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दिल्ली एसआईआर : ड्राफ्ट रोल आज, 47.7 लाख नाम बाहर, अब साबित करनी होगी वोटर की पात्रता
Mon, 31 Aug 2026 04:04 AM IST
Vijay Singh Pundir
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Mon, 31 Aug 2026 04:04 AM IST
सार
निर्वाचन अधिकारियों की जांच में जिन मतदाताओं का विवरण वर्ष 2002 की एसआईआर सूची से नहीं मिल पाएगा, उनसे अतिरिक्त जानकारी या दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। नाम, पारिवारिक संबंध और उम्र से जुड़े रिकॉर्ड में असामान्य अंतर मिलने पर भी स्पष्टीकरण लिया जा सकता है।
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एसआईआर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत सोमवार को जारी होने वाला ड्राफ्ट रोल लाखों मतदाताओं के लिए अहम पड़ाव होगा। करीब 1.45 करोड़ मौजूदा मतदाताओं में से लगभग 47.7 लाख नाम ड्राफ्ट सूची में दिखाई नहीं देंगे।
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ऐसे मतदाताओं के लिए राहत यह है कि नाम छूटने के बाद प्रक्रिया खत्म नहीं होगी, बल्कि 31 अगस्त से 30 सितंबर तक उन्हें अपना दावा पेश करने का अवसर मिलेगा। हालांकि, इस बार केवल पहचान बताना पर्याप्त नहीं होगा। जरूरत पड़ने पर मतदाता को अपनी पात्रता दस्तावेजों के जरिए साबित करनी होगी।
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निर्वाचन अधिकारियों की जांच में जिन मतदाताओं का विवरण वर्ष 2002 की एसआईआर सूची से नहीं मिल पाएगा, उनसे अतिरिक्त जानकारी या दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। नाम, पारिवारिक संबंध और उम्र से जुड़े रिकॉर्ड में असामान्य अंतर मिलने पर भी स्पष्टीकरण लिया जा सकता है। इसके अलावा निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को उम्र या नागरिकता को लेकर संदेह होने पर संबंधित मतदाता से अतिरिक्त दस्तावेज मांगने का अधिकार होगा। दस्तावेजों की जरूरत सभी मतदाताओं के लिए एक जैसी नहीं होगी। यह मुख्य रूप से जन्मतिथि पर निर्भर करेगी। एक जुलाई 1987 से पहले जन्मे व्यक्ति को अपनी जन्मतिथि या जन्मस्थान से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। एक जुलाई 1987 से दो दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को अपने साथ माता या पिता में से किसी एक का संबंधित दस्तावेज देना होगा।
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वहीं दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्ति के मामले में स्वयं के साथ माता-पिता दोनों से जुड़े दस्तावेज मांगे जाएंगे। यानी उम्र के अलग-अलग वर्गों के लिए नागरिकता और पात्रता साबित करने की जिम्मेदारी भी अलग होगी। खास बात यह है कि आधार कार्ड को अकेले पर्याप्त दस्तावेज नहीं माना जाएगा। मतदाताओं को जरूरत के मुताबिक अन्य स्वीकार्य दस्तावेज भी उपलब्ध कराने होंगे।
फॉर्म नहीं मिला तो भी नाम जुड़वाने का रास्ता
डोर-टू-डोर प्रक्रिया के दौरान जिन लोगों तक एन्युमरेशन फॉर्म नहीं पहुंच पाया या जो किसी कारण से फॉर्म जमा नहीं कर सके, उनके लिए भी रास्ता खुला रहेगा। ऐसे मतदाता फॉर्म-6 के माध्यम से अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का दावा कर सकते हैं। यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध होगी। ऑनलाइन आवेदन के लिए फॉर्म-6 और संबंधित घोषणा को भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर अपलोड किया जा सकेगा। ऑफलाइन आवेदन की सुविधा भी बूथ स्तर पर उपलब्ध रहेगी। मतदाता अपने संबंधित मतदान केंद्र पर फॉर्म और दस्तावेज जमा कर सकेंगे। जिन लोगों को जांच के बाद नोटिस जारी होगा, वे भी इसी प्रक्रिया के तहत अपने पक्ष में दस्तावेज जमा कर सकेंगे।