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खेल में राजनीति कर रहा पाकिस्तान: भारत में होने वाले इस टूर्नामेंट से नाम वापस लिया; अब छह टीमें खेलती दिखेंगी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कराची
Published by: Swapnil Shashank
Updated Thu, 23 Apr 2026 03:52 PM IST
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सार
पाकिस्तान ने सैफ महिला चैंपियनशिप 2026 से अपना नाम वापस लेकर एक बार फिर खेल में राजनीति की एंट्री कर दी है। इससे टूर्नामेंट अब छह टीमों के साथ होगा और पाकिस्तान महिला टीम को बड़ा नुकसान हुआ है, जबकि भारत और बांग्लादेश खिताब के प्रबल दावेदार बने हुए हैं।
पाकिस्तान टीम (फाइल फोटो)
- फोटो : IANS
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विस्तार
दक्षिण एशिया के बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट सैफ विमेंस चैंपियनशिप 2026 से पाकिस्तान ने अपना नाम वापस ले लिया है। पाकिस्तान फुटबॉल फेडरेशन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच बिगड़ते रिश्तों के चलते यह फैसला लिया गया है। यह टूर्नामेंट 25 मई से छह जून तक गोवा के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेला जाना है।
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टूर्नामेंट अब छह टीमों के साथ
पाकिस्तान के हटने के बाद अब इस टूर्नामेंट में कुल 6 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें भारत, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान और मालदीव शामिल हैं। ढाका में हुए ड्रॉ में इन टीमों को दो समूहों में बांटा गया है, जिससे प्रतियोगिता का रोमांच बरकरार रहेगा।
पाकिस्तान के हटने के बाद अब इस टूर्नामेंट में कुल 6 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें भारत, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान और मालदीव शामिल हैं। ढाका में हुए ड्रॉ में इन टीमों को दो समूहों में बांटा गया है, जिससे प्रतियोगिता का रोमांच बरकरार रहेगा।
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पाकिस्तान महिला फुटबॉल को बड़ा झटका
यह फैसला पाकिस्तान महिला फुटबॉल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हाल के वर्षों में टीम धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी कर रही थी और इस टूर्नामेंट को खुद को साबित करने का बड़ा मौका माना जा रहा था। लेकिन एक बार फिर राजनीतिक तनाव ने खेल पर असर डाला और खिलाड़ियों का यह मंच छिन गया।
यह फैसला पाकिस्तान महिला फुटबॉल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हाल के वर्षों में टीम धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी कर रही थी और इस टूर्नामेंट को खुद को साबित करने का बड़ा मौका माना जा रहा था। लेकिन एक बार फिर राजनीतिक तनाव ने खेल पर असर डाला और खिलाड़ियों का यह मंच छिन गया।
पहले भी खेलों से पीछे हट चुका है पाकिस्तान
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने भारत में होने वाले किसी खेल आयोजन से दूरी बनाई हो। इससे पहले भी पाकिस्तान ने पुरुष जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप और एशिया कप में अपनी टीम नहीं भेजी थी। यह लगातार बढ़ती प्रवृत्ति दर्शाती है कि खेल और राजनीति का टकराव दक्षिण एशिया में अभी भी जारी है।
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने भारत में होने वाले किसी खेल आयोजन से दूरी बनाई हो। इससे पहले भी पाकिस्तान ने पुरुष जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप और एशिया कप में अपनी टीम नहीं भेजी थी। यह लगातार बढ़ती प्रवृत्ति दर्शाती है कि खेल और राजनीति का टकराव दक्षिण एशिया में अभी भी जारी है।
भारत और बांग्लादेश पर रहेंगी नजरें
भारत इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम है, जिसने पांच बार खिताब जीता है। वहीं बांग्लादेश ने पिछले दो संस्करण (2022 और 2024) अपने नाम किए हैं। ऐसे में इस बार भी इन दोनों टीमों पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।
भारत इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम है, जिसने पांच बार खिताब जीता है। वहीं बांग्लादेश ने पिछले दो संस्करण (2022 और 2024) अपने नाम किए हैं। ऐसे में इस बार भी इन दोनों टीमों पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

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