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Gurugram News: सड़क सुरक्षा...तालमेल से थमेंगे हादसे
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जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक में ब्लैक स्पॉट, स्कूल बसों की सुरक्षा एवं सड़क सुरक्षा उपायों की समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। एडीसी सोनू भट्ट की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट), सड़क सुरक्षा उपायों, जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट अभियान, स्कूल वाहनों की सुरक्षा, ओवरलोडिंग और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। एडीसी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।
बैठक में एडीसी ने जिले के सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर किए जा रहे सुधार कार्यों की विभागवार समीक्षा करते हुए निर्देश दिए हैं कि जहां भी सड़क संकेतक, रोड मार्किंग, स्ट्रीट लाइट, फुटपाथ, पैदल पार पथ और अन्य सड़क सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की कमी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल निर्माण एजेंसियों की नहीं बल्कि सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पचगांव चौक सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर सड़क सुरक्षा कार्यों में तेजी लाने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
विद्यालयों के आसपास लगाए जाएं सड़क संकेतक
एडीसी ने जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटना स्थलों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर निर्धारित मानकों के अनुरूप सुधारात्मक उपाय किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि दुर्घटनाओं के कारणों का गहन अध्ययन कर सड़क सुरक्षा से जुड़े आवश्यक ढांचागत एवं गैर-ढांचागत उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए। साथ ही संबंधित विभाग निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करें और उसकी नियमित रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें। बैठक में स्कूल बसों की सुरक्षा को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। एडीसी सोनू भट्ट ने निर्देश दिए कि जुलाई माह से सभी स्कूल बसों का विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाए और सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के सभी प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के आसपास सुरक्षित स्कूल जोन विकसित करने, सड़क संकेतक, स्पीड ब्रेकर, रोड मार्किंग व अन्य आवश्यक सड़क सुरक्षा उपायों को शीघ्र पूरा किया जाए, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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बैठक में नशे में वाहन चलाने वालों, ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई, यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन व सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष चर्चा की गई। एडीसी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रवर्तन और जनजागरूकता दोनों स्तरों पर लगातार अभियान चलाकर सड़क सुरक्षा को जनभागीदारी का अभियान बनाया जाए, जिससे जिले में दुर्घटनाओं और जनहानि में उल्लेखनीय कमी लाई जा सके।
बैठक में डीसीपी ट्रैफिक प्रतीक गहलोत, अतिरिक्त निगम आयुक्त रविंद्र यादव, एसडीएम बादशाहपुर संजीव सिंगला, एसडीएम गुरुग्राम हितेंद्र कुमार, एसडीएम पटौदी दिनेश लुहाच, एसडीएम मानेसर दर्शन यादव, एसीपी ट्रैफिक सत्यपाल यादव, एडीटीओ हरेंद्र वीर, एनएचएआई के अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। एडीसी सोनू भट्ट की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट), सड़क सुरक्षा उपायों, जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट अभियान, स्कूल वाहनों की सुरक्षा, ओवरलोडिंग और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। एडीसी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।
बैठक में एडीसी ने जिले के सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर किए जा रहे सुधार कार्यों की विभागवार समीक्षा करते हुए निर्देश दिए हैं कि जहां भी सड़क संकेतक, रोड मार्किंग, स्ट्रीट लाइट, फुटपाथ, पैदल पार पथ और अन्य सड़क सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की कमी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल निर्माण एजेंसियों की नहीं बल्कि सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पचगांव चौक सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर सड़क सुरक्षा कार्यों में तेजी लाने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
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विद्यालयों के आसपास लगाए जाएं सड़क संकेतक
एडीसी ने जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटना स्थलों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर निर्धारित मानकों के अनुरूप सुधारात्मक उपाय किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि दुर्घटनाओं के कारणों का गहन अध्ययन कर सड़क सुरक्षा से जुड़े आवश्यक ढांचागत एवं गैर-ढांचागत उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए। साथ ही संबंधित विभाग निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करें और उसकी नियमित रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें। बैठक में स्कूल बसों की सुरक्षा को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। एडीसी सोनू भट्ट ने निर्देश दिए कि जुलाई माह से सभी स्कूल बसों का विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाए और सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के सभी प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के आसपास सुरक्षित स्कूल जोन विकसित करने, सड़क संकेतक, स्पीड ब्रेकर, रोड मार्किंग व अन्य आवश्यक सड़क सुरक्षा उपायों को शीघ्र पूरा किया जाए, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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बैठक में नशे में वाहन चलाने वालों, ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई, यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन व सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष चर्चा की गई। एडीसी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रवर्तन और जनजागरूकता दोनों स्तरों पर लगातार अभियान चलाकर सड़क सुरक्षा को जनभागीदारी का अभियान बनाया जाए, जिससे जिले में दुर्घटनाओं और जनहानि में उल्लेखनीय कमी लाई जा सके।
बैठक में डीसीपी ट्रैफिक प्रतीक गहलोत, अतिरिक्त निगम आयुक्त रविंद्र यादव, एसडीएम बादशाहपुर संजीव सिंगला, एसडीएम गुरुग्राम हितेंद्र कुमार, एसडीएम पटौदी दिनेश लुहाच, एसडीएम मानेसर दर्शन यादव, एसीपी ट्रैफिक सत्यपाल यादव, एडीटीओ हरेंद्र वीर, एनएचएआई के अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।