दिल्ली: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले पुलिस अलर्ट, शाहजाद भट्टी की हमले की साजिश का इनपुट, 2000 से अधिक रडार पर
आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले पाकिस्तान के आतंकी शाहजाद भट्टी द्वारा दिल्ली में हमले की साजिश के इनपुट मिले हैं। दिल्ली पुलिस समेत सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। उन्होंने निगरानी बढ़ा दी है।
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आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले पाकिस्तान में मौजूद आतंकी शाहजाद भट्टी द्वारा दिल्ली के बाहरी इलाकों में बम धमाके या पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की साजिश के इनपुट मिले हैं। इन गंभीर खुफिया इनपुट के बाद दिल्ली पुलिस समेत देश की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। दिल्ली पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है और 2,000 से अधिक लोगों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। इनमें घोषित अपराधी, जमानत पर बाहर संदिग्ध व्यक्ति और साक्ष्यों के अभाव में रिहा किए गए लोग शामिल हैं।
खुफिया आकलन में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कम तीव्रता वाले हमले की आशंका जताई गई है। इसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर जनहानि के बजाय भय पैदा करना और सुर्खियां बटोरना हो सकता है। खुफिया सूचनाओं से संकेत मिलता है कि शाहजाद भट्टी दिल्ली में हमला करने की साजिश रच रहा है। वह इस योजना को अंजाम देने के लिए प्रतिबंधित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के सदस्यों की मदद ले सकता है। ये इनपुट भारत द्वारा 12 और 13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी से कुछ सप्ताह पहले आए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी में निगरानी और एहतियाती उपाय बढ़ा दिए हैं। यह ताजा सूचना शाहजाद भट्टी के आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ हाल के आतंकवाद-रोधी अभियान की पृष्ठभूमि में आई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया था कि स्वतंत्रता दिवस से पहले इस नेटवर्क से जुड़े 200 से अधिक संदिग्ध गिरफ्तार किए गए। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, नेटवर्क के सदस्यों के खिलाफ आतंकवाद, अवैध हथियार और मादक पदार्थों से संबंधित 80 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं। अभियान के दौरान पाकिस्तान की आयुध फैक्ट्रियों के निशान वाले आईईडी, आग्नेयास्त्र और हथगोले भी बरामद किए गए हैं।
भट्टी का नेटवर्क और कार्यप्रणाली
पाकिस्तान में रहकर गतिविधियां संचालित करने वाला भट्टी ऑनलाइन मंचों के जरिये भारत में नेटवर्क तैयार कर रहा है। भारतीय एजेंसियां उस पर नजर रख रही हैं। जांचकर्ताओं ने उसे उत्तर भारत में हथगोले से हमले, विस्फोट और लक्षित हिंसा से जुड़े कई मामलों से जोड़ा है। यह नेटवर्क विदेश में बैठे संचालकों के निर्देश पर काम करता है। यह स्थानीय लोगों का इस्तेमाल टोह लेने, रसद व्यवस्था करने और हमलों को अंजाम देने के लिए करता है।
सोशल मीडिया और पंजाब में चिंताएं
पुलिस और खुफिया एजेंसियां एन्क्रिप्टेड संचार मंचों तथा सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर चिंतित हैं। इनका उपयोग संभावित सदस्यों की पहचान और भर्ती के लिए किया जा रहा है। सुरक्षा संबंधी चिंताएं केवल दिल्ली तक सीमित नहीं हैं। खुफिया एजेंसियों ने पंजाब पुलिस को अमृतसर क्षेत्र में सैन्य प्रतिष्ठानों पर संभावित खतरे को लेकर सतर्क किया है। एक सूचना में पाकिस्तान में मौजूद दो संचालकों का नाम लिया गया है। दावा है कि खासा छावनी और ब्यास के पास बूढ़ा थेह सैन्य प्रतिष्ठान की टोह ली गई है।
सुरक्षा व्यवस्था और अलर्ट
अमृतसर में यह अलर्ट पांच मई को खासा छावनी की सीमा के पास हुए आईईडी विस्फोट के बाद आया है। हालांकि, जांचकर्ताओं ने विस्फोट और ताजा खुफिया सूचना के बीच कोई संबंध स्थापित नहीं किया है। दिल्ली में पुलिस संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। वह स्थानीय मददगारों और विदेश में बैठे संचालकों से संभावित संपर्कों की पहचान के लिए सूचनाओं का विश्लेषण कर रही है। शिखर सम्मेलन नजदीक आने के साथ राजधानी के सीमावर्ती और बाहरी इलाकों में निगरानी कड़ी की जाएगी। प्रमुख प्रतिष्ठानों और आयोजन स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत रखी जाएगी।