{"_id":"6a956ee2bf0cb2565202b58c","slug":"the-anti-encroachment-portal-has-proven-to-be-an-effective-medium-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-99545-2026-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: एंटी-एन्क्रोचमेंट पोर्टल प्रभावी माध्यम साबित हुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: एंटी-एन्क्रोचमेंट पोर्टल प्रभावी माध्यम साबित हुआ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब तक 15 शिकायतें मिलीं, जियो-टैग्ड फोटो से मिल रही सटीक लोकेशन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) का एंटी-एन्क्रोचमेंट पोर्टल शहर में सार्वजनिक जमीनों को अतिक्रमण मुक्त बनाने में एक प्रभावी माध्यम साबित हो रहा है। पोर्टल पर अब तक करीब 15 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। जीएमडीए के एनफोर्समेंट विंग ने इन शिकायतों को कार्रवाई के लिए संबंधित टीमों को भेज दिया है। इस पोर्टल के माध्यम से शहरवासी सड़कों, फुटपाथों, ग्रीन बेल्ट, ड्रेन और अन्य सार्वजनिक अथवा सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण की सूचना सीधे जीएमडीए तक पहुंचा सकते हैं। शिकायत दर्ज करते समय लाइव, जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प वाली फोटो अपलोड की जा सकती है। इससे अधिकारियों को अतिक्रमण वाले स्थान की सटीक लोकेशन मिलती है और प्रवर्तन टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर सकती है।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई को प्रभावी बनाने में शहरवासियों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। पोर्टल के माध्यम से जमीनी स्तर पर अतिक्रमण की जानकारी मिल रही है और ऐसे स्थानों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) का एंटी-एन्क्रोचमेंट पोर्टल शहर में सार्वजनिक जमीनों को अतिक्रमण मुक्त बनाने में एक प्रभावी माध्यम साबित हो रहा है। पोर्टल पर अब तक करीब 15 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। जीएमडीए के एनफोर्समेंट विंग ने इन शिकायतों को कार्रवाई के लिए संबंधित टीमों को भेज दिया है। इस पोर्टल के माध्यम से शहरवासी सड़कों, फुटपाथों, ग्रीन बेल्ट, ड्रेन और अन्य सार्वजनिक अथवा सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण की सूचना सीधे जीएमडीए तक पहुंचा सकते हैं। शिकायत दर्ज करते समय लाइव, जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प वाली फोटो अपलोड की जा सकती है। इससे अधिकारियों को अतिक्रमण वाले स्थान की सटीक लोकेशन मिलती है और प्रवर्तन टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर सकती है।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई को प्रभावी बनाने में शहरवासियों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। पोर्टल के माध्यम से जमीनी स्तर पर अतिक्रमण की जानकारी मिल रही है और ऐसे स्थानों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन