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ग्रेनो: एक साल से 11वीं-12वीं की पढ़ाई का इंतजार, अब दूर होगा संकट; 10 लेक्चरार और सात टीजीटी की होगी नियुक्ति

Wed, 23 Sep 2026 10:53 AM IST
Vijay Singh Pundir अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Published by: Vijay Singh Pundir Updated Wed, 23 Sep 2026 10:53 AM IST
सार

राजकीय इंटर कॉलेज में फिलहाल कक्षा छह से 10वीं तक पढ़ाई हो रही है, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण इन कक्षाओं में भी कई बार नियमित पढ़ाई प्रभावित होती है। इंटर स्तर की कक्षाएं शुरू नहीं होने के कारण आठवीं से 10वीं के बाद छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे स्कूलों का रुख करना पड़ता है।

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10 lecturers and seven TGTs will be appointed at Government Inter College, Dadri
राजकीय इंटर कॉलेज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दादरी के नई आबादी में स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के छात्रों को अब शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। शिक्षकों की पर्याप्त संख्या नहीं होने कारण कॉलेज में पिछले एक साल से 11वीं व 12 वीं की कक्षाएं शुरु हो नहीं सकी है। अब नए पद आने के बाद कक्षाएं शुरू होने का रास्ता साफ दिखाई दे रहा है,लेकिन शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक शिक्षक नहीं मिल जाते तब तक उम्मीद न की जाए। जनपद के कई कॉलेज में मुख्य विषयों के शिक्षक तीन से चार वर्षों से नहीं है। अब तक उन्हें ही नहीं मिल सकें हैं। कॉलेज में जल्द ही एक प्रधानाचार्य, 10 प्रवक्ता और सात टीजीटी की नियुक्ति होगी। इसके अलावा दो कनिष्ठ सहायक और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों भी मिलेंगे।

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बता दें,राजकीय इंटर कॉलेज में फिलहाल कक्षा छह से 10वीं तक पढ़ाई हो रही है, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण इन कक्षाओं में भी कई बार नियमित पढ़ाई प्रभावित होती है। इंटर स्तर की कक्षाएं शुरू नहीं होने के कारण आठवीं से 10वीं के बाद छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे स्कूलों का रुख करना पड़ता है। सरकारी कॉलेज में पढ़ाई की सुविधा होने के बावजूद अभिभावकों को मजबूरी में निजी स्कूलों का विकल्प चुनना पड़ रहा था। वहीं 11वीं और 12वीं की पढ़ाई शुरू होने से अभिभावकों को आर्थिक राहत मिलेगी। निजी स्कूलों में पढ़ाई के लिए अभिभावकों को हर माह करीब चार से पांच हजार रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। वहीं, राजकीय इंटर कॉलेज में छात्र सरकारी फीस पर पढ़ाई कर सकेंगे। इससे खासकर आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों पर शिक्षा का खर्च कम होगा।
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फिलहाल दूसरे कॉलेजों से जोड़े गए चार शिक्षक
शिक्षकों की कमी को देखते हुए फिलहाल चार शिक्षकों को दूसरे कॉलेजों से राजकीय इंटर कॉलेज दादरी से जोड़ा गया है। हालांकि कॉलेज में स्वीकृत पदों के सापेक्ष स्थायी रूप से शिक्षकों की कमी बनी हुई है। इसी वजह से कई कक्षाओं में नियमित पढ़ाई प्रभावित होने की शिकायत सामने आती रही है। उसके बाद भी शिक्षक कम संसाधन भी अच्छा पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
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11वीं-12वीं शुरू होने से बढ़ेगा विकल्प
कॉलेज में 11वीं और 12वीं की पढ़ाई शुरू होने से छात्रों को कक्षा 10वीं के बाद स्कूल बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे उसी परिसर में इंटर तक की शिक्षा पूरी कर सकेंगे। इससे न केवल विद्यार्थियों की पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी, बल्कि अभिभावकों को निजी स्कूलों की फीस और अन्य खर्च से भी राहत मिलेगी।

नए पद जल्द भरे जाएंगे। हर छात्र को कम फीस में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य विभाग की ओर से रखा गया है। - चंद्रशेखर,जिला विद्यालय निरीक्षक

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