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Delhi NCR News: एक दशक बाद चिड़ियाघर में लौटेंगे जिराफ-जेब्रा
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मास्टर प्लान-2047 में इन दोनों प्रजातियों को दोबारा लाने की योजना शामिल, प्रजातियों की संख्या बढ़ाकर 109 करने का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (दिल्ली चिड़ियाघर) में करीब एक दशक बाद जिराफ और जेब्रा की वापसी की तैयारी है। नए मास्टर प्लान के तहत दोनों प्रजातियों के लिए आधुनिक बाड़े बनाए जा रहे हैं। निर्माण पूरा होने के बाद इन्हें विदेश से दिल्ली लाने की योजना है। आखिरी जिराफ ‘अंकित’ की जून 2015 में दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई थी, जबकि आखिरी जेब्रा की मृत्यु 30 अप्रैल 2011 को हुई थी।
चिड़ियाघर में वन्यजीवों की प्रजातियों और संख्या बढ़ाने पर भी जोर है। करीब तीन दशक पहले यहां 130 से अधिक प्रजातियां थीं, जो घटकर 93 रह गई हैं। वर्तमान में करीब 1,245 वन्यजीव हैं। मास्टर प्लान-2047 में प्रजातियों की संख्या बढ़ाकर 109 करने का लक्ष्य है। जिराफ-जेब्रा के अलावा चीता, न्यू वर्ल्ड मंकी और माउस डियर को भी लाने की योजना है।
400 करोड़ से होगा आधुनिकीकरण
चिड़ियाघर के आधुनिकीकरण पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। नए वन्यजीवों को लाने पर करीब 3.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की संभावना है। शेर, बाघ, तेंदुआ, भालू और भेड़िये के बाड़ों के सामने मजबूत लैमिनेटेड ग्लास और खंदक बनाई जाएंगी। मुख्य प्रवेश द्वार को नया रूप देने के साथ पैदल यात्रियों और वाहनों के लिए अलग रास्ते होंगे। आधुनिक पशु अस्पताल और अन्य पर्यटक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (दिल्ली चिड़ियाघर) में करीब एक दशक बाद जिराफ और जेब्रा की वापसी की तैयारी है। नए मास्टर प्लान के तहत दोनों प्रजातियों के लिए आधुनिक बाड़े बनाए जा रहे हैं। निर्माण पूरा होने के बाद इन्हें विदेश से दिल्ली लाने की योजना है। आखिरी जिराफ ‘अंकित’ की जून 2015 में दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई थी, जबकि आखिरी जेब्रा की मृत्यु 30 अप्रैल 2011 को हुई थी।
चिड़ियाघर में वन्यजीवों की प्रजातियों और संख्या बढ़ाने पर भी जोर है। करीब तीन दशक पहले यहां 130 से अधिक प्रजातियां थीं, जो घटकर 93 रह गई हैं। वर्तमान में करीब 1,245 वन्यजीव हैं। मास्टर प्लान-2047 में प्रजातियों की संख्या बढ़ाकर 109 करने का लक्ष्य है। जिराफ-जेब्रा के अलावा चीता, न्यू वर्ल्ड मंकी और माउस डियर को भी लाने की योजना है।
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400 करोड़ से होगा आधुनिकीकरण
चिड़ियाघर के आधुनिकीकरण पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। नए वन्यजीवों को लाने पर करीब 3.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की संभावना है। शेर, बाघ, तेंदुआ, भालू और भेड़िये के बाड़ों के सामने मजबूत लैमिनेटेड ग्लास और खंदक बनाई जाएंगी। मुख्य प्रवेश द्वार को नया रूप देने के साथ पैदल यात्रियों और वाहनों के लिए अलग रास्ते होंगे। आधुनिक पशु अस्पताल और अन्य पर्यटक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
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