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Gurugram News: सीलिंग पर गदर...पीजी व गेस्ट हाउस के लिए नीति बनाने की मांग
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तोड़फोड़ की कार्रवाई के विरोध में हुई महापंचायत के बाद सड़क पर उतरे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। डीएलएफ फेज-3 स्थित मेट्रो पार्क में बृहस्पतिवार को पीजी व गेस्ट हाउस के खिलाफ सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई के विरोध में महापंचायत की गई। महापंचायत के बाद लोगों ने सड़क पर उतरकर तोड़-फोड़ के विरोध में प्रदर्शन किया। महापंचायत में फैसला हुआ कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह व उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से आग्रह किया जाएगा कि पीजी व गेस्ट हाउस को वैध करने की नीति बनाई जाए।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश पर नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग द्वारा डीएलएफ फेज-3 के मकानों में अवैध रूप से चल रहे पीजी व गेस्ट हाउस में तोड़-फोड़ व सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई से प्रभावित लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। महापंचायत में मौजूद लोगों का कहना था कि हरियाणा सरकार की ओर से निर्धारित फीस या जुर्माने भरने के लिए तैयार हैं। इसके बावजूद प्रदेश सरकार द्वारा उनकी मांग को नजरअंदाज किया जाता है तो दोबारा महापंचायत करके बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
बंद करना गलत, फीस भरने को तैयार
बृहस्पतिवार की सुबह करीब 10 बजे डीएलएफ फेज-3 स्थित मेट्रो पार्क में महापंचायत शुरू हुई। महापंचायत को संबोधित करते हुए डीएलएफ आरडब्ल्यूए के पूर्व प्रधान मदन लाल यादव ने कहा कि अवैध रूप से विकसित कॉलोनी को वैध किया जा रहा है तो प्रदेश सरकार को पीजी व गेस्ट हाउस को वैध करने की नीति बनानी चाहिए। पीजी व गेस्ट हाउस के संचालक सरकार व विभाग की ओर से निर्धारित किए जाने वाले जुर्माना या फीस भरने को तैयार हैं। इन पीजी व गेस्ट हाउस में हरियाणा के अन्य जिलों व प्रदेशों के युवा रहकर आसपास नौकरी कर रहे हैं। ये पीजी व गेस्ट हाउस बंद होते हैं तो उनको रहने के लिए व्यवस्था नहीं होगी। ऐसे में इनको बंद करना गलत है।
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नीति बनने तक रोकी जाए कार्रवाई
महापंचायत में उपस्थित प्रवीण गुप्ता ने कहा कि पीजी व गेस्ट हाउस में दो कमरों का अधिक निर्माण कर दिया तो पानी, बिजली व सीवर की दिक्कत होना शुरू हो गई। आसपास हाईराइज इमारतें बनाकर सैकड़ों की संख्या में फ्लैट बनाए जा रहे हैं लेकिन उनको लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। ईश्वर यादव ने कहा कि दूर-दराज क्षेत्रों से गुरुग्राम की कंपनियों में हजारों की संख्या में युवक-युवतियां नौकरी के लिए आए हैं और उनके ठहरने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से कोई व्यवस्था नहीं है। उनको पीजी व गेस्ट हाउस में सस्ते दाम पर कमरे उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। ऐसे में एक नीति तैयार की जाए, जिसमें पीजी, गेस्ट हाउस को नियमित किया जाए। जब तक पॉलिसी नहीं बन जाती है, तब तक सीलिंग व तोड़फोड़ की कार्रवाई रोकी जाए।
एक जुलाई से शुरू हो सकता है तोड़फोड़ अभियान
पीजी व गेस्ट हाउस में डीटीपीई द्वारा सीलिंग व तोड़फोड़ अभियान एक जुलाई से दोबारा शुरू हो सकता है। डीटीपीई अमित मधोलिया ने पीजी व गेस्ट हाउस में पंफलेट डालने शुरू कर दिए हैं। पीजी व गेस्ट हाउस में रहने वाले लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे 30 जून तक इन्हें खाली करें ताकि सीलिंग व तोड़-फोड़ से वे लोग प्रभावित न हों।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। डीएलएफ फेज-3 स्थित मेट्रो पार्क में बृहस्पतिवार को पीजी व गेस्ट हाउस के खिलाफ सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई के विरोध में महापंचायत की गई। महापंचायत के बाद लोगों ने सड़क पर उतरकर तोड़-फोड़ के विरोध में प्रदर्शन किया। महापंचायत में फैसला हुआ कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह व उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से आग्रह किया जाएगा कि पीजी व गेस्ट हाउस को वैध करने की नीति बनाई जाए।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश पर नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग द्वारा डीएलएफ फेज-3 के मकानों में अवैध रूप से चल रहे पीजी व गेस्ट हाउस में तोड़-फोड़ व सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई से प्रभावित लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। महापंचायत में मौजूद लोगों का कहना था कि हरियाणा सरकार की ओर से निर्धारित फीस या जुर्माने भरने के लिए तैयार हैं। इसके बावजूद प्रदेश सरकार द्वारा उनकी मांग को नजरअंदाज किया जाता है तो दोबारा महापंचायत करके बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
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बंद करना गलत, फीस भरने को तैयार
बृहस्पतिवार की सुबह करीब 10 बजे डीएलएफ फेज-3 स्थित मेट्रो पार्क में महापंचायत शुरू हुई। महापंचायत को संबोधित करते हुए डीएलएफ आरडब्ल्यूए के पूर्व प्रधान मदन लाल यादव ने कहा कि अवैध रूप से विकसित कॉलोनी को वैध किया जा रहा है तो प्रदेश सरकार को पीजी व गेस्ट हाउस को वैध करने की नीति बनानी चाहिए। पीजी व गेस्ट हाउस के संचालक सरकार व विभाग की ओर से निर्धारित किए जाने वाले जुर्माना या फीस भरने को तैयार हैं। इन पीजी व गेस्ट हाउस में हरियाणा के अन्य जिलों व प्रदेशों के युवा रहकर आसपास नौकरी कर रहे हैं। ये पीजी व गेस्ट हाउस बंद होते हैं तो उनको रहने के लिए व्यवस्था नहीं होगी। ऐसे में इनको बंद करना गलत है।
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नीति बनने तक रोकी जाए कार्रवाई
महापंचायत में उपस्थित प्रवीण गुप्ता ने कहा कि पीजी व गेस्ट हाउस में दो कमरों का अधिक निर्माण कर दिया तो पानी, बिजली व सीवर की दिक्कत होना शुरू हो गई। आसपास हाईराइज इमारतें बनाकर सैकड़ों की संख्या में फ्लैट बनाए जा रहे हैं लेकिन उनको लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। ईश्वर यादव ने कहा कि दूर-दराज क्षेत्रों से गुरुग्राम की कंपनियों में हजारों की संख्या में युवक-युवतियां नौकरी के लिए आए हैं और उनके ठहरने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से कोई व्यवस्था नहीं है। उनको पीजी व गेस्ट हाउस में सस्ते दाम पर कमरे उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। ऐसे में एक नीति तैयार की जाए, जिसमें पीजी, गेस्ट हाउस को नियमित किया जाए। जब तक पॉलिसी नहीं बन जाती है, तब तक सीलिंग व तोड़फोड़ की कार्रवाई रोकी जाए।
एक जुलाई से शुरू हो सकता है तोड़फोड़ अभियान
पीजी व गेस्ट हाउस में डीटीपीई द्वारा सीलिंग व तोड़फोड़ अभियान एक जुलाई से दोबारा शुरू हो सकता है। डीटीपीई अमित मधोलिया ने पीजी व गेस्ट हाउस में पंफलेट डालने शुरू कर दिए हैं। पीजी व गेस्ट हाउस में रहने वाले लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे 30 जून तक इन्हें खाली करें ताकि सीलिंग व तोड़-फोड़ से वे लोग प्रभावित न हों।