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Noida News: आधार लिंकिंग के बाद दो यूएएन के मामले हुए कम
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आधार लिंकिंग के बाद दो यूएएन के मामले हुए कम
हर माह पहुंच रहे केवल पांच-छह प्रकरण, दो यूएएन से पीएफ खाते के ट्रांसफर व दावा निस्तारण में दिक्कतें आती हैं
नोएडा। आधार आधारित सत्यापन व्यवस्था लागू होने के बाद एक कर्मचारी के दो यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यूएएन बनने के मामलों में काफी कमी आई है। ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) के नोएडा कार्यालय में अब ऐसे मामले न के बराबर रह गए हैं। वर्तमान में कार्यालय में हर महीने औसतन पांच से छह ऐसे प्रकरण ही पहुंच रहे हैं।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम सुयश पांडेय ने बताया, वर्तमान में सामने आने वाले अधिकांश मामले पुराने रिकॉर्ड से जुड़े होते हैं। वर्ष 2014 से पहले नौकरी कर चुके कुछ कर्मचारियों के मामलों में दो यूएएन की समस्या सामने आती है। कई बार कर्मचारी नई कंपनी में ज्वाइनिंग के समय अपने पुराने यूएएन की जानकारी नहीं देते थे, जिसके कारण नया यूएएन जनरेट हो जाता था। इससे एक ही व्यक्ति के नाम पर दो यूएएन बन जाते थे और पीएफ खाते के ट्रांसफर व दावा निस्तारण में दिक्कतें आती थीं।
सुयश पांडेय ने बताया, यदि किसी कर्मचारी के नाम पर दो यूएएन सक्रिय हैं तो उसे संबंधित ईपीएफओ कार्यालय में आवेदन देना होगा। आवेदन प्राप्त होने के बाद विभागीय स्तर पर मामले की जांच की जाती है और दोनों खातों का सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है। ऐसे मामलों के निस्तारण में लगने वाला समय प्रत्येक प्रकरण की परिस्थितियों, उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित प्रतिष्ठानों से प्राप्त जानकारी पर निर्भर करता है। कर्मचारियों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि नौकरी बदलने के दौरान अपने पुराने यूएएन की जानकारी नई कंपनी को अवश्य दें। साथ ही आधार, पैन और बैंक खाते से संबंधित विवरण अद्यतन रखें, ताकि पीएफ खाते के ट्रांसफर, दावा निस्तारण और अन्य सेवाओं में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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हर माह पहुंच रहे केवल पांच-छह प्रकरण, दो यूएएन से पीएफ खाते के ट्रांसफर व दावा निस्तारण में दिक्कतें आती हैं
नोएडा। आधार आधारित सत्यापन व्यवस्था लागू होने के बाद एक कर्मचारी के दो यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यूएएन बनने के मामलों में काफी कमी आई है। ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) के नोएडा कार्यालय में अब ऐसे मामले न के बराबर रह गए हैं। वर्तमान में कार्यालय में हर महीने औसतन पांच से छह ऐसे प्रकरण ही पहुंच रहे हैं।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम सुयश पांडेय ने बताया, वर्तमान में सामने आने वाले अधिकांश मामले पुराने रिकॉर्ड से जुड़े होते हैं। वर्ष 2014 से पहले नौकरी कर चुके कुछ कर्मचारियों के मामलों में दो यूएएन की समस्या सामने आती है। कई बार कर्मचारी नई कंपनी में ज्वाइनिंग के समय अपने पुराने यूएएन की जानकारी नहीं देते थे, जिसके कारण नया यूएएन जनरेट हो जाता था। इससे एक ही व्यक्ति के नाम पर दो यूएएन बन जाते थे और पीएफ खाते के ट्रांसफर व दावा निस्तारण में दिक्कतें आती थीं।
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सुयश पांडेय ने बताया, यदि किसी कर्मचारी के नाम पर दो यूएएन सक्रिय हैं तो उसे संबंधित ईपीएफओ कार्यालय में आवेदन देना होगा। आवेदन प्राप्त होने के बाद विभागीय स्तर पर मामले की जांच की जाती है और दोनों खातों का सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है। ऐसे मामलों के निस्तारण में लगने वाला समय प्रत्येक प्रकरण की परिस्थितियों, उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित प्रतिष्ठानों से प्राप्त जानकारी पर निर्भर करता है। कर्मचारियों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि नौकरी बदलने के दौरान अपने पुराने यूएएन की जानकारी नई कंपनी को अवश्य दें। साथ ही आधार, पैन और बैंक खाते से संबंधित विवरण अद्यतन रखें, ताकि पीएफ खाते के ट्रांसफर, दावा निस्तारण और अन्य सेवाओं में किसी प्रकार की परेशानी न हो।