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Delhi NCR News: वसंत कुंज-महरौली मार्ग विवाद पर एनजीटी ने मांगा जवाब
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- याचिकाकर्ता को छह सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल करने की दी अनुमति
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने वसंत कुंज-महरौली क्षेत्र में भूमि उपयोग और मार्ग के इस्तेमाल से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणियां करते हुए संबंधित पक्षों से अतिरिक्त जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने एसडीएम, महरौली द्वारा दाखिल शपथपत्र पर विचार किया, जिसमें विवादित क्षेत्र में भूमि की स्थिति और मार्ग उपयोग से संबंधित सरकारी रुख स्पष्ट किया है।
अदालत ने एसडीएम के इस पक्ष को रिकॉर्ड पर लेते हुए आरएमसी प्लांट कंपनी को चार सप्ताह के अंदर अतिरिक्त जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता को छह सप्ताह के अंदर अपना उत्तर दाखिल करने की अनुमति भी दी गई। शपथपत्र में कहा गया कि राजोकरी गांव के संबंधित खसरों से चर्च मॉल रोड, महरौली तक कोई आधिकारिक सार्वजनिक सड़क मौजूद नहीं है। मौजूदा समय में वाहन वन और रिज क्षेत्र से होकर गुजरने वाले एक कच्चे रास्ते का उपयोग कर रहे हैं।
मोल रोड वसंत कुंज रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी की पीठ ने महरौली के एसडीएम द्वारा दाखिल शपथपत्र पर विचार किया। उसमें बताया गया कि वर्ष 2021 में हुई एक बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि संबंधित मार्ग पर किसी भी व्यक्ति द्वारा यातायात में बाधा नहीं डाली जाएगी, ताकि क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही सुचारू बनी रहे। एसडीएम ने अपने जवाब में कहा कि चर्च रोड, वसंत कुंज सरकारी सड़क है और राजस्व रिकॉर्ड में इसे सार्वजनिक उपयोग की भूमि के रूप में दर्ज किया गया है। संबंधित रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांट ग्राम सभा की भूमि पर स्थित है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने वसंत कुंज-महरौली क्षेत्र में भूमि उपयोग और मार्ग के इस्तेमाल से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणियां करते हुए संबंधित पक्षों से अतिरिक्त जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने एसडीएम, महरौली द्वारा दाखिल शपथपत्र पर विचार किया, जिसमें विवादित क्षेत्र में भूमि की स्थिति और मार्ग उपयोग से संबंधित सरकारी रुख स्पष्ट किया है।
अदालत ने एसडीएम के इस पक्ष को रिकॉर्ड पर लेते हुए आरएमसी प्लांट कंपनी को चार सप्ताह के अंदर अतिरिक्त जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता को छह सप्ताह के अंदर अपना उत्तर दाखिल करने की अनुमति भी दी गई। शपथपत्र में कहा गया कि राजोकरी गांव के संबंधित खसरों से चर्च मॉल रोड, महरौली तक कोई आधिकारिक सार्वजनिक सड़क मौजूद नहीं है। मौजूदा समय में वाहन वन और रिज क्षेत्र से होकर गुजरने वाले एक कच्चे रास्ते का उपयोग कर रहे हैं।
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मोल रोड वसंत कुंज रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी की पीठ ने महरौली के एसडीएम द्वारा दाखिल शपथपत्र पर विचार किया। उसमें बताया गया कि वर्ष 2021 में हुई एक बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि संबंधित मार्ग पर किसी भी व्यक्ति द्वारा यातायात में बाधा नहीं डाली जाएगी, ताकि क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही सुचारू बनी रहे। एसडीएम ने अपने जवाब में कहा कि चर्च रोड, वसंत कुंज सरकारी सड़क है और राजस्व रिकॉर्ड में इसे सार्वजनिक उपयोग की भूमि के रूप में दर्ज किया गया है। संबंधित रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांट ग्राम सभा की भूमि पर स्थित है।