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Gurugram News: अवैध निर्माण में बिजली कनेक्शन की मांग को अदालत ने किया खारिज
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निचली अदालत के फैसले को दी थी ऊपरी अदालत में चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अवैध रूप से किए गए निर्माण में बिजली कनेक्शन की मांग करने की याचिका को ऊपरी अदालत ने भी खारिज कर दिया है। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश पुनीत सहगल की अदालत ने दिया है। निचली अदालत ने भी बिजली निगम के पक्ष में फैसला दिया था।
शीतला कॉलोनी निवासी मुकेश कुमारी ने अदालत में दायर की याचिका में बताया था कि उन्होंने अपने फ्लैट के लिए 27 अप्रैल 2025 को घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए बिजली निगम में आवेदन किया था लेकिन निगम ने आवेदन को खारिज कर दिया था। उनका कहना है कि आसपास के अन्य मकानों को बिजली कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं।
बिजली निगम की तरफ से दलील दी गई कि याचिकाकर्ता ने भवन बनाने से पहले विभाग से इसकी अनुमति नहीं ली थी। विभाग ने निगम को अवैध रूप से बने भवन पर बिजली कनेक्शन जारी न करने के लिए कहा गया है। हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 के नियमों के अनुसार, कोई स्वीकृत नक्शे या ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट न होने पर बिजली कनेक्शन नहीं दिया जा सकता। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका को खारिज करते टिप्पणी की है कि शहर के अंदर अतिक्रमण और अवैध निर्माण से शहर को सभी तरफ से घेर लिया है। इससे यातायात, सड़क, प्रदूषण के साथ ही पानी सप्लाई जैसी सुविधा में परेशानी हो रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अवैध रूप से किए गए निर्माण में बिजली कनेक्शन की मांग करने की याचिका को ऊपरी अदालत ने भी खारिज कर दिया है। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश पुनीत सहगल की अदालत ने दिया है। निचली अदालत ने भी बिजली निगम के पक्ष में फैसला दिया था।
शीतला कॉलोनी निवासी मुकेश कुमारी ने अदालत में दायर की याचिका में बताया था कि उन्होंने अपने फ्लैट के लिए 27 अप्रैल 2025 को घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए बिजली निगम में आवेदन किया था लेकिन निगम ने आवेदन को खारिज कर दिया था। उनका कहना है कि आसपास के अन्य मकानों को बिजली कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं।
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बिजली निगम की तरफ से दलील दी गई कि याचिकाकर्ता ने भवन बनाने से पहले विभाग से इसकी अनुमति नहीं ली थी। विभाग ने निगम को अवैध रूप से बने भवन पर बिजली कनेक्शन जारी न करने के लिए कहा गया है। हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 के नियमों के अनुसार, कोई स्वीकृत नक्शे या ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट न होने पर बिजली कनेक्शन नहीं दिया जा सकता। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका को खारिज करते टिप्पणी की है कि शहर के अंदर अतिक्रमण और अवैध निर्माण से शहर को सभी तरफ से घेर लिया है। इससे यातायात, सड़क, प्रदूषण के साथ ही पानी सप्लाई जैसी सुविधा में परेशानी हो रही है।