जामिया में छात्रों का जश्न: चुनाव की डेडलाइन के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने भूख हड़ताल वापस ली, खुशी का माहौल
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। इसके बाद छात्रों ने जश्न मनाया और छात्र संघ चुनाव को लेकर चल रहा प्रदर्शन भी समाप्त हो गया।
विस्तार
जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रों का जश्न जारी है। विश्वविद्यालय ने छात्र संघ संविधान की मंजूरी और कार्यान्वयन के लिए समय सीमा तय की है। इस घोषणा के बाद छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल समाप्त कर दी है।
छात्र संघ संविधान मंजूरी की डेडलाइन 15 मई 2027 तय
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने 15 मई, 2027 को छात्र संघ संविधान की मंजूरी और कार्यान्वयन के लिए समय सीमा निर्धारित की है। इस समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद, अगले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के छह सप्ताह के भीतर छात्र संघ के चुनाव कराए जाएंगे। छात्र लंबे समय से एक निर्वाचित छात्र संघ की बहाली की मांग कर रहे थे। यह छात्र संघ वर्ष 2006 से निष्क्रिय पड़ा था, जिससे छात्रों में असंतोष था।
#WATCH | Delhi: Students' celebration continues at Jamia Millia Islamia (JMI) University after the JMI set May 15, 2027, as the deadline for completing the approval and implementation of its students’ union constitution, with elections to be held within six weeks of the commencement of the next academic session. Following the announcement last night, the students called off their protest and hunger strike; they were demanding the restoration of the elected students’ union, which has remained defunct since 2006.
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 30, 2026
बीती रात विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा यह महत्वपूर्ण घोषणा की गई। इस घोषणा के तुरंत बाद छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल समाप्त कर दी। छात्रों का कहना था कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए छात्र संघ आवश्यक है। यह निर्णय छात्रों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
छात्रों की जीत के बाद जश्न का माहौल
छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर कई दिनों से विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल कर रखी थी। उनकी मुख्य मांग विश्वविद्यालय में एक निर्वाचित छात्र संघ की तत्काल वापसी थी। विश्वविद्यालय के इस फैसले को छात्रों की एकजुटता और संघर्ष की बड़ी जीत माना जा रहा है। इस घोषणा के बाद से परिसर में छात्रों के बीच खुशी और उत्साह का माहौल है। वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली को लेकर काफी उत्साहित हैं और इसे एक सकारात्मक बदलाव मान रहे हैं।