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Gurugram News: कमरों से बाहर निकलेंगी बाल वाटिकाएं, खेल और गतिविधियों के केंद्र के रूप में होंगी विकसित
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खेल-खेल में होगी पढ़ाई, मॉडल बालवाटिका बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने मांगी सूची
नंबर गेम - 05 लाख रुपये दिए जाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले के सरकारी स्कूलों में छोटे बच्चों के लिए बनाई गई बाल वाटिकाओं को अब केवल कमरे तक सीमित रखने की बजाय उन्हें खेल और गतिविधियों को केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। शिक्षा विभाग की योजना के तहत गुरुग्राम के एक सरकारी स्कूल की बाल वाटिका को मॉडल बाल वाटिका के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए स्कूलों की सूची मांगी गई है।
चयनित स्कूलों को बाल वाटिका विकसित करने के लिए करीब पांच लाख रुपये का बजट दिया जाएगा। इसमें कमरे की सजावट के साथ-साथ स्कूल परिसर में बच्चों के लिए झूले, खेल गतिविधियों और सीखने के अनुकूल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बच्चों के स्तर के अनुसार अक्षर ज्ञान, अंक आकृतियां कहानियां और चित्रों से जुड़ी शैक्षणिक सामग्री भी तैयार की जाएगी।
बाल वाटिका में बच्चों को किताब और कॉपी तक सीमित रखने के बजाय खेलते हुए सीखने का अवसर दिया जाएगा। परिसर में ऐसी गतिविधियां कराई जाएंगी, जिनसे बच्चों में सीखने के साथ रचनात्मकता और रुचि भी बढ़े। जिले में तैयार होने वाली मॉडल बाल वाटिका को बाद में अन्य सरकारी स्कूलों के लिए उदाहरण के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। इससे दूसरे स्कूल भी उपलब्ध संसाधनों के अनुसार बाल वाटिका के माहौल को बेहतर बना सकेंगे।
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इसका उद्देश्य बच्चों को किताब-कॉपी तक सीमित रखने के बजाय गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर देना है। मॉडल बाल वाटिका तैयार होने के बाद इसकी अच्छी गतिविधियों को जिले के अन्य सरकारी स्कूलों में भी अपनाया जा सकेगा। - सुमिता रांगी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, गुरुग्राम
जिले में 365 बाल वाटिकाएं हैं। हर ब्लॉक में एक मॉडल बाल वाटिका बनाई गई है, जिसमें सरकार ने विद्यार्थियों के लिए खेल के उपकरण भी उपलब्ध कराए हैं। - मनोज लाकड़ा, जिला समन्वयक अधिकारी गुरुग्राम।
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नंबर गेम - 05 लाख रुपये दिए जाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले के सरकारी स्कूलों में छोटे बच्चों के लिए बनाई गई बाल वाटिकाओं को अब केवल कमरे तक सीमित रखने की बजाय उन्हें खेल और गतिविधियों को केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। शिक्षा विभाग की योजना के तहत गुरुग्राम के एक सरकारी स्कूल की बाल वाटिका को मॉडल बाल वाटिका के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए स्कूलों की सूची मांगी गई है।
चयनित स्कूलों को बाल वाटिका विकसित करने के लिए करीब पांच लाख रुपये का बजट दिया जाएगा। इसमें कमरे की सजावट के साथ-साथ स्कूल परिसर में बच्चों के लिए झूले, खेल गतिविधियों और सीखने के अनुकूल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बच्चों के स्तर के अनुसार अक्षर ज्ञान, अंक आकृतियां कहानियां और चित्रों से जुड़ी शैक्षणिक सामग्री भी तैयार की जाएगी।
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बाल वाटिका में बच्चों को किताब और कॉपी तक सीमित रखने के बजाय खेलते हुए सीखने का अवसर दिया जाएगा। परिसर में ऐसी गतिविधियां कराई जाएंगी, जिनसे बच्चों में सीखने के साथ रचनात्मकता और रुचि भी बढ़े। जिले में तैयार होने वाली मॉडल बाल वाटिका को बाद में अन्य सरकारी स्कूलों के लिए उदाहरण के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। इससे दूसरे स्कूल भी उपलब्ध संसाधनों के अनुसार बाल वाटिका के माहौल को बेहतर बना सकेंगे।
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इसका उद्देश्य बच्चों को किताब-कॉपी तक सीमित रखने के बजाय गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर देना है। मॉडल बाल वाटिका तैयार होने के बाद इसकी अच्छी गतिविधियों को जिले के अन्य सरकारी स्कूलों में भी अपनाया जा सकेगा। - सुमिता रांगी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, गुरुग्राम
जिले में 365 बाल वाटिकाएं हैं। हर ब्लॉक में एक मॉडल बाल वाटिका बनाई गई है, जिसमें सरकार ने विद्यार्थियों के लिए खेल के उपकरण भी उपलब्ध कराए हैं। - मनोज लाकड़ा, जिला समन्वयक अधिकारी गुरुग्राम।