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Delhi NCR News: बुखार को मामूली न समझें, स्वाइन फ्लू हो सकता है वजह
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-डॉक्टर ने चेतावनी दी है कि लगातार बुखार, खांसी और शरीर में दर्द को नजरअंदाज न करें
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार की शिकायत बढ़ने लगी है। ऐसे में बुखार आते ही केवल एक गोली खाकर सो जाना या रोजमर्रा के काम में लग जाना भारी पड़ सकता है। कई बार सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे दिखने वाले लक्षण स्वाइन फ्लू (इन्फ्लूएंजा) के भी हो सकते हैं। ऐसे में डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लगातार बुखार, खांसी और शरीर में दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। स्वाइन फ्लू में अचानक बुखार के साथ खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और तेज थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं।
स्वामी दयानंद अस्पताल के डॉ. ग्लैडमिन त्यागी ने बताया कि बुखार कम करने वाली दवा से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन इससे फ्लू का संक्रमण खत्म नहीं होता। दवा लेने के बाद भी शरीर को संक्रमण से लड़ने के लिए आराम की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि बुखार और बदन दर्द के दौरान ज्यादा मेहनत करने, लगातार काम करने या पर्याप्त नींद न लेने से कमजोरी बढ़ सकती है। बीमारी में कई बार प्यास कम लगती है, जिससे व्यक्ति कम पानी पीता है। इससे कमजोरी, चक्कर और थकान बढ़ सकती है।
डॉक्टर से संपर्क करें
डॉक्टरों की सलाह है कि बीमारी के दौरान थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। पानी के अलावा सूप, नारियल पानी और अन्य उपयुक्त तरल पदार्थ भी लिए जा सकते हैं। अगर बुखार लगातार बना रहे, सांस लेने में परेशानी हो, अत्यधिक कमजोरी महसूस हो या हालत तेजी से बिगड़ रही हो तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार की शिकायत बढ़ने लगी है। ऐसे में बुखार आते ही केवल एक गोली खाकर सो जाना या रोजमर्रा के काम में लग जाना भारी पड़ सकता है। कई बार सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे दिखने वाले लक्षण स्वाइन फ्लू (इन्फ्लूएंजा) के भी हो सकते हैं। ऐसे में डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लगातार बुखार, खांसी और शरीर में दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। स्वाइन फ्लू में अचानक बुखार के साथ खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और तेज थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं।
स्वामी दयानंद अस्पताल के डॉ. ग्लैडमिन त्यागी ने बताया कि बुखार कम करने वाली दवा से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन इससे फ्लू का संक्रमण खत्म नहीं होता। दवा लेने के बाद भी शरीर को संक्रमण से लड़ने के लिए आराम की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि बुखार और बदन दर्द के दौरान ज्यादा मेहनत करने, लगातार काम करने या पर्याप्त नींद न लेने से कमजोरी बढ़ सकती है। बीमारी में कई बार प्यास कम लगती है, जिससे व्यक्ति कम पानी पीता है। इससे कमजोरी, चक्कर और थकान बढ़ सकती है।
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डॉक्टर से संपर्क करें
डॉक्टरों की सलाह है कि बीमारी के दौरान थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। पानी के अलावा सूप, नारियल पानी और अन्य उपयुक्त तरल पदार्थ भी लिए जा सकते हैं। अगर बुखार लगातार बना रहे, सांस लेने में परेशानी हो, अत्यधिक कमजोरी महसूस हो या हालत तेजी से बिगड़ रही हो तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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