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Delhi NCR News: 54 जोहड़ों को संवारने में जुटा नगर निगम मानेसर, भूजल बढ़ाने पर फोकस
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- 10–11 जोहड़ों पर विकास कार्य शुरू, अतिक्रमण हटाकर जल संरक्षण को दी जा रही प्राथमिकता
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। नगर निगम मानेसर ने मानसून के दौरान वर्षा जल का बेहतर उपयोग करने और भूजल स्तर सुधारने के लिए निगम क्षेत्र के जोहड़ों के विकास का अभियान तेज कर दिया है। निगम की ओर से अतिक्रमण हटाकर जोहड़ों को विकसित किया जा रहा है। इससे बारिश का पानी अधिक से अधिक मात्रा में एकत्र कर भूजल रिचार्ज में लाभ मिल सकेगा। निगम की ओर से इस योजना पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
निगम अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में 54 जोहड़ हैं। मानसून शुरू होने से पहले ही इन सभी जोहड़ों की सफाई कराई गई, जिससे बारिश का पानी बिना किसी रुकावट के इनमें जमा हो सके। फिलहाल करीब 10-11 जोहड़ों को अतिक्रमण मुक्त कर उप पर विकास का कार्य चल रहा है। इसके लिए निगम ने एस्टीमेट तैयार कर निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है।
यह कार्रवाई मुख्य रूप से लाल डोरा क्षेत्र के गांवों में की जा रही है। मानेसर, खोह, भांगरौला, हयातपुर, गढ़ी सहित कई गांवों के जोहड़ों को विकसित किया जाएगा। वहीं, शिकोहपुर गांव में एक गैर-सरकारी संस्था (एनजीओ) के सहयोग से जोहड़ का विकास कराया जाएगा।
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नगर निगम का कहना है कि जोहड़ों के विकास से न केवल वर्षा जल का संरक्षण होगा, बल्कि भूजल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। मानेसर क्षेत्र के कई इलाकों में भूजल लगातार नीचे जा रहा है, जिससे भविष्य में पानी की समस्या और गंभीर हो सकती है। ऐसे में जोहड़ों का संरक्षण और विकास समय की जरूरत है। खोह गांव, नाहरपुर कासन व मानेसर गांव समेत कई इलाकों में भूजल 1000 फूट से भी नीचे पहुंच गया है, ऐसे में इन इलाकों में पानी की काफी समस्या होने लग रही है।
भांगरौला और खोह गांव में जोहड़ों के विकास कार्य की शुरुआत हो चुकी है। निगम का लक्ष्य है कि मानसून के दौरान अधिक वर्षा जल इन जोहड़ों में पहुंचे और धीरे-धीरे जमीन में समाकर भूजल स्तर को बेहतर बनाए।
निगम क्षेत्र के सभी जोहड़ों को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। मानसून को ध्यान में रखते हुए पहले ही जोहड़ों की सफाई कराई गई है और जहां अतिक्रमण था, वहां उसे हटाकर विकास कार्य शुरू किया गया है।-- - प्रदीप सिंह, आयुक्त, नगर निगम मानेसर
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संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। नगर निगम मानेसर ने मानसून के दौरान वर्षा जल का बेहतर उपयोग करने और भूजल स्तर सुधारने के लिए निगम क्षेत्र के जोहड़ों के विकास का अभियान तेज कर दिया है। निगम की ओर से अतिक्रमण हटाकर जोहड़ों को विकसित किया जा रहा है। इससे बारिश का पानी अधिक से अधिक मात्रा में एकत्र कर भूजल रिचार्ज में लाभ मिल सकेगा। निगम की ओर से इस योजना पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
निगम अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में 54 जोहड़ हैं। मानसून शुरू होने से पहले ही इन सभी जोहड़ों की सफाई कराई गई, जिससे बारिश का पानी बिना किसी रुकावट के इनमें जमा हो सके। फिलहाल करीब 10-11 जोहड़ों को अतिक्रमण मुक्त कर उप पर विकास का कार्य चल रहा है। इसके लिए निगम ने एस्टीमेट तैयार कर निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है।
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यह कार्रवाई मुख्य रूप से लाल डोरा क्षेत्र के गांवों में की जा रही है। मानेसर, खोह, भांगरौला, हयातपुर, गढ़ी सहित कई गांवों के जोहड़ों को विकसित किया जाएगा। वहीं, शिकोहपुर गांव में एक गैर-सरकारी संस्था (एनजीओ) के सहयोग से जोहड़ का विकास कराया जाएगा।
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नगर निगम का कहना है कि जोहड़ों के विकास से न केवल वर्षा जल का संरक्षण होगा, बल्कि भूजल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। मानेसर क्षेत्र के कई इलाकों में भूजल लगातार नीचे जा रहा है, जिससे भविष्य में पानी की समस्या और गंभीर हो सकती है। ऐसे में जोहड़ों का संरक्षण और विकास समय की जरूरत है। खोह गांव, नाहरपुर कासन व मानेसर गांव समेत कई इलाकों में भूजल 1000 फूट से भी नीचे पहुंच गया है, ऐसे में इन इलाकों में पानी की काफी समस्या होने लग रही है।
भांगरौला और खोह गांव में जोहड़ों के विकास कार्य की शुरुआत हो चुकी है। निगम का लक्ष्य है कि मानसून के दौरान अधिक वर्षा जल इन जोहड़ों में पहुंचे और धीरे-धीरे जमीन में समाकर भूजल स्तर को बेहतर बनाए।
निगम क्षेत्र के सभी जोहड़ों को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। मानसून को ध्यान में रखते हुए पहले ही जोहड़ों की सफाई कराई गई है और जहां अतिक्रमण था, वहां उसे हटाकर विकास कार्य शुरू किया गया है।