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Delhi NCR News: 30 जून से शुरू होगा दिल्ली में वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण
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7 अक्तूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची, 1.45 करोड़ मतदाताओं का होगा सत्यापन
13 हजार बीएलओ घर-घर जाकर भरवाएंगे गणना फॉर्म
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राजधानी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया 30 जून से शुरू होगी। इसके तहत बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। पूरी प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 अक्तूबर को प्रकाशित होगी। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अशोक कुमार ने बुधवार को बताया कि 20 जून से 29 जून तक बीएलओ का प्रशिक्षण, गणना फॉर्म और अन्य दस्तावेजों की छपाई जैसी तैयारियां की जाएंगी। अभियान में करीब 25 हजार कर्मियों की तैनाती होगी, जिनमें 13 हजार बीएलओ शामिल हैं।
सीईओ ने कहा कि इस पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। केवल एएसडीडीएफ श्रेणी यानी अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट या विदेशी मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे। प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है और प्रत्येक चरण में जांच एवं संतुलन की व्यवस्था रहेगी। राजनीतिक दलों की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है। सभी सूचनाएं सीईओ कार्यालय की वेबसाइट पर साझा की जाएंगी। 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर प्रत्येक मतदाता को गणना फॉर्म की दो प्रतियां देंगे। एक प्रति भरकर मतदाता को बीएलओ को लौटानी होगी। मतदाता ऑनलाइन माध्यम से भी फॉर्म जमा कर सकेंगे। बीएलओ प्रत्येक घर पर तीन बार जाएंगे। यदि घर बंद मिलता है तो वहां फॉर्म छोड़ दिया जाएगा। इसके बाद भी फॉर्म जमा नहीं होने पर बीएलओ स्थानीय लोगों से जानकारी लेकर संबंधित मतदाता को अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत श्रेणी में रिपोर्ट कर सकेंगे। गृह-गृह सत्यापन पूरा होने के बाद 5 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया चलेगी तथा 7 अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। यदि गणना फॉर्म में कोई विसंगति पाई जाती है तो निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) संबंधित मतदाता को नोटिस जारी करेंगे। जरूरत पड़ने पर मतदाता 12 प्रकार के दस्तावेजों में से किसी एक के माध्यम से अपना दावा साबित कर सकेंगे। ईआरओ के फैसले के खिलाफ जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) और उसके बाद सीईओ कार्यालय में अपील की जा सकेगी।
2002 की वोटर लिस्ट से होगा मिलान
सीईओ ने बताया कि वर्ष 2002 की मतदाता सूची के आधार पर वर्तमान मतदाताओं का मिलान किया जा रहा है। अब तक 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 62.44 लाख मतदाताओं (42.5 प्रतिशत) का मिलान पूरा हो चुका है। जिन मतदाताओं का नाम 2002 की मतदाता सूची में होगा, उन्हें केवल गणना फॉर्म भरना होगा। जिनका नाम उस सूची में नहीं है, वे अपने माता-पिता या रिश्तेदारों के विवरण का उपयोग कर सकेंगे। वहीं 2002 के बाद दिल्ली में बसे मतदाताओं को अपने मूल राज्य की 2002, 2003 या 2005 की मतदाता सूची का विवरण देना होगा। एसआईआर प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। बीएलए-2 फील्ड में बीएलओ के साथ काम करेंगे और प्रतिदिन 50 गणना फॉर्म जमा करा सकेंगे। ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद वे प्रतिदिन 10 अपील भी दाखिल कर सकेंगे। इसके अलावा सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक दल बीएलए-1 नियुक्त करेंगे। सीईओ कार्यालय इन एजेंटों को भी प्रशिक्षण देगा।
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13 हजार बीएलओ घर-घर जाकर भरवाएंगे गणना फॉर्म
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राजधानी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया 30 जून से शुरू होगी। इसके तहत बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। पूरी प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 अक्तूबर को प्रकाशित होगी। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अशोक कुमार ने बुधवार को बताया कि 20 जून से 29 जून तक बीएलओ का प्रशिक्षण, गणना फॉर्म और अन्य दस्तावेजों की छपाई जैसी तैयारियां की जाएंगी। अभियान में करीब 25 हजार कर्मियों की तैनाती होगी, जिनमें 13 हजार बीएलओ शामिल हैं।
सीईओ ने कहा कि इस पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। केवल एएसडीडीएफ श्रेणी यानी अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट या विदेशी मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे। प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है और प्रत्येक चरण में जांच एवं संतुलन की व्यवस्था रहेगी। राजनीतिक दलों की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है। सभी सूचनाएं सीईओ कार्यालय की वेबसाइट पर साझा की जाएंगी। 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर प्रत्येक मतदाता को गणना फॉर्म की दो प्रतियां देंगे। एक प्रति भरकर मतदाता को बीएलओ को लौटानी होगी। मतदाता ऑनलाइन माध्यम से भी फॉर्म जमा कर सकेंगे। बीएलओ प्रत्येक घर पर तीन बार जाएंगे। यदि घर बंद मिलता है तो वहां फॉर्म छोड़ दिया जाएगा। इसके बाद भी फॉर्म जमा नहीं होने पर बीएलओ स्थानीय लोगों से जानकारी लेकर संबंधित मतदाता को अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत श्रेणी में रिपोर्ट कर सकेंगे। गृह-गृह सत्यापन पूरा होने के बाद 5 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया चलेगी तथा 7 अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। यदि गणना फॉर्म में कोई विसंगति पाई जाती है तो निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) संबंधित मतदाता को नोटिस जारी करेंगे। जरूरत पड़ने पर मतदाता 12 प्रकार के दस्तावेजों में से किसी एक के माध्यम से अपना दावा साबित कर सकेंगे। ईआरओ के फैसले के खिलाफ जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) और उसके बाद सीईओ कार्यालय में अपील की जा सकेगी।
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2002 की वोटर लिस्ट से होगा मिलान
सीईओ ने बताया कि वर्ष 2002 की मतदाता सूची के आधार पर वर्तमान मतदाताओं का मिलान किया जा रहा है। अब तक 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 62.44 लाख मतदाताओं (42.5 प्रतिशत) का मिलान पूरा हो चुका है। जिन मतदाताओं का नाम 2002 की मतदाता सूची में होगा, उन्हें केवल गणना फॉर्म भरना होगा। जिनका नाम उस सूची में नहीं है, वे अपने माता-पिता या रिश्तेदारों के विवरण का उपयोग कर सकेंगे। वहीं 2002 के बाद दिल्ली में बसे मतदाताओं को अपने मूल राज्य की 2002, 2003 या 2005 की मतदाता सूची का विवरण देना होगा। एसआईआर प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। बीएलए-2 फील्ड में बीएलओ के साथ काम करेंगे और प्रतिदिन 50 गणना फॉर्म जमा करा सकेंगे। ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद वे प्रतिदिन 10 अपील भी दाखिल कर सकेंगे। इसके अलावा सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक दल बीएलए-1 नियुक्त करेंगे। सीईओ कार्यालय इन एजेंटों को भी प्रशिक्षण देगा।