रिश्तों का टूटा दम: महज 5.5KM दूर रहते हैं बेटे, पिता का शव पांच दिनों तक सड़ता रहा, समझाने पर शव लेने आए बेटे
दक्षिण दिल्ली के कालकाजी में संगीतकार रवि डे का शव पांच दिन तक सड़ता रहा। उनके बेटों ने पुलिस के कहने पर 16 अगस्त को पोस्टमार्टम करवाया।
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हरियाणा के सोनीपत जिले की बेहद ही भावुक और मार्मिक घटना को लोग अभी भूले ही नहीं होंगे कि अब दक्षिण दिल्ली के कालकाजी थाना क्षेत्र में इसी तरह हैरान करन देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक बुजुर्ग पिता का शव करीब पांच दिन तक सड़ता रहा। शव पूरी तरह सड़-गल चुका था। मृतक म्यूजिशियन के बेटे मात्र साढ़े पांच किलोमीटर की दूरी पर रहते हैं। हद तो तब हो गई जब वह पिता के शव का सीधा पोस्टमार्टम कराने अस्पताल आए थे। कालकाजी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सोनीपत के एक ओल्ड एज होम में 74 वर्षीय बुजुर्ग शिव चरण राम रत्न गुप्ता (पूर्व मुंबई व्यवसायी) का निधन हो गया। उनकी विभिन्न शहरों में रहने में तीन बेटियां अंतिम संस्कार में नहीं आ सकीं। उन्होंने संस्था को 5100 रुपये भेजकर अंतिम संस्कार करने को कहा और वीडियो कॉल के जरिए अंतिम दर्शन किए।
उनके निधन के बाद जब आश्रम प्रबंधन ने उनकी तीन बेटियों को सूचना दी, तो उन्होंने दूरी और व्यस्तता का हवाला देते हुए आने से असमर्थता जताई थी। मानवीय भावनाओं को झकझोर देने वाला इस तरह का मामला कालकाजी थाना क्षेत्र में सामने आया है। यहां पर 1640/5 गोविंदपुरी एक्सटेंशन में रवि डे (64) किराए पर रहते थे। वह पेशे से म्यूजिशियन थे।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कालकाजी पुलिस को 14 अगस्त को रात करीब 11 बजे पीसीआर कॉल मिली थी कि घर से घर से बदबू आ रही है। सूचना के बाद कालकाजी थानाध्यक्ष अजय कुमार व एसआई सचिन आदि स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। दरवाजे की कुंडी अंदर से बंद थी।
पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़कर घर से अंदर प्रवेश किया तो रवि डे का शव बाथरूम के गेट पर पड़ा था। उनके शरीर पर कपड़े नहीं थे। शव पूरी तरह सड़-गल चुका था और कीड़े पड़ रहे थे। पुलिस ने पड़ोसियों से पूछताछ लाजपत नगर में रहने वाले उनके दो बेटों को सूचना दी।
थाना पुलिस को कहना है कि सूचना के बाद बेटों ने आने से इनकार कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स में रखवा दिया था। पुलिस के समझाने के बाद बेटे 16 अगस्त को पिता के शव का पोस्टमार्टम करवाने एम्स पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद बेटे उनके शव को ले गए।
कालकाजी पुलिस इस मामले की जांच करने के अलावा लोगों के बयान दर्ज कर रही है। सवाल ये खड़ा होता है कि एक बुजुर्ग का शव घर में सड़ता रहा और बेटे उन्हें देखने भी नहीं आते थे। सवाल ये खड़ा होता है कि बुुजुर्ग ऐसी परिस्थितियों को क्यों शिकार हो रहे हैं।