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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Every case report from Sakhi Centres will now go to the Chief Minister's Office.

Delhi NCR News: सखी सेंटरों की हर केस रिपोर्ट अब मुख्यमंत्री कार्यालय जाएगी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Oct 2026 06:10 PM IST
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एफआईआर से लेकर पीड़िता को मिली मदद तक का हर महीने देना होगा ब्योरा
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पॉक्सो मामलों में गोपनीयता के साथ गिरफ्तारी और कानूनी प्रक्रिया की होगी समयबद्ध निगरानी

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
सखी वन स्टॉप सेंटरों में पहुंचने वाली महिलाओं और बच्चियों से जुड़े मामलों की अब सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से निगरानी होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को लोक नायक अस्पताल स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण करते हुए दिल्ली के सभी सेंटरों की मासिक फॉलोअप रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए। रिपोर्ट में केवल मामलों की संख्या नहीं, बल्कि एफआईआर, पुलिस कार्रवाई, आरोपी के खिलाफ हुई कार्रवाई और पीड़िता को मिली वास्तविक मदद का पूरा ब्योरा शामिल करना होगा।
मुख्यमंत्री ने सेंटर के अधिकारियों और कर्मचारियों से मामलों की प्रक्रिया, काउंसलिंग, पुलिस एवं कानूनी सहायता, मेडिकल सुविधा और अस्थायी आश्रय की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सेंटर पहुंचने वाली पीड़िता के लिए यह महत्वपूर्ण कदम होता है। ऐसे में उसे सुरक्षित माहौल में धैर्यपूर्वक सुना जाए और जरूरत के अनुसार तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।
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यदि किसी थाने से मामले की जानकारी मिलने या कार्रवाई में देरी होती है तो उसका उल्लेख भी मासिक रिपोर्ट में किया जाएगा। इसके आधार पर मामला वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के स्तर पर उठाकर जल्द समाधान कराया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिकायत दर्ज होने के बाद मामला कार्रवाई के स्तर पर लंबित न रहे।
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पॉक्सो मामलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश
बच्चियों से जुड़े पॉक्सो मामलों में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे मामलों का रिकॉर्ड पूरी गोपनीयता के साथ अलग रखने के साथ एफआईआर, आरोपी की गिरफ्तारी और आगे की कानूनी प्रक्रिया का समयबद्ध फॉलोअप किया जाएगा। सखी वन स्टॉप सेंटरों में हिंसा से प्रभावित महिलाओं और बच्चियों को एक ही जगह पुलिस, मेडिकल, कानूनी और काउंसलिंग की सुविधा मिलती है। जरूरत पड़ने पर अस्थायी ठहरने, भोजन और कपड़ों की व्यवस्था भी की जाती है।

जरूरत के मुताबिक पीड़िता को सहायता उपलब्ध कराएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी व्यवस्था की सफलता केवल केस दर्ज होने से नहीं, बल्कि पीड़िता को मिली सहायता और आगे हुई कार्रवाई से तय होगी। जरूरत के अनुसार पुलिस, कानूनी एजेंसियों और शेल्टर होम के बीच समन्वय कर पीड़िता को आगे की सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
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