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फीफा वर्ल्ड कप 2026 में नया विवाद: राजनीति की एंट्री! ईरान की जगह इटली को खिलाने की मांग; क्या कहते हैं नियम?
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: Swapnil Shashank
Updated Thu, 23 Apr 2026 12:07 PM IST
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सार
फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले ईरान की जगह इटली को शामिल करने का सुझाव सामने आने से नया विवाद खड़ा हो गया है। हालांकि, फिलहाल ईरान टूर्नामेंट का हिस्सा है और फीफा ने किसी बदलाव के संकेत नहीं दिए हैं। नियमों के चलते इटली की एंट्री मुश्किल नजर आ रही है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फीफा अध्यक्ष गियानी
- फोटो : एक्स@WhiteHouse
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विस्तार
फीफा विश्व कप 2026 से पहले एक बड़ा विवाद सामने आया है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक दूत ने सुझाव दिया है कि टूर्नामेंट में ईरान की जगह इटली को शामिल किया जाए। इस प्रस्ताव ने फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर राजनीति की एंट्री को लेकर बहस तेज कर दी है।
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दूत ने खुद किया प्रस्ताव का खुलासा
ट्रंप के विशेष दूत पाओलो जाम्पोली ने इस सुझाव की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि यह प्रस्ताव उन्होंने जियानी इन्फैन्टिनो के सामने रखा। उन्होंने कहा, 'मैं पुष्टि करता हूं कि मैंने ट्रंप और (फीफा अध्यक्ष गियानी) इन्फैन्टिनो से सुझाव दिया कि वर्ल्ड कप में ईरान की जगह इटली को शामिल किया जाए। मैं इटली का रहने वाला हूं और अमेरिका में होने वाले टूर्नामेंट में अज़्ज़ूरी को देखना मेरा सपना है। चार खिताब के साथ उनके पास शामिल होने का मजबूत आधार है।'
ट्रंप के विशेष दूत पाओलो जाम्पोली ने इस सुझाव की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि यह प्रस्ताव उन्होंने जियानी इन्फैन्टिनो के सामने रखा। उन्होंने कहा, 'मैं पुष्टि करता हूं कि मैंने ट्रंप और (फीफा अध्यक्ष गियानी) इन्फैन्टिनो से सुझाव दिया कि वर्ल्ड कप में ईरान की जगह इटली को शामिल किया जाए। मैं इटली का रहने वाला हूं और अमेरिका में होने वाले टूर्नामेंट में अज़्ज़ूरी को देखना मेरा सपना है। चार खिताब के साथ उनके पास शामिल होने का मजबूत आधार है।'
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इटली की गैरमौजूदगी भी बनी चर्चा
चार बार की वर्ल्ड चैंपियन इटली इस बार क्वालिफाई नहीं कर पाई, जो फुटबॉल जगत के लिए बड़ा झटका रहा। लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप से बाहर रहना इटली जैसी बड़ी टीम के लिए चौंकाने वाला है। इसी वजह से यह प्रस्ताव और भी ज्यादा चर्चा में आ गया है।
चार बार की वर्ल्ड चैंपियन इटली इस बार क्वालिफाई नहीं कर पाई, जो फुटबॉल जगत के लिए बड़ा झटका रहा। लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप से बाहर रहना इटली जैसी बड़ी टीम के लिए चौंकाने वाला है। इसी वजह से यह प्रस्ताव और भी ज्यादा चर्चा में आ गया है।
क्या ईरान खेलेगा वर्ल्ड कप?
फिलहाल ईरान टूर्नामेंट का हिस्सा बना हुआ है। टीम पहले ही क्वालिफाई कर चुकी है और उसके ग्रुप मैच अमेरिका में होने तय हैं। हालांकि, पहले ईरान ने यात्रा और राजनीतिक तनाव को देखते हुए अपने मैच दूसरे देश में कराने की मांग की थी, लेकिन फीफा ने अब तक शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं किया है।
फिलहाल ईरान टूर्नामेंट का हिस्सा बना हुआ है। टीम पहले ही क्वालिफाई कर चुकी है और उसके ग्रुप मैच अमेरिका में होने तय हैं। हालांकि, पहले ईरान ने यात्रा और राजनीतिक तनाव को देखते हुए अपने मैच दूसरे देश में कराने की मांग की थी, लेकिन फीफा ने अब तक शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं किया है।
क्या नियमों के तहत संभव है बदलाव?
फीफा के नियमों के मुताबिक, अगर कोई टीम टूर्नामेंट से हटती है तो उसकी जगह दूसरी टीम को शामिल किया जा सकता है। लेकिन यह प्रक्रिया आसान नहीं होती। आमतौर पर उसी महाद्वीप (कॉनफेडरेशन) की टीम को मौका दिया जाता है। ऐसे में अगर ईरान बाहर होता भी है, तो एशियाई टीम को प्राथमिकता मिलने की संभावना ज्यादा है। इस वजह से इटली का शामिल होना फिलहाल बेहद मुश्किल माना जा रहा है।
फीफा के नियमों के मुताबिक, अगर कोई टीम टूर्नामेंट से हटती है तो उसकी जगह दूसरी टीम को शामिल किया जा सकता है। लेकिन यह प्रक्रिया आसान नहीं होती। आमतौर पर उसी महाद्वीप (कॉनफेडरेशन) की टीम को मौका दिया जाता है। ऐसे में अगर ईरान बाहर होता भी है, तो एशियाई टीम को प्राथमिकता मिलने की संभावना ज्यादा है। इस वजह से इटली का शामिल होना फिलहाल बेहद मुश्किल माना जा रहा है।
अभी सिर्फ सुझाव, फैसला बाकी
यह प्रस्ताव अभी केवल एक सुझाव है और इस पर फीफा की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। फीफा के अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने हाल ही में ईरान टीम से मुलाकात के दौरान साफ किया था कि तैयारियां सामान्य रूप से जारी हैं।
यह प्रस्ताव अभी केवल एक सुझाव है और इस पर फीफा की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। फीफा के अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने हाल ही में ईरान टीम से मुलाकात के दौरान साफ किया था कि तैयारियां सामान्य रूप से जारी हैं।

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