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Faridabad News: सत्यापन की अड़चन में फंसी सामाजिक सुरक्षा पेंशन, काटने पड़ रहे चक्कर
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पात्र लाभार्थियों को करना पड़ रहा इंतजार, रुकी पेंशन और लंबित आवेदनों से बढ़ी परेशानी
नीरज धर पाण्डेय
फरीदाबाद। जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ लेने वाले हजारों लोगों को इन दिनों परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्ग, विधवा, दिव्यांग, निराश्रित बच्चे और अन्य श्रेणियों के लाभार्थी पेंशन शुरू कराने या रुकी हुई पेंशन दोबारा चालू करवाने के लिए विभागीय कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। विभाग का कहना है कि दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच के चलते प्रक्रिया में समय लग रहा है, जबकि लाभार्थी इसे अनावश्यक देरी बता रहे हैं।
जिले में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत करीब 1.88 लाख लाभार्थियों को विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इनमें बुजुर्ग, विधवा, दिव्यांग, लाडली योजना, कैंसर रोगी और अन्य श्रेणियां शामिल हैं। पेंशन की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है।
दिसंबर में रिकॉर्ड सत्यापन के दौरान नाम, जन्मतिथि, बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड में गड़बड़ियां मिलने पर 1600 से अधिक लाभार्थियों की पेंशन रोक दी गई थी। विभाग के अनुसार इनमें से लगभग 60 प्रतिशत मामलों का निस्तारण कर पेंशन दोबारा शुरू कर दी गई है, जबकि शेष मामलों की जांच अभी जारी है।
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लंबित आवेदनों से बढ़ी परेशानी
पेंशन रुकने के मामलों के साथ-साथ नए आवेदनों के निस्तारण में देरी भी लोगों की चिंता बढ़ा रही है। कई पात्र आवेदकों का कहना है कि आवेदन करने के महीनों बाद भी उनका नाम स्वीकृत सूची में शामिल नहीं हुआ है। ऐसे लोगों को बार-बार विभाग से जानकारी लेने के लिए कार्यालय पहुंचना पड़ रहा है।
दस्तावेज सत्यापन बना बड़ी चुनौती
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश मामलों में रिकॉर्ड और दस्तावेजों में त्रुटियां सामने आ रही हैं। सत्यापन के बाद ही पेंशन जारी की जा सकती है। लाभार्थियों को दस्तावेज जमा कराने, फोटो अपडेट करवाने और बैंक संबंधी जानकारी दुरुस्त करने के लिए बुलाया जा रहा है। कई मामलों में लाभार्थियों के घर जाकर भी दस्तावेज एकत्रित किए जा रहे हैं।
अविवाहित पेंशन के लिए पिछले दो साल से प्रयास कर रहा हूं। हर बार कोई न कोई दस्तावेजी कमी बताकर वापस भेज दिया जाता है। घर की जिम्मेदारियों के बीच बार-बार कार्यालय जाना मुश्किल हो रहा है।-फतेह सिंह (49), पन्हेड़ा कला
2023 में गंभीर बीमारी के चलते मेरे पति का निधन हो गया था। मुश्किल से गुजारा चल रहा है। मैं समाज कल्याण कार्यालय आता हूं तो मुझे कहा जाता है कि जहां से फॉर्म भर रखा था, वहीं जाऊं।-शबाना (45), सुभाष चौक
छह महीने पहले पेंशन के लिए आवेदन किया था, लेकिन आज तक नाम सूची में नहीं आया। कई बार जानकारी लेने के बाद भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।-राजेंद्र सिंह (62), सेक्टर-22
विधवा पेंशन रुक गई है। परिवार पहचान पत्र में कुछ गड़बड़ी बताई गई है। सुधार कराने को कहा है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सुधार होते ही पेंशन फिर से शुरू हो जाएगी।-संतोषी (65), सेक्टर-4
निदेशालय से प्राप्त सूची के अनुसार लाभार्थियों को दस्तावेज जमा कराने और फोटो सत्यापन के लिए बुलाया जा रहा है। जिन लोगों की पेंशन तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से रुकी थी, उनकी त्रुटियां दूर कर पेंशन दोबारा शुरू की जा रही है।-ममता शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी।
नीरज धर पाण्डेय
फरीदाबाद। जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ लेने वाले हजारों लोगों को इन दिनों परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्ग, विधवा, दिव्यांग, निराश्रित बच्चे और अन्य श्रेणियों के लाभार्थी पेंशन शुरू कराने या रुकी हुई पेंशन दोबारा चालू करवाने के लिए विभागीय कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। विभाग का कहना है कि दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच के चलते प्रक्रिया में समय लग रहा है, जबकि लाभार्थी इसे अनावश्यक देरी बता रहे हैं।
जिले में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत करीब 1.88 लाख लाभार्थियों को विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इनमें बुजुर्ग, विधवा, दिव्यांग, लाडली योजना, कैंसर रोगी और अन्य श्रेणियां शामिल हैं। पेंशन की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है।
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दिसंबर में रिकॉर्ड सत्यापन के दौरान नाम, जन्मतिथि, बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड में गड़बड़ियां मिलने पर 1600 से अधिक लाभार्थियों की पेंशन रोक दी गई थी। विभाग के अनुसार इनमें से लगभग 60 प्रतिशत मामलों का निस्तारण कर पेंशन दोबारा शुरू कर दी गई है, जबकि शेष मामलों की जांच अभी जारी है।
लंबित आवेदनों से बढ़ी परेशानी
पेंशन रुकने के मामलों के साथ-साथ नए आवेदनों के निस्तारण में देरी भी लोगों की चिंता बढ़ा रही है। कई पात्र आवेदकों का कहना है कि आवेदन करने के महीनों बाद भी उनका नाम स्वीकृत सूची में शामिल नहीं हुआ है। ऐसे लोगों को बार-बार विभाग से जानकारी लेने के लिए कार्यालय पहुंचना पड़ रहा है।
दस्तावेज सत्यापन बना बड़ी चुनौती
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश मामलों में रिकॉर्ड और दस्तावेजों में त्रुटियां सामने आ रही हैं। सत्यापन के बाद ही पेंशन जारी की जा सकती है। लाभार्थियों को दस्तावेज जमा कराने, फोटो अपडेट करवाने और बैंक संबंधी जानकारी दुरुस्त करने के लिए बुलाया जा रहा है। कई मामलों में लाभार्थियों के घर जाकर भी दस्तावेज एकत्रित किए जा रहे हैं।
अविवाहित पेंशन के लिए पिछले दो साल से प्रयास कर रहा हूं। हर बार कोई न कोई दस्तावेजी कमी बताकर वापस भेज दिया जाता है। घर की जिम्मेदारियों के बीच बार-बार कार्यालय जाना मुश्किल हो रहा है।-फतेह सिंह (49), पन्हेड़ा कला
2023 में गंभीर बीमारी के चलते मेरे पति का निधन हो गया था। मुश्किल से गुजारा चल रहा है। मैं समाज कल्याण कार्यालय आता हूं तो मुझे कहा जाता है कि जहां से फॉर्म भर रखा था, वहीं जाऊं।-शबाना (45), सुभाष चौक
छह महीने पहले पेंशन के लिए आवेदन किया था, लेकिन आज तक नाम सूची में नहीं आया। कई बार जानकारी लेने के बाद भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।-राजेंद्र सिंह (62), सेक्टर-22
विधवा पेंशन रुक गई है। परिवार पहचान पत्र में कुछ गड़बड़ी बताई गई है। सुधार कराने को कहा है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सुधार होते ही पेंशन फिर से शुरू हो जाएगी।-संतोषी (65), सेक्टर-4
निदेशालय से प्राप्त सूची के अनुसार लाभार्थियों को दस्तावेज जमा कराने और फोटो सत्यापन के लिए बुलाया जा रहा है। जिन लोगों की पेंशन तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से रुकी थी, उनकी त्रुटियां दूर कर पेंशन दोबारा शुरू की जा रही है।-ममता शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी।