{"_id":"697b8419106888852706c5b4","slug":"land-for-job-scam-trial-to-begin-on-march-9-day-to-day-hearings-ordered-delhi-ncr-news-c-340-1-del1004-122036-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"लैंड फॉर जॉब घोटाला: नौ मार्च से शुरू होगा ट्रायल, डे टु डे सुनवाई के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लैंड फॉर जॉब घोटाला: नौ मार्च से शुरू होगा ट्रायल, डे टु डे सुनवाई के निर्देश
विज्ञापन
विज्ञापन
लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अदालत में पेश हुए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में जमीन के बदले नौकरी घोटाले (लैंड फॉर जॉब स्कैम) से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव ने अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर खुद को निर्दोष बताया। दोनों ने आरोपों से इनकार किया और ट्रायल का सामना करने की इच्छा जताई। इस दौरान लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए। उन्होंने व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट की मांग की। अदालत ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को बढ़ती उम्र के आधार पर तथा तेजस्वी यादव को चिकित्सकीय कारणों से उस दिन के लिए राहत प्रदान की। हालांकि, विशेष सीबीआई अदालत ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव को 1 फरवरी से 25 फरवरी के बीच किसी भी तारीख को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पेशी से कम से कम एक दिन पहले अदालत को सूचना देनी होगी।
कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि मामले में ट्रायल 9 मार्च 2026 से शुरू होगा और प्रतिदिन (डे-टू-डे) आधार पर सुनवाई चलेगी। इससे पहले इसी महीने विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। आरोप तय करते हुए अदालत ने कड़ी टिप्पणी की थी कि लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्य आपराधिक सिंडिकेट की तरह काम कर रहे थे। यह एक व्यापक साजिश का हिस्सा था, जिसमें भारतीय रेलवे में सार्वजनिक रोजगार को सौदेबाजी के औजार के रूप में इस्तेमाल किया गया। मामले में कुल 98 जीवित आरोपियों में से 46 के खिलाफ आरोप तय किए हैं, जिनमें लालू परिवार के सदस्य शामिल हैं। 52 आरोपियों को बरी कर दिया है, जबकि 5 आरोपियों का निधन हो चुका है।
Trending Videos
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में जमीन के बदले नौकरी घोटाले (लैंड फॉर जॉब स्कैम) से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव ने अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर खुद को निर्दोष बताया। दोनों ने आरोपों से इनकार किया और ट्रायल का सामना करने की इच्छा जताई। इस दौरान लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए। उन्होंने व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट की मांग की। अदालत ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को बढ़ती उम्र के आधार पर तथा तेजस्वी यादव को चिकित्सकीय कारणों से उस दिन के लिए राहत प्रदान की। हालांकि, विशेष सीबीआई अदालत ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव को 1 फरवरी से 25 फरवरी के बीच किसी भी तारीख को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पेशी से कम से कम एक दिन पहले अदालत को सूचना देनी होगी।
कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि मामले में ट्रायल 9 मार्च 2026 से शुरू होगा और प्रतिदिन (डे-टू-डे) आधार पर सुनवाई चलेगी। इससे पहले इसी महीने विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। आरोप तय करते हुए अदालत ने कड़ी टिप्पणी की थी कि लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्य आपराधिक सिंडिकेट की तरह काम कर रहे थे। यह एक व्यापक साजिश का हिस्सा था, जिसमें भारतीय रेलवे में सार्वजनिक रोजगार को सौदेबाजी के औजार के रूप में इस्तेमाल किया गया। मामले में कुल 98 जीवित आरोपियों में से 46 के खिलाफ आरोप तय किए हैं, जिनमें लालू परिवार के सदस्य शामिल हैं। 52 आरोपियों को बरी कर दिया है, जबकि 5 आरोपियों का निधन हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन