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Gurugram News: 24 घंटे अस्पताल में भर्ती न होने पर रोका था क्लेम, ब्याज समेत करनी होगी राशि वापस
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उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को दिया आदेश, छाती में दर्द होने पर निजी अस्पताल में भर्ती हुए थे शिकायतकर्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
गुुरुग्राम। अस्पताल में 24 घंटे तक भर्ती न होने पर बीमा कंपनी ने उपभोक्ता का क्लेम रोक दिया। अब कंपनी ब्याज के साथ को शिकायतकर्ता को राशि वापस करेगी। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की सदस्य खुशविंद्र कौर ने दिया है।
दयानंद कॉलोनी निवासी हरी किशन ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि उन्होंने ओरियंटल बिमा कंपनी से स्वास्थ्य बीमा लिया हुआ है। 25 अप्रैल 2021 को उनके छाती में दर्द हुआ तो निजी अस्पताल में वह भर्ती हो गए थे। जरूरी टेस्ट करने के बाद उनको अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद उन्होंने कंपनी में अपने 22 हजार रुपये के क्लेम के लिए आवेदन किया तो कंपनी की तरफ से उसे खारिज कर दिया गया। कंपनी ने दलील दी कि वह 24 घंटे से कम समय के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे। ऐसे में उनका क्लेम पास नहीं किया जा सकता।
पीड़ित ने उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर कर दी। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की तरफ से अदालत में दलील दी गई कि बीमा पॉलिसी के अनुसार कुछ उपचार के लिए 24 घंटे से कम समय के लिए अस्पताल में भर्ती होने पर भी क्लेम देने का प्रावधान था। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को नौ प्रतिशत की दर से 22 हजार रुपये वापस दें। इस दौरान उन्हें हुई मानसिक परेशानी पर 15 हजार रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर हुए खर्च के लिए 11 हजार रुपये भी देने होंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुुरुग्राम। अस्पताल में 24 घंटे तक भर्ती न होने पर बीमा कंपनी ने उपभोक्ता का क्लेम रोक दिया। अब कंपनी ब्याज के साथ को शिकायतकर्ता को राशि वापस करेगी। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की सदस्य खुशविंद्र कौर ने दिया है।
दयानंद कॉलोनी निवासी हरी किशन ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि उन्होंने ओरियंटल बिमा कंपनी से स्वास्थ्य बीमा लिया हुआ है। 25 अप्रैल 2021 को उनके छाती में दर्द हुआ तो निजी अस्पताल में वह भर्ती हो गए थे। जरूरी टेस्ट करने के बाद उनको अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद उन्होंने कंपनी में अपने 22 हजार रुपये के क्लेम के लिए आवेदन किया तो कंपनी की तरफ से उसे खारिज कर दिया गया। कंपनी ने दलील दी कि वह 24 घंटे से कम समय के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे। ऐसे में उनका क्लेम पास नहीं किया जा सकता।
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पीड़ित ने उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर कर दी। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की तरफ से अदालत में दलील दी गई कि बीमा पॉलिसी के अनुसार कुछ उपचार के लिए 24 घंटे से कम समय के लिए अस्पताल में भर्ती होने पर भी क्लेम देने का प्रावधान था। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को नौ प्रतिशत की दर से 22 हजार रुपये वापस दें। इस दौरान उन्हें हुई मानसिक परेशानी पर 15 हजार रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर हुए खर्च के लिए 11 हजार रुपये भी देने होंगे।