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Faridabad News: सूरजकुंड मेला में हुए झूला हादसे का एक और आरोपी गिरफ्तार
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झूलों की सुरक्षा जांच से जुड़ी दैनिक निरीक्षण रिपोर्टों पर हस्ताक्षर करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले में हुए झूला हादसे की जांच में पुलिस ने 16 जून को एक और गिरफ्तारी की है। पुलिस ने आरोपी बलजीत शर्मा को गिरफ्तार किया है, जिस पर झूलों की सुरक्षा जांच से जुड़ी दैनिक निरीक्षण रिपोर्टों पर हस्ताक्षर करने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि हादसे से पहले तैयार की गई निरीक्षण रिपोर्टों में उसकी भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
पुलिस के अनुसार सूरजकुंड मेले में झूलों के संचालन का टेंडर एमएस द हिमाचल फन फेयर के नाम पर जारी किया गया था, जिसके संचालक मोहम्मद शाकिर था। जांच में पाया गया कि 4 से 7 फरवरी 2026 के बीच झूलों की रोजाना तैयार होने वाली निरीक्षण रिपोर्टों पर बलजीत शर्मा ने हस्ताक्षर किए थे, जबकि वह न तो संबंधित फर्म का मालिक था और न ही अधिकृत टेंडर धारक।
दरअसल, मेले में संचालित प्रत्येक झूले की प्रतिदिन तकनीकी और सुरक्षा जांच की जाती थी। जांच के बाद समिति द्वारा रिपोर्ट तैयार की जाती थी, जिस पर अधिकारियों के साथ-साथ टेंडर धारक के हस्ताक्षर भी आवश्यक होते थे। पुलिस का आरोप है कि मोहम्मद शाकिर की अनुपस्थिति में बलजीत शर्मा ने इन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए, जिससे सुरक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस इसे आपसी मिलीभगत और साजिश का हिस्सा मानकर जांच कर रही है।
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सात फरवरी 2026 को मेले में लगा सुनामी झूला अचानक टूटकर गिर गया था। हादसे में लोगों को बचाने के प्रयास में ड्यूटी पर तैनात पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई थी, जबकि 13 अन्य लोग घायल हुए थे। घटना के बाद प्रशासन ने विस्तृत जांच कराई थी, जिसमें सुरक्षा मानकों के पालन और अनुमति प्रक्रिया में कई खामियां सामने आई थीं। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया था कि हादसे का शिकार बना झूला स्वीकृत झूलों की मूल सूची में शामिल नहीं था। इस मामले में झूला संचालक मोहम्मद शाकिर सहित अन्य आरोपियों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल का कहना है कि जांच अभी जारी है और सुरक्षा नियमों की अनदेखी या दस्तावेजी अनियमितताओं में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले में हुए झूला हादसे की जांच में पुलिस ने 16 जून को एक और गिरफ्तारी की है। पुलिस ने आरोपी बलजीत शर्मा को गिरफ्तार किया है, जिस पर झूलों की सुरक्षा जांच से जुड़ी दैनिक निरीक्षण रिपोर्टों पर हस्ताक्षर करने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि हादसे से पहले तैयार की गई निरीक्षण रिपोर्टों में उसकी भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
पुलिस के अनुसार सूरजकुंड मेले में झूलों के संचालन का टेंडर एमएस द हिमाचल फन फेयर के नाम पर जारी किया गया था, जिसके संचालक मोहम्मद शाकिर था। जांच में पाया गया कि 4 से 7 फरवरी 2026 के बीच झूलों की रोजाना तैयार होने वाली निरीक्षण रिपोर्टों पर बलजीत शर्मा ने हस्ताक्षर किए थे, जबकि वह न तो संबंधित फर्म का मालिक था और न ही अधिकृत टेंडर धारक।
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दरअसल, मेले में संचालित प्रत्येक झूले की प्रतिदिन तकनीकी और सुरक्षा जांच की जाती थी। जांच के बाद समिति द्वारा रिपोर्ट तैयार की जाती थी, जिस पर अधिकारियों के साथ-साथ टेंडर धारक के हस्ताक्षर भी आवश्यक होते थे। पुलिस का आरोप है कि मोहम्मद शाकिर की अनुपस्थिति में बलजीत शर्मा ने इन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए, जिससे सुरक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस इसे आपसी मिलीभगत और साजिश का हिस्सा मानकर जांच कर रही है।
सात फरवरी 2026 को मेले में लगा सुनामी झूला अचानक टूटकर गिर गया था। हादसे में लोगों को बचाने के प्रयास में ड्यूटी पर तैनात पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई थी, जबकि 13 अन्य लोग घायल हुए थे। घटना के बाद प्रशासन ने विस्तृत जांच कराई थी, जिसमें सुरक्षा मानकों के पालन और अनुमति प्रक्रिया में कई खामियां सामने आई थीं। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया था कि हादसे का शिकार बना झूला स्वीकृत झूलों की मूल सूची में शामिल नहीं था। इस मामले में झूला संचालक मोहम्मद शाकिर सहित अन्य आरोपियों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल का कहना है कि जांच अभी जारी है और सुरक्षा नियमों की अनदेखी या दस्तावेजी अनियमितताओं में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।