सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Arrange ventilators in gyms, now the last hope is from the government

Noida News: जिम्स में व्यवस्थाएं वेंटिलेटर पर, अब आखिरी उम्मीद शासन से

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jun 2026 09:43 PM IST
विज्ञापन
Arrange ventilators in gyms, now the last hope is from the government
ग्रेटर नोएडा के कासना ​स्थित जिम्स में हड़ताल की वजह से बिना इलाज हुए गम्भीर मरीज को अस्पताल की
विज्ञापन
हड़ताल के तीन दिन...

कर्मी की हड़ताल पर जिम्स प्रशासन की लाचारी का दुष्प्रभाव बढ़ा
फिलहाल अस्पताल प्रशासन समस्या के ‘इलाज’ में असफल
ऑपरेशन, प्रसव, सिजेरियन डिलिवरी और जांच शून्य,
300 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया जिनमें कई गंभीर हालात में थे
150 ऑपरेशन टल चुके हैं अब तक
30 से 35 गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए दूसरे अस्पताल जाना पड़ा
03 मरीजों की मौत हो चुकी है आईसीयू में


ग्रेटर नोएडा (संवाद)। आउटसोर्स कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण जिम्स में व्यवस्थाएं अब वेंटिलेटर पर पहुंच गई हैं। तीन दिनों में एक भी ऑपरेशन नहीं हुआ। सी-सेक्शन (सिजेरियन डिलीवरी) भी शून्य रही। प्रसव और जांच भी नहीं हो रहे। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गंभीर मरीजों को भी डिस्चार्ज किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन इस समस्या के इलाज में असफल नजर आ रहा है। बैठकें-वार्ता बेनतीजा साबित हो रहीं। अब आखिरी उम्मीद शासन से है।

स्वास्थ्य सेवाओं की रिपोर्ट
हड़ताल से पहले जिम्स के ओटी में रोजाना जहां 40 से 50 मरीजों का ऑपरेशन होता था। बीते तीन दिन में एक मरीज की सर्जरी नहीं हो सकी। अब तक करीब 140 से 150 ऑपरेशन टल चुके हैं। अस्पताल से अब तक करीब 300 मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। जिनमें कुछ ऐसे भी मरीज शामिल हैं जो गंभीर स्थिति में भर्ती थे। अब अधिकतर वार्ड खाली हो गए हैं। अस्पताल के प्रसूति विभाग में जहां पहले प्रतिदिन 10 से 12 महिलाओं की डिलीवरी होती थी। इनमें से दो से तीन डिलीवरी सी सेक्शन की होती थी। वहीं हड़ताल शुरू होने से बुधवार तक एक भी डिलीवरी नहीं हुई। यानी कुल 30 से 35 गर्भवती महिलाओं को दूसरे अस्पताल भेजा जा चुका है। उल्लेखनीय है कि आईसीयू में भर्ती तीन मरीजों की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

------
आईसीयू के मरीज को गंभीर हालत में डिस्चार्ज किए जाने का आरोप
बुधवार को अस्पताल के बाहर खड़ी सविता ने बताया, ‘हम अपने मरीज को बचाने की उम्मीद लेकर अस्पताल आए थे लेकिन उसे घर ले जाना पड़ रहा है। हालत गंभीर है। मेरे पास इतना पैसा नहीं है कि निजी अस्पताल में इलाज करा सकूं। जो भी जमा-पूंजी थी वह यहीं खर्च हो गया।’ उन्होंने कहा कि मरीज कई दिनों से आईसीयू में भर्ती था। मरीज की स्थिति में जब कोई विशेष सुधार नहीं हो रहा था तब डिस्चार्ज करने को कहा तो डॉक्टरों ने कहा था कि बेड से उतरने के बाद कुछ भी हो सकता हैं। आज (बुधवार को) अचानक डिस्चार्ज कर दिया गया। सविता का कहना है कि वह अब तक डेढ़ लाख रुपये खर्च कर चुकी हैं।
विज्ञापन


---------

कर्मचारियों ने दो घंटे का रखा मौन : बुधवार को हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए करीब दो घंटे का मौन धारण किया।
---------
दोषारोपण
किसी भी चिकित्सक को धमकाया नहीं जा रहा, इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह चालू
किसी भी चिकित्सक को डराया या धमकाया नहीं जा रहा है। नई पर्ची नहीं बन रही है। पुरानी पर्ची के मरीज आ रहे हैं। चिकित्सकों की ओर से इलाज किया जा रहा है। इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह से चालू हैं। आईसीयू, एनआईसीयू, ब्लड बैंक व इमरजेंसी लैब, सिटी स्कैन व एक्सरे की व्यवस्थाएं चालू हैं।
- दिनेश, हड़ताली कर्मचारी।
---------
कर्मचारी डॉक्टरों को काम नहीं करने दे रहे, मरीजों को इलाज के लिए किया जा रा रेफर
हड़ताल के कारण कर्मचारी चिकित्सकों को काम नहीं करने दे रहे हैं। चिकित्सकों को धमका जा रहा है। बाथरूम, ओपीडी आदि नहीं खोलने दे रहे हैं। मरीज के तीमारदार अन्य अस्पताल में मरीजों का इलाज करा सके इसके लिए उनको रेफर किया जा रहा हैं।

-- डॉ. ब्रिगेडियर राकेश कुमार गुप्ता, निदेशक, जिम्स।

ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित जिम्स में हड़ताल की वजह से बिना इलाज हुए गम्भीर मरीज को अस्पताल की

ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित जिम्स में हड़ताल की वजह से बिना इलाज हुए गम्भीर मरीज को अस्पताल की

ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित जिम्स में हड़ताल की वजह से बिना इलाज हुए गम्भीर मरीज को अस्पताल की

ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित जिम्स में हड़ताल की वजह से बिना इलाज हुए गम्भीर मरीज को अस्पताल की

ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित जिम्स में हड़ताल की वजह से बिना इलाज हुए गम्भीर मरीज को अस्पताल की

ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित जिम्स में हड़ताल की वजह से बिना इलाज हुए गम्भीर मरीज को अस्पताल की

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed