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Gurugram News: प्रदेश का सबसे बढ़ा विस क्षेत्र आज भी सिविल अस्पताल से वंचित
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पीएचसी के भरोसे बदशाहपुर की सेहत, एक साल पहले जमीन मिलने के बावजूद अस्पताल का सपना अधूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। हरियाणा की सबसे बड़ी विधानसभा बदशाहपुर, जहां सबसे ज्यादा मतदाता हैं। आज भी बुनियादी सिविल अस्पताल की कमी से जूझ रहा है। क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था फिलहाल पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) के भरोसे चल रही है, जो बढ़ती आबादी और मरीजों की संख्या के सामने नाकाफी साबित हो रही है। हालात ऐसे हैं कि गंभीर मरीजों को मजबूरी में गुरुग्राम या सोहना के सिविल अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
बदशाहपुर क्षेत्र के अंतर्गत पलड़ा, टिकली, तिगरा, अकलिमपुर, सकतपुर, टिकरी, फाजिलपुर, घसोला, इस्लामपुर, नूरपुर झड़सा सहित कई बड़े गांव आते हैं। इन गांवों की आबादी लाखों में पहुंच चुकी है लेकिन क्षेत्र में आज तक कोई बड़ा सरकारी अस्पताल नहीं बन पाया है। बादशाहपुर से गुरुग्राम सिविल अस्पताल करीब 12 किलोमीटर और सोहना सिविल अस्पताल करीब 17 किलोमीटर दूर है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को गुरुग्राम जाना पड़ता है लेकिन वहां पहुंचने के लिए भारी ट्रैफिक जाम से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार जाम में फंसने के कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है।
सेक्टर-6 में जीएमडीए की ओर से करीब एक साल पहले स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल निर्माण के लिए जमीन भी उपलब्ध करा दी गई थी। जमीन मिलने के बाद भी क्षेत्र को अपना सिविल अस्पताल नहीं मिल पाया है।
अस्पताल की जमीन पर पड़ा कूड़ा
अंसल एसेंशिया के पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुभाष खन्ना ने बताया कि अस्पताल बनने वाली जगह पर कूड़ा पड़ा हुआ है। पलड़ा गांव निवासी अजय यादव का कहना है कि बदशाहपुर जैसे बड़े विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 100 बेड का सिविल अस्पताल होना बेहद जरूरी है। इससे न केवल आसपास के गांवों के लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि गुरुग्राम और सोहना के अस्पतालों पर बढ़ते दबाव को भी कम किया जा सकेगा। वहीं, टीकली गांव निवासी वेद प्रकाश यादव का कहना है कि बादशाहपुर क्षेत्र में पीएसी सेंटर के सहारे सभी स्वास्थ्य सेवाएं नहीं होने से लोगों को पुख्ता इलाज के लिए गुरुग्राम के सिविल अस्पताल में भागना पड़ता है।
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जमीन जीएमडीए की ओर से अलॉट कर दी गई है। विभाग में अस्पताल बनाने की प्रकिया पर काम चल रहा है। आने वाले समय में यहां अस्पताल बनाने का निर्देशानुसार काम शुरू कर दिया जाएगा। - डॉ. लोकवीर, सीएमओ, गुरुग्राम
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संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। हरियाणा की सबसे बड़ी विधानसभा बदशाहपुर, जहां सबसे ज्यादा मतदाता हैं। आज भी बुनियादी सिविल अस्पताल की कमी से जूझ रहा है। क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था फिलहाल पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) के भरोसे चल रही है, जो बढ़ती आबादी और मरीजों की संख्या के सामने नाकाफी साबित हो रही है। हालात ऐसे हैं कि गंभीर मरीजों को मजबूरी में गुरुग्राम या सोहना के सिविल अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
बदशाहपुर क्षेत्र के अंतर्गत पलड़ा, टिकली, तिगरा, अकलिमपुर, सकतपुर, टिकरी, फाजिलपुर, घसोला, इस्लामपुर, नूरपुर झड़सा सहित कई बड़े गांव आते हैं। इन गांवों की आबादी लाखों में पहुंच चुकी है लेकिन क्षेत्र में आज तक कोई बड़ा सरकारी अस्पताल नहीं बन पाया है। बादशाहपुर से गुरुग्राम सिविल अस्पताल करीब 12 किलोमीटर और सोहना सिविल अस्पताल करीब 17 किलोमीटर दूर है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को गुरुग्राम जाना पड़ता है लेकिन वहां पहुंचने के लिए भारी ट्रैफिक जाम से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार जाम में फंसने के कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है।
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सेक्टर-6 में जीएमडीए की ओर से करीब एक साल पहले स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल निर्माण के लिए जमीन भी उपलब्ध करा दी गई थी। जमीन मिलने के बाद भी क्षेत्र को अपना सिविल अस्पताल नहीं मिल पाया है।
अस्पताल की जमीन पर पड़ा कूड़ा
अंसल एसेंशिया के पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुभाष खन्ना ने बताया कि अस्पताल बनने वाली जगह पर कूड़ा पड़ा हुआ है। पलड़ा गांव निवासी अजय यादव का कहना है कि बदशाहपुर जैसे बड़े विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 100 बेड का सिविल अस्पताल होना बेहद जरूरी है। इससे न केवल आसपास के गांवों के लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि गुरुग्राम और सोहना के अस्पतालों पर बढ़ते दबाव को भी कम किया जा सकेगा। वहीं, टीकली गांव निवासी वेद प्रकाश यादव का कहना है कि बादशाहपुर क्षेत्र में पीएसी सेंटर के सहारे सभी स्वास्थ्य सेवाएं नहीं होने से लोगों को पुख्ता इलाज के लिए गुरुग्राम के सिविल अस्पताल में भागना पड़ता है।
जमीन जीएमडीए की ओर से अलॉट कर दी गई है। विभाग में अस्पताल बनाने की प्रकिया पर काम चल रहा है। आने वाले समय में यहां अस्पताल बनाने का निर्देशानुसार काम शुरू कर दिया जाएगा। - डॉ. लोकवीर, सीएमओ, गुरुग्राम