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Delhi NCR News: सीजेपी प्रदर्शन का चौथे दिन भी असर, 18 मेट्रो स्टेशन बंद, हजारों यात्रियों की बढ़ीं मुश्किलें
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सुरक्षा के बीच नई दिल्ली के कई मार्गों पर बैरिकेडिंग, कार्यालय पहुंचने में लग रहा डेढ़ घंटे तक अतिरिक्त समय
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन का असर चौथे दिन भी राजधानी की जनजीवन पर साफ दिखाई दिया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर नई दिल्ली के 18 प्रमुख मेट्रो स्टेशन बंद रहे, जबकि संसद मार्ग, टॉलस्टॉय रोड, जय सिंह मार्ग और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग तथा यातायात प्रतिबंध जारी रहे। इंटरनेट सेवाओं में व्यवधान के कारण ऑनलाइन कैब बुकिंग, डिजिटल भुगतान और रीयल-टाइम ट्रैफिक अपडेट लेने में भी लोगों को परेशानी हुई।
मेट्रो स्टेशनों के बंद रहने और प्रदर्शन स्थल के आसपास वाहनों की सीमित आवाजाही के चलते हजारों नौकरीपेशा लोग, छात्र, मरीज और अन्य यात्री प्रभावित हुए। कई लोगों को रोजाना एक से तीन किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ रहा है। सामान्य दिनों में 20 से 30 मिनट का सफर अब एक से डेढ़ घंटे अधिक समय ले रहा है। समय पर कार्यालय पहुंचने के लिए कर्मचारियों ने 30 से 45 मिनट पहले घर से निकलना शुरू कर दिया है।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा घेरा बनाए रखा है। प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही सीमित रहने से शुक्रवार को इन क्षेत्रों में लंबे ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। कैब चालकों के प्रदर्शन क्षेत्र से बचने के कारण यात्रियों को पैदल चलने या कई बार वाहन बदलकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।
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एनसीआर के यात्रियों पर सबसे ज्यादा मार
पूर्वी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और द्वारका से आने-जाने वाले यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों को बंद मेट्रो स्टेशन मिलने पर मंडी हाउस या अन्य खुले स्टेशनों तक पैदल जाना पड़ा। इसके बाद ऑटो या दूसरी मेट्रो के सहारे घर पहुंचना पड़ा। ज्यादातर यात्रियों का कहना है कि उनका दैनिक सफर सामान्य दिनों की तुलना में लगभग दोगुना हो गया है।
पुलिसकर्मी भी नहीं बच पाए परेशानी से
यात्रियों के साथ-साथ प्रदर्शन स्थल पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी बैरिकेडिंग और यातायात प्रतिबंधों के कारण ड्यूटी स्थल तक पहुंचने के लिए पैदल चलना पड़ रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के चलते कई वैकल्पिक मार्ग भी प्रभावित हैं।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट फोरम ने जताई चिंता
पब्लिक ट्रांसपोर्ट फोरम ने लगातार मेट्रो स्टेशन बंद रखने पर चिंता व्यक्त की है। फोरम का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है, लेकिन सार्वजनिक परिवहन को लंबे समय तक बाधित रखना आम लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। संगठन ने सुरक्षा और जनसुविधा के बीच बेहतर संतुलन बनाने की मांग की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन का असर चौथे दिन भी राजधानी की जनजीवन पर साफ दिखाई दिया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर नई दिल्ली के 18 प्रमुख मेट्रो स्टेशन बंद रहे, जबकि संसद मार्ग, टॉलस्टॉय रोड, जय सिंह मार्ग और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग तथा यातायात प्रतिबंध जारी रहे। इंटरनेट सेवाओं में व्यवधान के कारण ऑनलाइन कैब बुकिंग, डिजिटल भुगतान और रीयल-टाइम ट्रैफिक अपडेट लेने में भी लोगों को परेशानी हुई।
मेट्रो स्टेशनों के बंद रहने और प्रदर्शन स्थल के आसपास वाहनों की सीमित आवाजाही के चलते हजारों नौकरीपेशा लोग, छात्र, मरीज और अन्य यात्री प्रभावित हुए। कई लोगों को रोजाना एक से तीन किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ रहा है। सामान्य दिनों में 20 से 30 मिनट का सफर अब एक से डेढ़ घंटे अधिक समय ले रहा है। समय पर कार्यालय पहुंचने के लिए कर्मचारियों ने 30 से 45 मिनट पहले घर से निकलना शुरू कर दिया है।
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दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा घेरा बनाए रखा है। प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही सीमित रहने से शुक्रवार को इन क्षेत्रों में लंबे ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। कैब चालकों के प्रदर्शन क्षेत्र से बचने के कारण यात्रियों को पैदल चलने या कई बार वाहन बदलकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।
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एनसीआर के यात्रियों पर सबसे ज्यादा मार
पूर्वी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और द्वारका से आने-जाने वाले यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों को बंद मेट्रो स्टेशन मिलने पर मंडी हाउस या अन्य खुले स्टेशनों तक पैदल जाना पड़ा। इसके बाद ऑटो या दूसरी मेट्रो के सहारे घर पहुंचना पड़ा। ज्यादातर यात्रियों का कहना है कि उनका दैनिक सफर सामान्य दिनों की तुलना में लगभग दोगुना हो गया है।
पुलिसकर्मी भी नहीं बच पाए परेशानी से
यात्रियों के साथ-साथ प्रदर्शन स्थल पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी बैरिकेडिंग और यातायात प्रतिबंधों के कारण ड्यूटी स्थल तक पहुंचने के लिए पैदल चलना पड़ रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के चलते कई वैकल्पिक मार्ग भी प्रभावित हैं।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट फोरम ने जताई चिंता
पब्लिक ट्रांसपोर्ट फोरम ने लगातार मेट्रो स्टेशन बंद रखने पर चिंता व्यक्त की है। फोरम का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है, लेकिन सार्वजनिक परिवहन को लंबे समय तक बाधित रखना आम लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। संगठन ने सुरक्षा और जनसुविधा के बीच बेहतर संतुलन बनाने की मांग की है।