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सावन विशेष... चांदनी चौक का गौरी शंकर मंदिर: आस्था, इतिहास और परंपरा का अद्भुत संगम
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चांदनी चौक का गौरी शंकर मंदिर: आस्था, इतिहास और परंपरा का अद्भुत संगम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर भगवान शिव के प्राचीन और प्रमुख मंदिरों में शामिल है। सावन, महाशिवरात्रि और प्रत्येक सोमवार को यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर अपनी ऐतिहासिक विरासत और धार्मिक महत्व के कारण देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण 18वीं शताब्दी में मराठा सेनापति अप्पा गंगाधर राव ने भगवान शिव की कृपा से स्वस्थ होने के बाद कराया था। मंदिर में स्थापित प्राचीन शिवलिंग श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। मंदिर परिसर में माता पार्वती, भगवान गणेश सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं।
सावन के दौरान मंदिर प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं करता है। दर्शन के लिए अलग प्रवेश और निकास मार्ग, बैरिकेडिंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था और स्वयंसेवकों की तैनाती की जाती है, ताकि श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन हो सकें। मंदिर से जुड़े राहुल शर्मा ने बताया कि गौरी शंकर मंदिर सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। सावन में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर प्रशासन सभी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित दर्शन के लिए विशेष प्रबंध करता है। ऐतिहासिक चांदनी चौक के मध्य स्थित यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ दिल्ली की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का भी महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर भगवान शिव के प्राचीन और प्रमुख मंदिरों में शामिल है। सावन, महाशिवरात्रि और प्रत्येक सोमवार को यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर अपनी ऐतिहासिक विरासत और धार्मिक महत्व के कारण देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण 18वीं शताब्दी में मराठा सेनापति अप्पा गंगाधर राव ने भगवान शिव की कृपा से स्वस्थ होने के बाद कराया था। मंदिर में स्थापित प्राचीन शिवलिंग श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। मंदिर परिसर में माता पार्वती, भगवान गणेश सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं।
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सावन के दौरान मंदिर प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं करता है। दर्शन के लिए अलग प्रवेश और निकास मार्ग, बैरिकेडिंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था और स्वयंसेवकों की तैनाती की जाती है, ताकि श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन हो सकें। मंदिर से जुड़े राहुल शर्मा ने बताया कि गौरी शंकर मंदिर सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। सावन में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर प्रशासन सभी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित दर्शन के लिए विशेष प्रबंध करता है। ऐतिहासिक चांदनी चौक के मध्य स्थित यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ दिल्ली की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का भी महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।
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