{"_id":"6aac632488336276530caba3","slug":"centre-opposes-kiran-bedi-s-plea-regarding-the-building-collapse-2026-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"सत्य निकेतन हादसा: बिल्डिंग गिरने के मामले में किरण बेदी की याचिका का केंद्र ने किया विरोध, जवाब के लिए 3 दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सत्य निकेतन हादसा: बिल्डिंग गिरने के मामले में किरण बेदी की याचिका का केंद्र ने किया विरोध, जवाब के लिए 3 दिन
Fri, 18 Sep 2026 03:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 18 Sep 2026 03:31 AM IST
सार
केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने किरण बेदी की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि बेदी ने मुद्दों पर पहले से राय बना ली है।
विज्ञापन
पूर्व पुडुचेरी उपराज्यपाल किरण बेदी
- फोटो : amar ujala
विस्तार
दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी की इमारत गिरने की घटना से जुड़े जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है। इस मामले में पूर्व पुडुचेरी उपराज्यपाल किरण बेदी को पक्षकार बनाए जाने की याचिका का केंद्र सरकार ने विरोध किया है। हाईकोर्ट में एडवोकेट अनिकेत कुमार गुप्ता द्वारा दायर इस पीआईएल में मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और दिल्ली में सभी पीजी आवासों तथा हॉस्टलों का संरचनात्मक ऑडिट कराने की मांग की गई है।
विज्ञापन
7 सितंबर को मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) को उच्चतम स्तर पर जांच करने का निर्देश दिया था। अदालत ने पूछा था कि इमारत के पास वैध निर्माण अनुमति थी या नहीं, पीजी में कितने छात्र रह रहे हैं तथा दिल्ली में पीजी आवासों को नियंत्रित करने वाले कोई वैधानिक या कार्यकारी नियम हैं या नहीं।
विज्ञापन
मामले में अगली सुनवाई 25 सितंबर को सूचीबद्ध है। बुधवार को केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने किरण बेदी की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि बेदी ने मुद्दों पर पहले से राय बना ली है। अदालत ने केंद्र को जवाब दाखिल करने के लिए तीन दिन का समय दिया। खंडपीठ ने टिप्पणी की कि एक सजग नागरिक के रूप में किरण बेदी का प्रशासनिक अनुभव पीआईएल पर विचार करते समय उपयोगी हो सकता है।
विज्ञापन