{"_id":"6a32f509992aa73e9c04f921","slug":"bail-plea-granted-in-illegal-mining-and-fake-receipt-case-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-72632-2026-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: अवैध खनन और फर्जी रसीद के मामले में जमानत याचिका मंजूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: अवैध खनन और फर्जी रसीद के मामले में जमानत याचिका मंजूर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कहा-20 गवाहों वाले मामले के जल्द निपटारे की संभावना नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अवैध खनन और फर्जी दस्तावेज तैयार कर डंपर छुड़ाने के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव की अदालत ने आरोपी रोहताश की नियमित जमानत याचिका मंजूर कर ली। अदालत ने माना कि मामले में पुलिस जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। संबंधित डंपर पहले ही बरामद किया जा चुका है और आरोपी से अब कोई अन्य बरामदगी शेष नहीं है। इसके अलावा मुकदमे की सुनवाई अभी शुरू नहीं हुई है व 20 अभियोजन गवाहों के कारण ट्रायल के जल्द पूरा होने की संभावना भी नहीं है। इसलिए जमानत याचिका मंजूर की जाती है।
मामला थाना छांयसा में 9 अप्रैल 2025 को दर्ज एफआईआर से संबंधित है। शिकायतकर्ता वीरेंद्र ने आरोप लगाया था कि यमुना क्षेत्र में प्रतिबंधित रेत खनन किया जा रहा है। शिकायत के अनुसार 20 अप्रैल 2022 को ग्रामीणों ने रेत से भरा एक डंपर पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। बाद में एक रॉयल्टी रसीद के आधार पर डंपर को छोड़ दिया गया। जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के भूगर्भ एवं खनिकर्म निदेशालय, लखनऊ की रिपोर्ट में उक्त रसीद को फर्जी बताया गया।
पुलिस ने मामले में आपराधिक साजिश, सरकारी आदेश की अवहेलना, चोरी, धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों के उपयोग तथा खनन कानून के उल्लंघन से संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। रोहताश को 14 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी लगभग दो माह से न्यायिक हिरासत में है, जांच पूरी हो चुकी है और अंतिम रिपोर्ट अदालत में पेश की जा चुकी है। केवल सह-आरोपियों की गिरफ्तारी लंबित होने के आधार पर किसी आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता है। अदालत ने अनुच्छेद-21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार और बेल नियम है, जेल अपवाद के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए रोहताश को एक लाख रुपये के मुचलके और एक जमानती पर नियमित जमानत देने का आदेश दिया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अवैध खनन और फर्जी दस्तावेज तैयार कर डंपर छुड़ाने के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव की अदालत ने आरोपी रोहताश की नियमित जमानत याचिका मंजूर कर ली। अदालत ने माना कि मामले में पुलिस जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। संबंधित डंपर पहले ही बरामद किया जा चुका है और आरोपी से अब कोई अन्य बरामदगी शेष नहीं है। इसके अलावा मुकदमे की सुनवाई अभी शुरू नहीं हुई है व 20 अभियोजन गवाहों के कारण ट्रायल के जल्द पूरा होने की संभावना भी नहीं है। इसलिए जमानत याचिका मंजूर की जाती है।
मामला थाना छांयसा में 9 अप्रैल 2025 को दर्ज एफआईआर से संबंधित है। शिकायतकर्ता वीरेंद्र ने आरोप लगाया था कि यमुना क्षेत्र में प्रतिबंधित रेत खनन किया जा रहा है। शिकायत के अनुसार 20 अप्रैल 2022 को ग्रामीणों ने रेत से भरा एक डंपर पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। बाद में एक रॉयल्टी रसीद के आधार पर डंपर को छोड़ दिया गया। जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के भूगर्भ एवं खनिकर्म निदेशालय, लखनऊ की रिपोर्ट में उक्त रसीद को फर्जी बताया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने मामले में आपराधिक साजिश, सरकारी आदेश की अवहेलना, चोरी, धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों के उपयोग तथा खनन कानून के उल्लंघन से संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। रोहताश को 14 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी लगभग दो माह से न्यायिक हिरासत में है, जांच पूरी हो चुकी है और अंतिम रिपोर्ट अदालत में पेश की जा चुकी है। केवल सह-आरोपियों की गिरफ्तारी लंबित होने के आधार पर किसी आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता है। अदालत ने अनुच्छेद-21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार और बेल नियम है, जेल अपवाद के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए रोहताश को एक लाख रुपये के मुचलके और एक जमानती पर नियमित जमानत देने का आदेश दिया।