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Delhi NCR News: नवजातों में ब्रेन ट्यूमर की जल्द पहचान के लिए राष्ट्रीय डाटाबेस पर जोर
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एम्स में बाल न्यूरो सर्जनों का मंथन
आईएसपीएन की मिडटर्म बैठक में विशेषज्ञों ने टेलीमेडिसिन से ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाने पर सहमति जताई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नवजात शिशुओं में होने वाले ब्रेन ट्यूमर की समय रहते पहचान और बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए देश में राष्ट्रीय डाटाबेस तैयार करने की जरूरत पर विशेषज्ञों ने जोर दिया है। यह चर्चा शुक्रवार को एम्स दिल्ली के सीईटी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इंडियन सोसायटी फॉर पीडियाट्रिक न्यूरोसर्जरी (आईएसपीएन) की मिडटर्म बैठक के उद्घाटन सत्र में हुई। तीन दिवसीय इस बैठक में भारत सहित विभिन्न देशों के अग्रणी बाल न्यूरोसर्जन व करीब 150 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय डाटाबेस न केवल बीमारी के वैज्ञानिक अध्ययन को गति देगा, बल्कि उपचार की प्रभावी रणनीतियां बनाने व साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य नीतियां विकसित करने में भी सहायक होगा। चिकित्सकों के अनुसार, शुरुआती चरण में पहचान होने पर उपचार की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।
सम्मेलन के पहले दिन नवजातों के ब्रेन ट्यूमर पर केंद्रित सत्र आयोजित किए गए। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भारत में ऐसे मामलों के राष्ट्रीय डाटाबेस का सुझाव दिया। भारतीय विशेषज्ञों ने दूरदराज व ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन के व्यापक उपयोग पर जोर दिया, ताकि छोटे शहरों-गांवों के मरीजों को बड़े संस्थानों के विशेषज्ञों से जोड़ा जा सके। इसके अलावा ब्रेन डिसेक्शन और इंट्रा-ऑपरेटिव अल्ट्रासाउंड पर व्यावहारिक कार्यशालाएं भी आयोजित की गईं।
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आईएसपीएन की मिडटर्म बैठक में विशेषज्ञों ने टेलीमेडिसिन से ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाने पर सहमति जताई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नवजात शिशुओं में होने वाले ब्रेन ट्यूमर की समय रहते पहचान और बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए देश में राष्ट्रीय डाटाबेस तैयार करने की जरूरत पर विशेषज्ञों ने जोर दिया है। यह चर्चा शुक्रवार को एम्स दिल्ली के सीईटी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इंडियन सोसायटी फॉर पीडियाट्रिक न्यूरोसर्जरी (आईएसपीएन) की मिडटर्म बैठक के उद्घाटन सत्र में हुई। तीन दिवसीय इस बैठक में भारत सहित विभिन्न देशों के अग्रणी बाल न्यूरोसर्जन व करीब 150 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय डाटाबेस न केवल बीमारी के वैज्ञानिक अध्ययन को गति देगा, बल्कि उपचार की प्रभावी रणनीतियां बनाने व साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य नीतियां विकसित करने में भी सहायक होगा। चिकित्सकों के अनुसार, शुरुआती चरण में पहचान होने पर उपचार की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।
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सम्मेलन के पहले दिन नवजातों के ब्रेन ट्यूमर पर केंद्रित सत्र आयोजित किए गए। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भारत में ऐसे मामलों के राष्ट्रीय डाटाबेस का सुझाव दिया। भारतीय विशेषज्ञों ने दूरदराज व ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन के व्यापक उपयोग पर जोर दिया, ताकि छोटे शहरों-गांवों के मरीजों को बड़े संस्थानों के विशेषज्ञों से जोड़ा जा सके। इसके अलावा ब्रेन डिसेक्शन और इंट्रा-ऑपरेटिव अल्ट्रासाउंड पर व्यावहारिक कार्यशालाएं भी आयोजित की गईं।
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