है। डॉक्टर तिजेंदर ने बताया कि मौजूदा मौसम में ठंड और बढ़ते प्रदूषण का असर सबसे ज्यादा नाक, कान और गले पर है। ठंडी और सूखी हवा के कारण नाक की अंदरूनी परत सूख जाती है, जिससे नाक से खून आने की समस्या बढ़ रही है।
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नई दिल्ली।
दिल्ली की सर्दी में मौसमी बीमारियों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ठंड और प्रदूषण का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। खासतौर पर नाक, कान और गले से जुड़ी समस्याएं तेजी से सामने आ रही हैं। अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी-जुकाम, खांसी, एलर्जी और गले में बलगम जमने की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही नाक से खून आने की समस्या भी चिंता का कारण है। चिकित्सकों के अनुसार ठंडी और सूखी हवा के कारण नाक की अंदरूनी त्वचा प्रभावित हो रही है। बदलते मौसम में लापरवाही स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है, इसलिए समय पर सावधानी और उपचार जरूरी है।
सरकारी और निजी अस्पतालों में रोजाना करीब 100 से 120 मरीज इन समस्याओं के इलाज के लिए ओपीडी में आ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, ठंड के साथ-साथ प्रदूषण भी इन बीमारियों को बढ़ाने का बड़ा कारण है। डॉक्टर तिजेंदर ने बताया कि मौजूदा मौसम में ठंड और बढ़ते प्रदूषण का असर सबसे ज्यादा नाक, कान और गले पर है। ठंडी और सूखी हवा के कारण नाक की अंदरूनी परत सूख जाती है, जिससे नाक से खून आने की समस्या बढ़ रही है।
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