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Noida News: संगीत, नृत्य और कला के जरिये परोसी बंगाली संस्कृति
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उत्साह, पारंपरिक और सांस्कृतिक धरोहर के साथ मनाया गया बंगाली नववर्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। बंगीय समाज ने सोमवार को बंगाली नववर्ष उत्साह, पारंपरिक और सांस्कृतिक धरोहर के साथ मनाया। सामाजिक संस्था ग्रेटर नोएडा बंगीय समाज (जीएनबीएस) की पहली वर्षगांठ भी मनाई गई। कार्यक्रम में सांस्कृतिक उत्सव के साथ-साथ समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल की घोषणा ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम में संगीत, नृत्य और कला की विविध प्रस्तुतियों ने माहौल को पूरी तरह उत्सवमय बना दिया। मुख्य कलाकारों प्रियांक्षी दास गुप्ता और झिलिक मोदक की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी सुरीली आवाज और भावपूर्ण गायन ने पूरे सभागार में एक अलग ही ऊर्जा भर दी।
कार्यक्रम के दौरान संस्था ने घोषणा की कि वह आठ जरूरतमंद छात्रों की शैक्षणिक जिम्मेदारी उठाएगी। इस कदम को उपस्थित लोगों ने सराहनीय और प्रेरणादायक बताया। यह आयोजन वर्षवरण 1433 के नाम से आयोजित किया गया जिसमें बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। जीएनबीएस की स्थापना वर्ष 2025 में एक धर्मार्थ संस्था के रूप में की गई थी।
संस्था का उद्देश्य ग्रेटर नोएडा में बंगाली संस्कृति को संरक्षित करना, सामाजिक एकता को बढ़ावा देना और शिक्षा, पर्यावरण तथा सामाजिक सद्भाव के क्षेत्र में कार्य करना है। स्थापना के बाद से ही संस्था ने दुर्गा पूजा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी पहचान बनाई है। यह आयोजन सांस्कृतिक उत्सव और सामाजिक जिम्मेदारी का सुंदर संगम बनकर सामने आया जिसने ग्रेटर नोएडा में बंगाली समाज की सक्रियता और योगदान को एक नई पहचान दी।
संस्था के महासचिव पिनाकी कांसबनिक ने बताया कि जीएनबीएस की शुरुआत शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक सेवा के उद्देश्य से की गई थी। एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर संस्था ने अपने कार्यों का विस्तार करते हुए जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सीधे सहयोग देने की पहल की है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में संस्था और अधिक छात्रों को सहायता प्रदान करने की योजना पर काम कर रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। बंगीय समाज ने सोमवार को बंगाली नववर्ष उत्साह, पारंपरिक और सांस्कृतिक धरोहर के साथ मनाया। सामाजिक संस्था ग्रेटर नोएडा बंगीय समाज (जीएनबीएस) की पहली वर्षगांठ भी मनाई गई। कार्यक्रम में सांस्कृतिक उत्सव के साथ-साथ समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल की घोषणा ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम में संगीत, नृत्य और कला की विविध प्रस्तुतियों ने माहौल को पूरी तरह उत्सवमय बना दिया। मुख्य कलाकारों प्रियांक्षी दास गुप्ता और झिलिक मोदक की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी सुरीली आवाज और भावपूर्ण गायन ने पूरे सभागार में एक अलग ही ऊर्जा भर दी।
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कार्यक्रम के दौरान संस्था ने घोषणा की कि वह आठ जरूरतमंद छात्रों की शैक्षणिक जिम्मेदारी उठाएगी। इस कदम को उपस्थित लोगों ने सराहनीय और प्रेरणादायक बताया। यह आयोजन वर्षवरण 1433 के नाम से आयोजित किया गया जिसमें बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। जीएनबीएस की स्थापना वर्ष 2025 में एक धर्मार्थ संस्था के रूप में की गई थी।
संस्था का उद्देश्य ग्रेटर नोएडा में बंगाली संस्कृति को संरक्षित करना, सामाजिक एकता को बढ़ावा देना और शिक्षा, पर्यावरण तथा सामाजिक सद्भाव के क्षेत्र में कार्य करना है। स्थापना के बाद से ही संस्था ने दुर्गा पूजा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी पहचान बनाई है। यह आयोजन सांस्कृतिक उत्सव और सामाजिक जिम्मेदारी का सुंदर संगम बनकर सामने आया जिसने ग्रेटर नोएडा में बंगाली समाज की सक्रियता और योगदान को एक नई पहचान दी।
संस्था के महासचिव पिनाकी कांसबनिक ने बताया कि जीएनबीएस की शुरुआत शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक सेवा के उद्देश्य से की गई थी। एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर संस्था ने अपने कार्यों का विस्तार करते हुए जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सीधे सहयोग देने की पहल की है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में संस्था और अधिक छात्रों को सहायता प्रदान करने की योजना पर काम कर रही है।

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