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Gurugram News: एनसीआर में विकसित होंगे चार नए ग्रीनफील्ड नमो सिटी
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अगली एनसीआर बोर्ड बैठक गुरुग्राम में होगी, एनसीआर के क्षेत्र में नहीं होगा कोई बदलाव : नायब सिंह सैनी
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में नई दिल्ली में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं बैठक में लिया गया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंगलवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआर प्लानिंग बोर्ड) की 42वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एके शर्मा और राजस्थान के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री झाबर सिंह खर्रा सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के साथ चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई। वहीं, अगली एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक गुरुग्राम में आयोजित की जाएगी।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एनसीआर के क्षेत्रीय दायरे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और वर्तमान सीमा यथावत बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि बैठक में एनसीआर के रीजनल प्लान-2041 पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस योजना के तहत क्षेत्र के भविष्य के विकास, शहरी नियोजन, पर्यावरण संरक्षण, आधारभूत ढांचा विकास और सतत विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
रीजनल प्लान-2041 को अंतिम रूप देने के लिए केंद्र सरकार व हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उप-समिति (सब-कमेटी) गठित की गई है। यह समिति 15 अगस्त 2026 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को सौंपेगी। बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के साथ चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई। बोर्ड के सभी सदस्य राज्य एक-एक नए ग्रीनफील्ड शहर की विकास योजना प्रस्तुत करेंगे। नमो सिटी नाम से विकसित किए जाने वाले ये शहर आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और आत्मनिर्भर शहरी केंद्रों के रूप में विकसित किए जाएंगे।
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मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की अगली बैठक दिसंबर 2026 में गुरुग्राम में आयोजित की जाएगी। इससे हरियाणा को क्षेत्रीय विकास संबंधी चर्चाओं और योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि एनसीआर बोर्ड के इन निर्णयों से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का संतुलित और समग्र विकास सुनिश्चित होगा। हरियाणा सरकार आरआरटीएस परियोजनाओं और प्रस्तावित ग्रीनफील्ड शहरों के विकास को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाएगी। बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर सहित एनसीआर क्षेत्र से जुड़े राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में नई दिल्ली में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं बैठक में लिया गया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंगलवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआर प्लानिंग बोर्ड) की 42वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एके शर्मा और राजस्थान के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री झाबर सिंह खर्रा सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के साथ चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई। वहीं, अगली एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक गुरुग्राम में आयोजित की जाएगी।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एनसीआर के क्षेत्रीय दायरे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और वर्तमान सीमा यथावत बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि बैठक में एनसीआर के रीजनल प्लान-2041 पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस योजना के तहत क्षेत्र के भविष्य के विकास, शहरी नियोजन, पर्यावरण संरक्षण, आधारभूत ढांचा विकास और सतत विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
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रीजनल प्लान-2041 को अंतिम रूप देने के लिए केंद्र सरकार व हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उप-समिति (सब-कमेटी) गठित की गई है। यह समिति 15 अगस्त 2026 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को सौंपेगी। बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के साथ चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई। बोर्ड के सभी सदस्य राज्य एक-एक नए ग्रीनफील्ड शहर की विकास योजना प्रस्तुत करेंगे। नमो सिटी नाम से विकसित किए जाने वाले ये शहर आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और आत्मनिर्भर शहरी केंद्रों के रूप में विकसित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की अगली बैठक दिसंबर 2026 में गुरुग्राम में आयोजित की जाएगी। इससे हरियाणा को क्षेत्रीय विकास संबंधी चर्चाओं और योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि एनसीआर बोर्ड के इन निर्णयों से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का संतुलित और समग्र विकास सुनिश्चित होगा। हरियाणा सरकार आरआरटीएस परियोजनाओं और प्रस्तावित ग्रीनफील्ड शहरों के विकास को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाएगी। बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर सहित एनसीआर क्षेत्र से जुड़े राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।