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Gurugram News: तैयारी तेज...इस बार मानसून में नहीं डूबेंगी सड़कें
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मानसून से निपटने की तैयारियों का जाएजा लेते जीएमडीए के अधिकारी। वि
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जीएमडीए के सीईओ ने प्रमुख स्थलों का किया निरीक्षण, 15 मई से पहले काम पूरा करने के दिए निर्देश
नंबर गेम- 6.5 किमी लंबे आरसीसी बॉक्स ड्रेन की डीसिल्टिंग के कार्य की भी समीक्षा की
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जीएमडीए ने मानसून में जलभराव से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर को जलभराव मुक्त बनाने के लिए अलग-अलग साइट पर काम चल रहा है। जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा ने सोमवार को गुरुग्राम के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर व्यापक निरीक्षण किया। इन निरीक्षणों का उद्देश्य गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) द्वारा चलाए जा रहे जल निकासी और आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने को अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून के दौरान जन-सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और जल निकासी व्यवस्था सुचारू बनी रहे, जिससे शहर की सड़के जलभराव में न डूबें।
जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा के नेतृत्व में टीम ताऊ देवीलाल स्टेडियम और राजीव चौक पर पहुंची। जहां पर प्रमुख स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कार्य की समीक्षा की और बताया कि यह परियोजना मेदांता रोड और आसपास के क्षेत्रों में बरसाती पानी के सुचारु प्रवाह के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह ड्रेनेज नेटवर्क भारी वर्षा के दौरान इस प्रमुख मार्ग पर जलभराव की समस्या को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कार्य की गति बढ़ाई जाए ताकि मानसून शुरू होने से पहले इसे समय पर पूरा कर कार्यशील बनाया जा सके। उन्होंने आगे निर्देश दिए हैं कि मास्टर रोड पर प्राथमिकता के आधार पर अतिरिक्त और मजबूत रोड गली (नालियां) का निर्माण किया जाए, ताकि वर्षा जल का तेजी से ड्रेनेज सिस्टम में निकासी सुनिश्चित हो सके।
यह प्रमुख स्थल..
- सेंट्रल पेरिफेरल रोड (सीपीआर) पर स्थित 6.5 किलोमीटर लंबे आरसीसी बॉक्स ड्रेन की डीसिल्टिंग के कार्य की भी समीक्षा की।
- सेक्टर-37डी में, उन्होंने लेग-3 और लेग-4 मास्टर स्टॉर्म वॉटर नालों को मानेसर नाले से जोड़ने के लिए चल रहे इस महत्वपूर्ण कार्य का निरीक्षण किया।
- धनकोट के निकट लेग-3 ड्रेन व एसटीपी चैनल में सीवर के अवैध प्रवाह संज्ञान लिया।
- उपचारित (ट्रीटेड) पानी ही सिंचाई-सह-एसटीपी चैनल के माध्यम से झज्जर की ओर प्रवाहित किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार के प्रदूषण के स्रोत को रोका जा सके।
- नरसिंहपुर का भी दौरा किया जीएमडीए द्वारा नरसिंहपुर सर्विस लेन से बरसाती पानी को बादशाहपुर नाले की ओर प्रवाहित करने के लिए ड्रेन निर्माण कार्य किया जा रहा है।
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नंबर गेम- 6.5 किमी लंबे आरसीसी बॉक्स ड्रेन की डीसिल्टिंग के कार्य की भी समीक्षा की
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जीएमडीए ने मानसून में जलभराव से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर को जलभराव मुक्त बनाने के लिए अलग-अलग साइट पर काम चल रहा है। जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा ने सोमवार को गुरुग्राम के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर व्यापक निरीक्षण किया। इन निरीक्षणों का उद्देश्य गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) द्वारा चलाए जा रहे जल निकासी और आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने को अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून के दौरान जन-सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और जल निकासी व्यवस्था सुचारू बनी रहे, जिससे शहर की सड़के जलभराव में न डूबें।
जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा के नेतृत्व में टीम ताऊ देवीलाल स्टेडियम और राजीव चौक पर पहुंची। जहां पर प्रमुख स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कार्य की समीक्षा की और बताया कि यह परियोजना मेदांता रोड और आसपास के क्षेत्रों में बरसाती पानी के सुचारु प्रवाह के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह ड्रेनेज नेटवर्क भारी वर्षा के दौरान इस प्रमुख मार्ग पर जलभराव की समस्या को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।
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उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कार्य की गति बढ़ाई जाए ताकि मानसून शुरू होने से पहले इसे समय पर पूरा कर कार्यशील बनाया जा सके। उन्होंने आगे निर्देश दिए हैं कि मास्टर रोड पर प्राथमिकता के आधार पर अतिरिक्त और मजबूत रोड गली (नालियां) का निर्माण किया जाए, ताकि वर्षा जल का तेजी से ड्रेनेज सिस्टम में निकासी सुनिश्चित हो सके।
यह प्रमुख स्थल..
- सेंट्रल पेरिफेरल रोड (सीपीआर) पर स्थित 6.5 किलोमीटर लंबे आरसीसी बॉक्स ड्रेन की डीसिल्टिंग के कार्य की भी समीक्षा की।
- सेक्टर-37डी में, उन्होंने लेग-3 और लेग-4 मास्टर स्टॉर्म वॉटर नालों को मानेसर नाले से जोड़ने के लिए चल रहे इस महत्वपूर्ण कार्य का निरीक्षण किया।
- धनकोट के निकट लेग-3 ड्रेन व एसटीपी चैनल में सीवर के अवैध प्रवाह संज्ञान लिया।
- उपचारित (ट्रीटेड) पानी ही सिंचाई-सह-एसटीपी चैनल के माध्यम से झज्जर की ओर प्रवाहित किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार के प्रदूषण के स्रोत को रोका जा सके।
- नरसिंहपुर का भी दौरा किया जीएमडीए द्वारा नरसिंहपुर सर्विस लेन से बरसाती पानी को बादशाहपुर नाले की ओर प्रवाहित करने के लिए ड्रेन निर्माण कार्य किया जा रहा है।

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