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Delhi NCR News: आप ने एमसीडी टोल के टेंडर में 500 करोड़ के घोटाले का लगाया आरोप
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आन ने एमसीडी टोल टेंडर में 500 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने एमसीडी के टोल टैक्स और ईसीसी कलेक्शन टेंडर में करीब 500 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। आप ने एमसीडी से टेंडर तत्काल रद्द कर नए सिरे से ओपन टेंडर जारी करने की मांग की है। सोमवार को स्थायी समिति की बैठक में आप पार्षदों ने अपने नेता प्रवीण कुमार की अगुवाई में हंगामा किया। इस मौके पर प्रवीण कुमार ने कहा कि टेंडर के लिए सात बिड आई थीं, लेकिन 1100 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी बोली समेत चार बिड को जानबूझकर बाहर कर दिया। इसके बाद 936 करोड़ रुपये या उससे कम की बिड को स्वीकार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एमसीडी को 1100 करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता था तो 936 करोड़ रुपये का टेंडर क्यों स्वीकार किया गया।
प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया कि टेंडर की शर्तों में बदलाव कर भाजपा के करीबियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। वित्तीय बिड में क्वालीफाई करने वाली तीनों कंपनियां मुंबई की हैं और इस पूरी प्रक्रिया में सांठगांठ की आशंका है। एमसीडी को अधिक राजस्व देने वाली बोली को बाहर कर कम राशि वाली बोली स्वीकार करना गंभीर सवाल खड़े करता है। आप नेता ने कहा कि टोल टैक्स का टेंडर नियमों के अनुसार समिति के माध्यम से आना चाहिए था, लेकिन इसे सीधे लाया गया। उन्होंने मांग की कि टेंडर को तत्काल रद्द कर 122 लेन वाला क्लॉज हटाया जाए और पारदर्शी तरीके से नया ओपन टेंडर जारी किया जाए, ताकि एमसीडी को अधिकतम राजस्व मिल सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने एमसीडी के टोल टैक्स और ईसीसी कलेक्शन टेंडर में करीब 500 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। आप ने एमसीडी से टेंडर तत्काल रद्द कर नए सिरे से ओपन टेंडर जारी करने की मांग की है। सोमवार को स्थायी समिति की बैठक में आप पार्षदों ने अपने नेता प्रवीण कुमार की अगुवाई में हंगामा किया। इस मौके पर प्रवीण कुमार ने कहा कि टेंडर के लिए सात बिड आई थीं, लेकिन 1100 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी बोली समेत चार बिड को जानबूझकर बाहर कर दिया। इसके बाद 936 करोड़ रुपये या उससे कम की बिड को स्वीकार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एमसीडी को 1100 करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता था तो 936 करोड़ रुपये का टेंडर क्यों स्वीकार किया गया।
प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया कि टेंडर की शर्तों में बदलाव कर भाजपा के करीबियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। वित्तीय बिड में क्वालीफाई करने वाली तीनों कंपनियां मुंबई की हैं और इस पूरी प्रक्रिया में सांठगांठ की आशंका है। एमसीडी को अधिक राजस्व देने वाली बोली को बाहर कर कम राशि वाली बोली स्वीकार करना गंभीर सवाल खड़े करता है। आप नेता ने कहा कि टोल टैक्स का टेंडर नियमों के अनुसार समिति के माध्यम से आना चाहिए था, लेकिन इसे सीधे लाया गया। उन्होंने मांग की कि टेंडर को तत्काल रद्द कर 122 लेन वाला क्लॉज हटाया जाए और पारदर्शी तरीके से नया ओपन टेंडर जारी किया जाए, ताकि एमसीडी को अधिकतम राजस्व मिल सके।
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