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Faridabad News: उल्लास कार्यक्रम की परीक्षा में शामिल हुए 5216 शिक्षार्थी
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-270 परीक्षा केंद्र बनाए गए, महिलाओं की भागीदारी रही अधिक
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले में भारत सरकार और हरियाणा सरकार द्वारा संचालित उल्लास (यूएलएलएएस) कार्यक्रम के तहत वयस्क शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आयोजित परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। जिले में बनाए गए 270 परीक्षा केंद्रों पर बड़ी संख्या में शिक्षार्थियों ने उत्साह के साथ परीक्षा में भाग लिया।
इस परीक्षा के लिए जिले में करीब 5500 शिक्षार्थियों का पंजीकरण किया गया था, जिनमें से 5216 शिक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 3146 महिला शिक्षार्थी और 2070 पुरुष शिक्षार्थी शामिल रहे। महिलाओं की अधिक भागीदारी यह दर्शाती है कि जिले में अब महिलाएं भी शिक्षा के प्रति तेजी से जागरूक हो रही हैं। परीक्षा के सफल आयोजन के लिए जिला शिक्षा विभाग द्वारा व्यापक तैयारियां की गई थीं। सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं।
इसके अलावा खंड शिक्षा अधिकारियों, ब्लॉक स्तर के उल्लास समन्वयकों, विद्यालय प्राचार्यों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों ने मिलकर परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि जिले में उल्लास कार्यक्रम के माध्यम से निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इस पहल से समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बन रहा है।
निरक्षरता मिटाने की दिशा में बड़ा कदम :
उल्लास कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के ऐसे वयस्क लोगों को शिक्षा से जोड़ना है जो किसी कारणवश पढ़ाई से वंचित रह गए थे। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें मूलभूत साक्षरता, गणितीय ज्ञान और जीवनोपयोगी शिक्षा प्रदान की जाती है ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले में भारत सरकार और हरियाणा सरकार द्वारा संचालित उल्लास (यूएलएलएएस) कार्यक्रम के तहत वयस्क शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आयोजित परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। जिले में बनाए गए 270 परीक्षा केंद्रों पर बड़ी संख्या में शिक्षार्थियों ने उत्साह के साथ परीक्षा में भाग लिया।
इस परीक्षा के लिए जिले में करीब 5500 शिक्षार्थियों का पंजीकरण किया गया था, जिनमें से 5216 शिक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 3146 महिला शिक्षार्थी और 2070 पुरुष शिक्षार्थी शामिल रहे। महिलाओं की अधिक भागीदारी यह दर्शाती है कि जिले में अब महिलाएं भी शिक्षा के प्रति तेजी से जागरूक हो रही हैं। परीक्षा के सफल आयोजन के लिए जिला शिक्षा विभाग द्वारा व्यापक तैयारियां की गई थीं। सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं।
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इसके अलावा खंड शिक्षा अधिकारियों, ब्लॉक स्तर के उल्लास समन्वयकों, विद्यालय प्राचार्यों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों ने मिलकर परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि जिले में उल्लास कार्यक्रम के माध्यम से निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इस पहल से समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बन रहा है।
निरक्षरता मिटाने की दिशा में बड़ा कदम :
उल्लास कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के ऐसे वयस्क लोगों को शिक्षा से जोड़ना है जो किसी कारणवश पढ़ाई से वंचित रह गए थे। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें मूलभूत साक्षरता, गणितीय ज्ञान और जीवनोपयोगी शिक्षा प्रदान की जाती है ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।