{"_id":"6a870e6c95a36eee9b05e438","slug":"dusu-elections-poster-campaigning-confined-to-wall-of-democracy-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-151491-2026-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: डूसू चुनावः वॉल ऑफ डेमोक्रेसी पर सिमटी पोस्टरबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: डूसू चुनावः वॉल ऑफ डेमोक्रेसी पर सिमटी पोस्टरबाजी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-भावी प्रत्याशियों के पोस्टर कैंपस की दीवारों पर कम
-डीयू प्रशासन व दिल्ली पुलिस की सख्ती का दिख रहा असर
-कैंपस की दीवारों से लेकर मेट्रो स्टेशनों तक इस बार नहीं दिख रही पुरानी चुनावी रंगत
रश्मि शर्मा
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव को लेकर कैंपस में सियासी सरगर्मी बढ़ने लगी है, लेकिन इस बार चुनावी रंगत कुछ बदली-बदली नजर आ रही है। चुनाव से पहले जहां पिछले वर्षों में डीयू परिसर की दीवारों से लेकर आसपास के इलाकों और मेट्रो स्टेशनों तक पोस्टर और होर्डिंग नजर आते थे, वहीं इस बार अब तक प्रचार के लिए निर्धारित वॉल ऑफ डेमोक्रेसी तक ही सिमटा हुआ है। डीयू प्रशासन ने प्रत्याशियों को प्रचार के लिए केवल निर्धारित स्थानों (वॉल ऑफ डेमोक्रेसी) पर पोस्टर लगाने की अनुमति दी है। इनमें आर्ट फैकल्टी के गेट नंबर-4 के पास, गांधी भवन के पास, पटेल चेस्ट चौक, मौरिस नगर चौक और क्रांति चौक की दीवारें शामिल हैं। इन स्थानों के अलावा पोस्टर लगाए जाने पर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही होर्डिंग्स लगाने की भी मनाही है। संगठन व प्रत्याशी केवल हस्तलिखित पोस्टर व पर्चों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
सख्ती का असर, प्रत्याशियों में सतर्कता
दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ-साथ दिल्ली पुलिस की सख्ती का असर इस बार अब तक साफ दिखाई दे रहा है। छात्र संगठनों और संभावित प्रत्याशियों में नियमों को लेकर सतर्कता है। माना जा रहा है कि प्रतिबंधित स्थानों पर पोस्टरबाजी करने से कार्रवाई के साथ-साथ चुनावी दावेदारी पर भी असर पड़ सकता है। यही वजह है कि चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद भी कैंपस की ज्यादातर दीवारें साफ नजर आ रही हैं। जहां कोई पोस्टर लगा रहा है, वहां से उन्हें हटाया जा रहा है।
डीयू प्रॉक्टर प्रो. मनोज कुमार के अनुसार डूसू चुनाव के दौरान लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का पूरी कड़ाई के साथ पालन करवाया जा रहा है। अब तक दीवारों को गंदा करने डिफेसमेंट (विरूपण) की भी कोई सूचना नहीं मिली है। डीयू की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर सामूहिक मुहिम चलाई है जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। मालूम हो कि पिछले वर्ष सार्वजनिक दीवारों को गंदा करने के मामले में कोर्ट ने वर्ष 2024 में न केवल मतगणना पर रोक लगा दी थी बल्कि प्रत्याशियों को भी दीवारें साफ कराने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
-डीयू प्रशासन व दिल्ली पुलिस की सख्ती का दिख रहा असर
-कैंपस की दीवारों से लेकर मेट्रो स्टेशनों तक इस बार नहीं दिख रही पुरानी चुनावी रंगत
रश्मि शर्मा
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव को लेकर कैंपस में सियासी सरगर्मी बढ़ने लगी है, लेकिन इस बार चुनावी रंगत कुछ बदली-बदली नजर आ रही है। चुनाव से पहले जहां पिछले वर्षों में डीयू परिसर की दीवारों से लेकर आसपास के इलाकों और मेट्रो स्टेशनों तक पोस्टर और होर्डिंग नजर आते थे, वहीं इस बार अब तक प्रचार के लिए निर्धारित वॉल ऑफ डेमोक्रेसी तक ही सिमटा हुआ है। डीयू प्रशासन ने प्रत्याशियों को प्रचार के लिए केवल निर्धारित स्थानों (वॉल ऑफ डेमोक्रेसी) पर पोस्टर लगाने की अनुमति दी है। इनमें आर्ट फैकल्टी के गेट नंबर-4 के पास, गांधी भवन के पास, पटेल चेस्ट चौक, मौरिस नगर चौक और क्रांति चौक की दीवारें शामिल हैं। इन स्थानों के अलावा पोस्टर लगाए जाने पर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही होर्डिंग्स लगाने की भी मनाही है। संगठन व प्रत्याशी केवल हस्तलिखित पोस्टर व पर्चों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
सख्ती का असर, प्रत्याशियों में सतर्कता
दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ-साथ दिल्ली पुलिस की सख्ती का असर इस बार अब तक साफ दिखाई दे रहा है। छात्र संगठनों और संभावित प्रत्याशियों में नियमों को लेकर सतर्कता है। माना जा रहा है कि प्रतिबंधित स्थानों पर पोस्टरबाजी करने से कार्रवाई के साथ-साथ चुनावी दावेदारी पर भी असर पड़ सकता है। यही वजह है कि चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद भी कैंपस की ज्यादातर दीवारें साफ नजर आ रही हैं। जहां कोई पोस्टर लगा रहा है, वहां से उन्हें हटाया जा रहा है।
विज्ञापन
डीयू प्रॉक्टर प्रो. मनोज कुमार के अनुसार डूसू चुनाव के दौरान लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का पूरी कड़ाई के साथ पालन करवाया जा रहा है। अब तक दीवारों को गंदा करने डिफेसमेंट (विरूपण) की भी कोई सूचना नहीं मिली है। डीयू की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर सामूहिक मुहिम चलाई है जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। मालूम हो कि पिछले वर्ष सार्वजनिक दीवारों को गंदा करने के मामले में कोर्ट ने वर्ष 2024 में न केवल मतगणना पर रोक लगा दी थी बल्कि प्रत्याशियों को भी दीवारें साफ कराने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन